हिंदी सेक्स स्टोरी में मैंने अपनी पड़ोसन भाभी जो मेरी बीवी की खास सहेली है, उसकी चूत चुदाई की घटना बताई है. उसका पति उसे बहुत कम चोदता था.
मेरा नाम रोमांश पटेल है लेकिन मेरे दोस्त मुझे कामाबाबा कहते हैं.
मेरी उम्र 28 साल है।
मैं अहमदाबाद में रहने वाला हूँ.
अब हमने नया फ्लैट गांधीनगर में लिया है और वहाँ रहने गए हैं।
यह कामाबाबा सेक्स स्टोरी 2 साल पुरानी है.

स्मिता भाभी, जिनकी उम्र 32 साल है और मेरे दूसरी मंज़िल पर रहती हैं, मेरी वाइफ से उनकी अच्छी दोस्ती है।
मेरी वाइफ के साथ वो सब बात करती थीं।
उसको कई बार मेरी वाइफ ने बताया था कि रोमांश सेक्स में बहुत मज़ा देता है।
लॉकडाउन में घर पे रहने की वजह से मैं कभी-कभी सुन लेता था.
तो मुझे पता चला कि उनके पति उनके साथ सेक्स नहीं करते, महीने में एक बार करते हैं।
स्मिता भाभी का साइज़ 38-32-36 है, कोई भी मर्द उनको देख के चोदना चाहेगा।
जब मैंने सुना कि उनका पति सेक्स नहीं करता तो मुझे उनके साथ सेक्स करने का मन हुआ।
लेकिन यही सोच रहा था कि कैसे।
लॉकडाउन में हम ज़्यादा घुल-मिल गए थे, वो हर शाम हमारे घर आती थीं।
उसी समय मैंने कोशिश की कि वो मेरे घर में आए.
तब मेरी वाइफ नहीं थी.
मुझे मालूम था वो सीधे बेडरूम में ही आएगी.
तो मैंने प्लान बनाया, मैं नहाने चला गया ताकि वो आए तब मुझे न्यूड देख ले।
मेरा प्लान सफल हो गया, उसने मुझे पूरा नंगा, तना हुआ लंड देख लिया।
वो देखती ही रही और सॉरी बोल के चली गई।
फिर उसने एक-दो दिन मुझसे बात नहीं की.
लेकिन वो आती तो मेरे लंड को ही देखती रहती थी।
फिर एक दिन मौका मिलते ही, मैं अकेला था और मेरी वाइफ घर पे नहीं थी, और वो मिलने आईं।
स्मिता, “कैसे हो!”
मैं, “फाइन, आप?”
स्मिता, “फाइन!”
मैं, “आओ अंदर, आपकी दोस्त तो नहीं है!”
और वो बैठ गईं।
फिर मैंने उसको ग्लास में पानी दिया और जानबूझ कर उसके ऊपर गिरा दिया।
वो बातरूम में गई तो मैं देखने पीछे गया और उसको पकड़ लिया और किस करने लगा।
स्मिता, “ये क्या कर रहे हो!”
मैं, “बस, तेरी प्यास बुझा रहा हूँ!”
और मैं ज़ोर से पकड़ के किस करने लगा।
5 मिनट बाद वो गरम हो गईं और साथ देने लगीं।
मैं धीरे-धीरे उनके गाल और कान को काटने लगा और नेक पर भी किस करने लगा।
वो गरम थी लेकिन बोल रही थी, “ये गलत है रोमांश, छोड़ मुझे, मैं तेरे से बड़ी हूँ!”
मैंने कहा, “बड़ी है मगर तू लगती छोटी है!”
और मैं उनके लिप्स चूसने लगा।
धीरे-धीरे वो फुल गरम हो गईं और साथ देने लगी।
फिर मैंने उनके बूब्स को ड्रेस पर से ही खाने लगा, उनके बूब्स बहुत सॉफ्ट और बड़े गोल थे।
मैंने धीरे से कुर्ती निकाली और उनके बूब्स दबाते हुए कमर को किस करने लगा।
लहंगे का नाड़ा खोला, अब वो मेरे सामने ब्रा-पेंटी में थीं।
भाभी मस्त दिख रही थीं, लेकिन शर्मा रही थीं और बार-बार बोल रही थीं, “गलत कर रहे हो! किसी को मालूम पड़ेगा तो इज़्ज़त चली जाएगी हम दोनों की!”
मैं बोला, “कुछ नहीं होगा! तुझे तेरा पति चोदता नहीं है, तू मज़ा ले, बाकी किसी को मालूम नहीं पड़ेगा!”
मैं तब तक पेंटी में हाथ डाल के उनकी चूत को रगड़ रहा था और बूब्स चूसने लगा।
वो बहुत गरम हो गईं और चूत ने तो पानी छोड़ दिया था क्योंकि उनकी चूत की गर्मी बहुत ज़्यादा थी।
मैं, “तू तो अभी से झड़ गई!”
स्मिता, “आज तक रमेश ने मुझे ऐसा किस भी नहीं किया! किस तो छोड़ो, उसने लास्ट 5 साल में मेरी कुर्ती तक नहीं खोली, बस पाजामा उतार के ठोक लेता है और 10 मिनट में सो जाता है!”
