Xxx गर्ल स्टोरी में मैं मस्त जवान बिंदास लड़की हूँ. हमारी कॉलोनी के एक अंकल अच्छी कद-काठी वाले हैं. मेरा दिल उन पर आ गया और मैं उनके घर पहुँच गयी चुदने.
मेरा नाम हिना है, दोस्तो. मैं 22 साल की हूँ, मस्त जवान हूँ और बोल्ड भी हूँ.
मुझे किसी से भी बात करने में और सेक्सी बात करने में कोई शर्म या झिझक नहीं आती.

मैं बिंदास बोलती हूँ, खूब बहस भी करती हूँ.
बोल बोल कर मैं लोगों के मुंह बंद कर देती हूँ.
मैं झांट किसी की परवाह नहीं करती.
मैं किसी से डरती नहीं हूँ. गन्दी गन्दी बातें भी दिल खोल कर करती हूँ मैं. लंड, बुर, चूत, भोसड़ा सब बोल देती हूँ मैं.
हमारी कॉलोनी में एक अंकल रहते हैं. एक बार एक फंक्शन में मैं उनसे मिली.
वह बहुत ही स्मार्ट, हैंडसम और गोरे चिट्टे थे.
अच्छी कद-काठी वाले थे.
उनका नाम है रजनीश गुप्ता.
यह Xxx गर्ल स्टोरी इन्हीं रजनीश अंकल की है.
उनको मैंने बोलते हुए सुना, बात करते हुए सुना और कई बार सुना.
वह हिंदी भी अच्छी बोलते थे और इंग्लिश भी. मैं उनसे बहुत प्रभावित थी.
एक दिन मैं हिम्मत करके उनके घर पहुँच गई.
तब मुझे बहुत सी बातें उनके बारे में मालूम हुई.
मुझे पता चला कि वो बहुत पढ़े-लिखे हैं और एक डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर हैं.
घर में अकेले ही रहते हैं. शादी उन्होंने की नहीं, लेकिन लड़कियों के बीच काफी रहते हैं और लड़कियों के बीच में काफी पॉपुलर भी हैं. लड़कियां उनके घर खूब आती-जाती रहती हैं.
पहले तो मैं समझती थी कि लड़कियां पढ़ने आती होंगी.
लेकिन धीरे-धीरे पता चला कि लड़कियां सिर्फ पढ़ने ही नहीं आतीं, बल्कि अंकल के लंड का मज़ा लूटने भी आती हैं.
मुझे ये सब बातें आफरीन ने बताईं, जो खुद अंकल के लंड का मज़ा लेती थी, उसके लंड से खेलती थी और लंड भकाभक पेलवाती थी अपनी चूत और गांड में.
आफरीन केवल अंकल से नहीं, बल्कि कॉलेज के कई लड़कों से चुदवाती थी.
यहाँ तक कि उसने 2/3 टीचरों को भी फंसा रखा था, जिनसे वह अक्सर चुदवाया करती थी.
उसी ने बताया कि मैं कई लोगों से चुदवाती हूँ, पर रजनीश अंकल के लंड जैसा मोटा, तगड़ा और शानदार लंड किसी का नहीं है.
“मैं तो दीवानी हूँ रजनीश अंकल के लंड की!”
बस इस बात ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया.
मेरे दिमाग में आया कि मैं भी क्यों न रजनीश अंकल के लंड की दीवानी बन जाऊँ?
मैं भी तो आफरीन की तरह मस्त जवान हूँ, खूबसूरत हूँ और बोल्ड भी हूँ.
अब तो मुझे रजनीश की पोल-पट्टी मालूम हो गई.
अब तो वह मुझसे कुछ छिपा भी नहीं पाएगा.
मैं फिर रुकी नहीं और अगले ही दिन सवेरे-सवेरे उनके घर पहुँच गई.
अंकल को ड्रिंक्स का बड़ा शौक था.
मैं जब पहुँची तो वह एक नेकर पहने हुए नंगे बदन ड्रिंक्स ले रहे थे.
