यंग भाभी चुदाई कहानी में मैंने कभी सेक्स नहीं किया था तो फेसबुक पर मैं भाभियों को मेसेज करता था. एक भाभी मेरी दोस्त बन गयी. हम सेक्स की बातें करने लगे.
मेरे प्यारे दोस्तो, मेरा नाम विनोद है।
यह मेरी पहली स्टोरी है जिसमें बता रहा हूँ कि कैसे फेसबुक से मुझे एक भाभी के साथ सेक्स करने का मौका मिला।

बात तीन साल पहले की है।
मैं फेसबुक पर हर भाभी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता रहता था क्योंकि मैंने कभी सेक्स का मजा नहीं लिया था इसलिए मैं सेक्स का मजा लेना चाहता था।
इसी लिए मैंने फेसबुक पर भाभियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजनी शुरू कर दी।
यंग भाभी चुदाई कहानी तब शुरू हुई जब एक दिन एक भाभी ने मेरी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली और वो मेरी ही जाति की थी।
मैंने उनके अबाउट में जाकर देखा, तो उनका मोबाइल नंबर भी वहाँ दिया हुआ था।
फिर मैंने उनका मोबाइल नंबर अपने फोन में सेव कर लिया और भाभी को मैसेज किया।
मैं: हाय!
और मैंने अपना नाम लिखकर भेज दिया।
फिर उन्होंने मैसेज देख तो लिया लेकिन रिप्लाई नहीं दिया।
उसके बाद मैंने उन्हें फिर से “हाय” लिखकर भेजा तो उन्होंने रात को मुझे व्हाट्सएप पर ब्लॉक कर दिया।
लेकिन उन्होंने मुझे फेसबुक पर ब्लॉक नहीं किया था।
इसलिए मैं उन्हें मैसेंजर पर “हाय” करता रहा।
तीन दिन बाद उन्होंने मुझसे फेसबुक पर बात करनी शुरू की।
भाभी: मैं शादीशुदा हूँ और मेरा एक बेटा भी है।
मैं: ये बात मुझे पता है, क्योंकि मैंने आपकी प्रोफाइल देखी थी।
फिर हमने थोड़ी बहुत बात की और उन्होंने मुझे कहा: फोन पर बात करते हैं!
ये सुनकर मैंने जल्दी से अपना नंबर सेंड कर दिया।
उन्होंने भी अपना नंबर भेजा लेकिन मेरे पास बैलेंस नहीं था।
तो मैंने उनसे कहा: आप ही मुझे कॉल करो, मेरे पास बैलेंस नहीं है।
मेरे घर पर वाईफाई था, इसलिए मैं सिर्फ चैट ही कर पा रहा था।
फिर उन्होंने मुझे कॉल किया।
मैं पहली बार किसी भाभी से बात कर रहा था तो मुझे डर लगा और मेरे हाथ-पैर ठंडे हो गए थे।
जब उन्होंने ये महसूस किया तो फोन काट दिया।
बाद में फिर वो फेसबुक पर ही बात करने लगी।
फिर थोड़ी देर बाद मैंने उनसे कहा: फोन करना मुझे!
फिर उन्होंने मुझे फोन किया और हम दोनों बात करने लगे।
इस बार मुझे उनसे बात करने में दिक्कत नहीं हुई।
फिर ऐसे ही थोड़े दिन बात करने के बाद उन्होंने मुझसे मिलने के लिए पूछा।
लेकिन हम दोनों ने अपनी लोकेशन और घर का पता नहीं बताया था, दूसरे एरिया का बताया था।
जब हम मिले, तो उन्होंने बताया: मैं इधर ही रहती हूँ, पास में ही।
मुझे पता चला कि मेरा घर भी उनके घर से सिर्फ पाँच मिनट की दूरी पर ही था।
फिर हम दोनों रोज-रोज मिलने लगे।
हम दोनों पूरा दिन फोन पर बात करते रहते थे।
पहले हम लोग अपने बारे में बात करने लगे।
फिर धीरे-धीरे हम दोनों नॉन-वेज बातें करने लगे।
भाभी के पति की दुकान थी, तो वो पूरा दिन दुकान में ही रहता था इसलिए ही हम पूरा दिन बात कर पाते थे।
फिर एक दिन मैंने भाभी से उनकी सेक्स लाइफ के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया: मेरा और मेरे हस्बैंड का सेक्स छह महीने में एक बार होता है और वो भी सिर्फ दो मिनट में हो जाता है।
वो हमेशा अपने हस्बैंड की बुराई ही करती थी मुझसे।
धीरे-धीरे मैंने उन्हें समझ लिया।
अब मैं उनसे बोलता था: अगर मैं आपका पति होता, तो आपको बहुत सपोर्ट करता!