मैं, “इसीलिए इतनी गर्मी है तुझमें! आज तेरी सारी गर्मी निकाल दूँगा!”
स्मिता, “जल्दी निकाल! मेरी तो अभी से जान चली जा रही है! तेरा लौड़ा तो दिखा मुझे, तेरी वाइफ उसकी बहुत तारीफ़ करती है, वो सुनके ही मेरा तो निकल जाता था!”
मैं ऐसा सुनते ही उसको लेटा दिया और किस करने लगा।
मैंने धीरे-धीरे उसके बूब्स चूसे और ब्रा-पेंटी निकाल दी।
स्मिता, “प्लीज़ रोमांश, जल्दी मुझे लंड चाहिए! उसको छोड़, लंड दे मुझे!”
मैं, “साली चूतखोर, अभी तो शुरू किया है ये! लंड इतनी जल्दी थोड़ी मिलेगा!”
उसने ज़ोर से मेरा ट्रैक निकाल दिया.
मैंने उसके दो पैर उठाए और चूत पे मुँह मार दिया।
वो चिल्ला रही थी, “प्लीज़, हा, ओह! कभी मेरी चूत किसी ने नहीं चाटी! कम ऑन बेबी, चाट इसे! बहुत मज़ा आ रहा है!”
वो बोल रही थी तो मुझे ज़्यादा जोश आता था और मैं उसकी चूत में ज़ोर से चाट रहा था।
स्मिता, “जल्दी चाट, मैं झड़ने वाली हूँ! प्लीज़ पी जा मेरा रस, चूत को छोड़ना मत राजा, प्लीज़ चाटो और चाटो, पूरा रस पी जाओ!”
और वो झड़ गई।
मैं अभी भी उसकी चाट ही रहा था लेकिन वो शांत हो गई।
थोड़ी देर में वो खड़ी हुई, मुझे धक्का लगा के सुला दिया और लंड से खेलने लगी।
फिर मुझे किस करते-करते वो लंड तक गई और अंडरवियर के ऊपर से ही मसल दिया।
स्मिता, “तेरा बड़ा तना हुआ है! खोल दूँ क्या!”
मैं बोला, “खोल दे भोसड़ी की और चाट के तगड़ा कर इसे!”
वो बोलते ही झट से खोलके मुँह में ले लिया।
क्या चूस रही थी वो!
मैं बोला, “तेरी फ्रेंड भी ऐसा नहीं चूसती, कहाँ से सीखी रंडी तू!”
स्मिता, “पहली बार लंड चूस रही हूँ! रमेश को ऐसा पसंद नहीं है!”
और वह ज़ोर से मेरा लंड चूसने लगी।
लगातार 10 मिनट में तो उसने मेरा पानी निकाल दिया और रस मुँह में चला गया तो वो पी गई।
स्मिता बोलने लगी, “मदरचोद, बोलना तो चाहिए कि निकलने वाला है!”
फिर वो उठी और बोली, “अब मैं घर जाती हूँ, बाकी कभी करेंगे, कोई आ जाएगा!”
मुझे गुस्सा आया और मैंने बेड पर पटक के पूरा लंड एक झटके में चूत में डाल दिया।
वो रोने लगी, “ओय माँ! मुझे बचाओ, बहुत दर्द हो रहा है! फट गई मेरी, मदरचोद तूने क्या किया! उठ भड़वे, फट गई मेरी चूत!”
थॉड़ी देर मैं खड़ा रहा और बोला, “भोसड़ी रंडी, तू कहाँ जाने की बात करती थी, देख चला गया अंदर मेरा!”
वो बोली, “मदरचोद, ऐसे कोई चोदता है! फट गई मेरी, उसका लंड तेरे जितना नहीं और तूने एक झटके में फाड़ दी!”
मैं अब धीरे-धीरे हिलने लगा और उसको किस करने लगा।
वो भी शांत हो गई और मज़े लेने लगी, “अहह, ओहुय रोमांश, मज़ा आ रहा है, करते रहो! बहुत मज़ा आ रहा है! प्लीज़ छोड़ना मत, बस चोदते रहो! अहह हहह! तेरी बीवी लकी है, उसको तेरा लंड मिला!”
मैं बोला, “अब तो तुझे भी मिल गया ना! मज़ा ले अब ज़्यादा! मुझे मालूम है तूने आज तक इतना बड़ा लंड नहीं लिया. चूत कुंवारी थी तेरी!”
स्मिता, “हाँ, वो मादरचोद चोद ही नहीं पाता था, साला भड़वा है! किस करना और बूब्स चूसना, चूत चाटना, वो रंडियाँ करती हैं वैसा बोलता है! अब मैं रंडी हूँ मगर रमेश की नहीं, तेरी! तू अब मुझे कहे वो करूँगी!”
और वो 2-3 बार झड़ गई।
मैंने कहा, “मुझे अब डॉगी स्टाइल करना है।”
वो बोली, “अब बस, तेरी वाइफ आ जाएगी! अब बाद में मैं आऊँगी, तैयार रहना!”
तब हमने कपड़े पहने और वो घर चली गई।
आगे की स्टोरी बाद में लिखूँगा.
मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी कैसी लगी दोस्तो?
मुझे कमेंट्स में बताना।