इत्तिफाक से वह संडे का दिन था, उन्हें कॉलेज जाना भी नहीं था.
उसने मुझे बड़े प्यार से बैठाया और कहा, “हिना, ड्रिंक्स लेती हो कि नहीं?”
मैंने कहा, “हां अंकल, लेती हूँ!”
बस उसने एक पैग मुझे पकड़ा दिया तो मेरी हिम्मत बढ़ने लगी.
मैंने बात करना शुरू किया.
मेरी चूत में तो आग लगी हुई थी.
मैंने सीधे-सीधे पूछा, “आफरीन को जानते हो, अंकल?”
वह थोड़ा रुका फिर बोला, “हां जानता हूँ, बड़ी अच्छी लड़की है.”
“अच्छा तो क्या तुमने कभी उसे बिना कपड़ों के नंगी देखा है?”
वह फिर थोड़ा रुका और बोला, “हां देखा है.”
“अच्छा अब जो पूछ रही हूँ उसका जवाब सही-सही बताना. क्या उसने तुम्हें कभी बिना कपड़ों के नंगा देखा है?”
उसने अपना सिर हिला कर कहा, “हां देखा है.”
इतने में मैं Xxx गर्ल बिखर पड़ी और बोली, “जब उसने नंगी होकर तुमको नंगा देखा है तो फिर आगे क्या हुआ होगा? मुझे सब मालूम हो गया है मादरचोद अंकल! उसने तेरा लंड पकड़ा होगा, लंड चूमा और चाटा होगा, लंड मुंह में डाल कर चूसा भी होगा. तुमने उसकी चुम्मियाँ ली होंगी, उसकी चूचियां दबाई होंगी, उसकी गांड पर हाथ फिराया होगा और उसकी चूत सहलाई होगी. उसके बाद पेला भी होगा तूने लंड?”
“हां हां ये सब हुआ!”
“तो फिर मेरे साथ क्यों नहीं हो सकता, भोसड़ी के अंकल? मैं उससे ज्यादा खूबसूरत हूँ. मेरी चूचियाँ उससे बड़ी हैं, मेरा रंग उससे ज्यादा गोरा है और मैं भी तेरे आगे नंगी-नंगी खड़ी हो सकती हूँ. तुझे भी नंगा कर सकती हूँ.”
“तो फिर कर दो मुझे नंगा? हो जाओ मेरे आगे नंगी. मैं भी तुझे नंगी देखना चाहता हूँ!”
तब तक हम दोनों नशे में चूर हो चुके थे.
मैं फिर उठी और उसके सामने खड़ी होकर एक-एक करके अपने सारे कपड़े उतार डाले. मैं एकदम नंगी-नंगी आगे बढ़ी और उसे भी नंगा कर दिया.
जब वह नंगा हुआ तो उसका लंड पकड़ कर हिलाने लगी.
लंड साला मेरे आगे फुफकारने लगा.
मैंने लंड की चुम्मी ली और मन में कहा — हां आफरीन वाकई सच कह रही थी कि अंकल का लौड़ा सबसे बड़ा और मोटा है. उसका गोरा-गोरा बिना झांट का लंड बड़ा प्यारा लग रहा था मुझे. लम्बा भी था और मोटा तो इतना था कि मेरी एक मुठ्ठी में आ नहीं रहा था.
मैंने दोनों हाथों से उसे पकड़ा और चूमा, फिर मुंह में रख कर चूसने लगी.
उधर अंकल भी मेरे नंगे जिस्म पर हाथ फिराने लगा. बोला, “हिना तुम तो आफरीन से भी ज्यादा हॉट हो. तेरा जिस्म बड़ा सेक्सी है. मेरा मन करता है कि मैं तेरे जिस्म के हर एक जगह लंड पेल दूं!”
मैंने कहा, “अब तो मैं तेरे आगे नंगी हो गई हूँ. अब तो तुम जहाँ चाहो वहाँ पेल दो लंड!”