मैं उनकी कमजोरी को लेकर ही उन्हें हौंसला देता था।
फिर धीरे-धीरे उन्हें मुझसे प्यार हो गया क्योंकि मैं उन्हें हौंसला देता रहता था।
कुछ समय बाद एक दिन ऐसा आया जब उनका बेटा अस्पताल में एडमिट हो गया था।
उस वक्त उनके पास टाइम पास करने के लिए कोई नहीं था तो वो मेरे से ही रात भर बात कर रही थी।
तभी हम दोनों ने एक-दूसरे को प्यार का इजहार कर दिया।
अगली सुबह मैं उनसे अस्पताल में मिलने गया क्योंकि अब वो मेरी गर्लफ्रेंड बन चुकी थी।
अब हम दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करने लगे थे, तो मैं उनको सेक्स के लिए पूछ रहा था।
लेकिन वो मना कर रही थी।
फिर मैंने उन पर एक महीने तक जोर डाला।
उनके घर पर उसका हस्बैंड, बेटा और वो ही रहते थे।
फिर क्रिसमस पर उनका बेटा अपनी बुआ के घर चला गया।
वो न्यू ईयर तक वहाँ गया था।
तब मुझे मौका मिला उनके साथ सेक्स करने का।
उनका हस्बैंड सुबह छह बजे अपनी दुकान पर चला जाता था।
मैं सुबह उठकर उनके घर चला गया।
ज्यादा समय नहीं था हमारे पास तो मैं उनके घर सात बजे तक चला गया।
आठ बजे सब वहाँ घर से बाहर आ जाते थे इसलिए मैं जल्दी-जल्दी सेक्स करके वहाँ से निकल जाने वाला था।
वो मैक्सी में रहती थी और मैक्सी के अंदर ब्रा-पैंटी कुछ नहीं पहनती थी।
जैसे ही मैं उनके घर पहुँचा, हम दोनों ने किस करना शुरू कर दिया।
मैंने उनको दीवार के साथ लगा लिया और ज़ोर-ज़ोर से किस करना शुरू कर दिया।
मैं साथ में उनके बूब्स भी दबाने लगा।
उन्होंने मेरा लंड कपड़ों के ऊपर से ही मसलना शुरू कर दिया, जिससे मेरा लंड एकदम टाइट हो गया।
मेरा सात इंच का लंड देखकर उन्होंने कहा: तुम्हारा तो बहुत बड़ा है!
मैं: तुम्हारे लिए ही है मेरी जान!
फिर मैंने भाभी को नीचे बिठा दिया और अपना मोटा और लंबा लोड़ा उनके मुँह में डाल दिया।
पहले तो मेरा आधा लंड ही उनके मुँह में गया था लेकिन फिर मैंने ज़ोर लगाकर अपना पूरा लंड भाभी के मुँह में ठूँस दिया।
इससे भाभी की आँखों से आँसू आने लगे थे।
भाभी को उल्टी जैसा फील हो रहा था.
लेकिन मुझे भाभी का मुँह चोदकर बहुत मजा आ रहा था।
मुझे मुँह चोदना बहुत अच्छा लगता है और मैं इसी से शुरुआत करता हूँ।
फिर दस-पंद्रह मिनट मैं ऐसे ही भाभी का मुँह चोदता रहा और फिर मैंने अपना सारा पानी उनके मुँह में ही निकाल दिया।
दोस्तों, जब मैं सेक्स करता हूँ, तो मुझे होश नहीं रहता और मैं मदहोश हो जाता हूँ।
सेक्स करते वक्त मैं अपनी पूरी ताकत लगाकर सेक्स करता हूँ।
फिर मैंने उनकी नाइटी ऊपर की और पहली बार किसी औरत की चूत को अपने सामने देखा।
मैंने दो उँगलियाँ उनकी चूत में डालीं, जिससे उनकी “आह्ह..” निकल गई।
फिर मैं अपनी उँगलियाँ अंदर-बाहर करने लगा।
हम दोनों बेड पर लेटे हुए थे।
जब मैंने उनकी चूत में उँगलियाँ अंदर-बाहर कीं, तो वो उठकर मुझसे लिपट गई।
फिर मैंने उसको बेड पर धक्का दे दिया और टाँगें उठाकर अपना लंड उनकी चूत पर रख दिया।
उसके बाद मैंने एक ही झटके में अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया।
अब मैं ज़ोर-ज़ोर से भाभी को चोद रहा था।
मुझे बड़ा मजा आ रहा था और भाभी का मजा भी उसकी सिसकियों से पता चल रहा था।
मैंने काफी देर भाभी की चूत की गर्मी का मजा लिया और फिर मेरा पानी निकलने वाला था।
तब मैंने भाभी से पूछा: भाभी मेरा निकलने वाला है! कहाँ निकालूँ?
भाभी: मेरी चूत के अंदर ना निकाल देना, नहीं तो मैं प्रेग्नेंट हो जाऊँगी!
फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाला और भाभी के मुँह में लंड डाल दिया।
मैंने अपना सारा पानी उनके मुँह में ही निकाल दिया और वो मेरा सारा पानी पी गई।
फिर ऐसे ही अगले पाँच दिन तक मैं भाभी के घर जा-जाकर उनकी चुदाई करता रहा और मजा लिया।
इसके आगे क्या हुआ, वो आपको नेक्स्ट पार्ट में पता चलेगा।
आपको यंग भाभी चुदाई कहानी कैसी लगी?
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