उसने मेरी चूत का भी स्वाद लिया.
मेरी गांड भी चाटी, मेरी जांघें, मेरी नाभी और मेरे चूतड़ भी चाटे. मैं भी उसके स्पर्श से रोमांचित होती जा रही थी.
आखिर में उसने पेल दिया लंड मेरी चूत में.
बोला, “हिना मैं पहले तेरी चूचियां चोदना चाहता था पर तेरी मस्तानी चूत देख कर मेरा मन बदल गया और मैंने उसी में घुसा दिया लंड. अब मुझे तेरी बुर लेने में बड़ा मज़ा आ रहा है. इतना मज़ा तो मुझे आफरीन की बुर लेने में नहीं आया. तू बहुत मस्त है हिना, तू बहुत बोल्ड है. मुझे उसी लड़की को चोदने में मज़ा आता है जो खुल कर चुदवाए और लौड़े को पूरा मज़ा दे.”
मैं नीचे थी वह ऊपर.
वह ऊपर से धक्के मारे जा रहा था, मैं नीचे से हर धक्के का जवाब देती जा रही थी, अपनी गांड उठा-उठा कर जवाब दे रही थी.
मैंने कहा, “अंकल फाड़ डालो मेरी बुर! तेरा लंड बड़ा ताकतवर है. चीथड़े उड़ा मेरी चूत के, ये ससुरी बिना चुदे मानती नहीं है. जहाँ देखो वहीं अपना मुंह खोल देती है लंड खाने के लिए. इसको कोई दिन-रात लंड खिलाए तो ये भोसड़ी वाली खाती रहेगी. डकार भी नहीं लेगी!”
अंकल मुझे तूफ़ान मेल की तरह चोदे चला रहा था और मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी.
वह बोला, “हिना, तेरी चूत बड़ी टाइट है. मुझे चोदने में खूब मज़ा आ रहा है. लगता है कि तू पहले भी चुदवा चुकी है.”
मैंने कहा, “अरे अंकल, आजकल लड़कियों की चूत कुछ ज्यादा ही आवारा हो गई है. अगर किसी तरह से इसे एक लंड खाने को मिल जाए तो फिर ये पीछे मुड़ कर नहीं देखती. बस लंड खाती ही चली जाती है. मेरी चूत भी ऐसी ही है.”
वह मेरा मतलब समझ गया.
इस बार उसने 2/3 धक्के ऐसे मारे कि मेरी चूत ढीली हो गई; निकल गई सारी गर्मी मेरी चूत की.
फिर मैंने उसका लौड़ा पकड़ कर लौड़े की भी गर्मी निकाल दी.
इस तरह मैं चुद कर चुपचाप घर वापस चली आई.
किसी को कुछ पता ही नहीं चला.
उसके बाद मैंने कई बार अंकल से चुदवाया और मुझे हर बार एक नया मज़ा मिला.
एक दिन जब मैं उससे चुदवा कर वापस आई तो मुझे मालूम हुआ कि मेरी शादी तय हो गई है और इस महीने के अंदर हो भी जाएगी.
मैं सोचने लगी कि अब क्या होगा? क्या किया जाए?
सब लोग काम में लग गए.
मैं भी बिजी हो गई.
मुझे अंकल का लंड पकड़ने तक का मौका नहीं मिल रहा था.
फिर शादी के एक दिन पहले मैंने मन बनाया और सीधे बिना किसी को बताए घर से निकल पड़ी और उसके घर पहुँच गई.
मैंने अंकल के गले में बाहें डाल दीं, उसकी चुम्मियाँ लेने लगी और अपने बदन को उसके बदन से चिपका दिया.
मैंने बड़े प्यार से कहा, “आज मुझे अच्छी तरह चोद लो अंकल! कल से तेरी ये हिना की चूत किसी और की होने वाली है.”
वह बोला, “क्या मतलब हिना?”
मैंने कहा, “कल मेरी शादी है. फिर मेरी सुहागरात होगी और फिर जाने कब तक कहाँ-कहाँ रहना पड़ेगा? पता नहीं शादी के बाद मुझे तेरे लंड के दर्शन होंगे कि नहीं? इसलिए आज खूब जी भर के चोद लो मुझे अंकल. मेरी बुर चोदो, मेरी चूचियां भी चोदो, मेरी गांड भी चोदो, मेरा मुंह भी चोदो और जहाँ-जहाँ चोदना हो वहाँ-वहाँ चोदो पर चोदो. रुको नहीं!”
“आज मैं तेरे आगे एकदम नंगी लेटी हूँ.” ऐसा कह कर मैंने फटाफट अपने सारे कपड़े उतार कर उसके सामने नंगी-नंगी बेड पर अपनी टाँगें फैलाकर लेट गई.
“टाइम कम है, जल्दी करो अंकल! कहीं मेरा फोन बज न उठे? कोई मुझे ढूंढने न लगे.”
फिर मैंने कहा, “अच्छा लो, मैं अपना फोन बंद कर देती हूँ.”
अंकल यह सब सुनकर ताव में आ गया.
उसने फटाफट दो पैग शराब बनाई और नीट बिना पानी के मुझे पिला दी और खुद भी पी लिया.
फिर उसने अपने कपड़े उतारे और चढ़ गया मेरे ऊपर. लंड तो उसका खड़ा हो ही गया था.
फिर क्या — भक्क से पेल दिया लंड मेरी चूत में और पागलों की तरह जुट गया मुझे चोदने में.
मैं तो उतावली थी ही.
मैं भी दिल खोल कर बड़ी बेशर्मी से चुदवाने लगी.
इस बार मुझे कुछ ज्यादा ही मज़ा आने लगा था.
मैं मस्त हुई जा रही थी. मेरी चूत का बाजा बज रहा था और मैं मजे ले रही थी.
लौड़ा जितना अंदर घुसता मुझे उतना ही मज़ा मिलता.
मैं सोचने लगी कि अगर मेरे होने वाले मरद का लौड़ा इतना बढ़िया न हुआ तो क्या होगा? क्या वो मुझे इसी तरह चोद पाएगा? क्या वह इतनी देर तक चोद पाएगा?
फिर मन में एक ख्याल आया कि अगर उसका लौड़ा मेरे मन का न हुआ तो फिर मैं मायके आकर अंकल से खूब चुदवाकर जाया करूँगी. और उसके बाद गैर मर्दों से भी चुदवाने लगूंगी. मैं झांट किसी की परवाह नहीं करूँगी. मुझे तो हर रोज लंड चाहिए लंड.
फिर अंकल ने मुझे पीछे से कुतिया बनाकर चोदा.
मैंने कहा, “हां अंकल, मैं भोसड़ी वाली कुतिया ही हूँ. मैं एक ऐसी कुतिया बनना चाहती हूँ जिसको पीछे से कई कुत्ते खूब घपाघप चोदें. कई कुत्ते मिलकर मेरी बुर चाटें. मेरी चूत में अपना-अपना लौड़ा पेलें!”
इन्हीं सब ख्यालों में खोई हुई अंकल के लंड का मज़ा ले रही थी.
आखिर में उसने मुझे लंड पर बैठा लिया.
फिर मैंने भी तबियत से चोदा उसका लंड. बार-बार अपनी गांड उठा-उठा कर पटकने लगी उसके मादरचोद लंड पर.
इस तरह मैं Xxx गर्ल खूब भकाभक चुद कर घर वापस आ गई.
अगले दिन मेरी शादी हो गई.
मेरी जब सुहागरात हो रही थी तो मुझे अंकल के लंड की खूब याद आ रही थी.
लेकिन मैंने अपने शौहर के सामने ऐसा नाटक किया कि जैसे मेरी चूत अभी अभी फट रही हो.
Xxx गर्ल स्टोरी कैसी लगी?
मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं.