मुँहबोली मौसी से यौनाकर्षण और चुदाई – 3

न्यू वाइफ Xxx कहानी में शादी से पहले मैं चुदाई करना सीख चुका था. मेरी सुहागरात में मैंने अपनी दुल्हन की सील तोड़ी.

दोस्तो, मैं रतन दत्त आपको अपने मित्र संदीप की एक सेक्स कहानी सुना रहा था.
आगे आप उसी से सुनें.

मैं संदीप हूँ मित्रो, सेक्स कहानी के पिछले भाग
पड़ोसन मौसी को चोद पहली चुदाई का मजा लिया
में मैंने आपको बताया था कि पड़ोसन में रहने वाली मेरी मुँहबोली मौसी के साथ मेरे सेक्स संबंध बन गए थे और हम दोनों जब मर्जी चुदाई का मजा लेने लगे थे.
फिर मेरी नौकरी लग गई थी तो हम दोनों में सेक्स कम होने लगा था.

अब आगे न्यू वाइफ Xxx कहानी:

अब शाम को मेरे घर वापस आने के बाद मौसी किसी बहाने मेरे घर आतीं, तो कभी मैं उनके घर चला जाता.
पर सम्भोग के लिए तो क्या ही कहें … चुम्मी लेने के लिए भी एकांत नहीं मिलता था.

जब मौसी मेरे पास से गुजरतीं तो मैं सबकी नज़र बचाकर उनके मस्त कूल्हों पर हाथ फेर देता.

मेरी साप्ताहिक छुट्टी गुरूवार को होती थी, मेरे पिताजी और मौसी के जीजाजी की साप्ताहिक छुट्टी रविवार को थी.
मौसी शाम को कोचिंग क्लास में दो घंटे पढ़ाने जातीं.

मैंने मौसी के साथ विचार विमर्श कर उपाय निकाला.
मौसी गुरूवार को अपनी दीदी के साथ मेरी मां को बाजार भेज देतीं, जिसमें एक डेढ़ घंटे का समय लगने लगा था.

मौसी की दीदी वापस आने के पहले रूपा मौसी को फ़ोन कर देती थीं.
तो हम दोनों अलर्ट हो जाते थे.

मौसी कभी उन्हें पास के सिनेमा टॉकीज़ में सिनेमा देखने भेज देतीं और उनके लिए टिकट मौसी खरीद कर ऑनलाइन उन्हें भेज देतीं.

मौसी मेरे घर सामने के दरवाज़े पर ताला लगाकर पिछले दरवाज़े से आतीं.
हमें हफ्ते में एक बार ही मौका मिलता. हम जमकर सम्भोग करते, साथ नहाते.

जिस दिन मां, मौसी की दीदी दोनों मिल कर सिनेमा देखने जातीं, उस दिन तो आनन्द ही आनन्द आता.

एक दिन मैंने मौसी से पूछा- आपकी दीदी आपको इतना सहयोग क्यों करती हैं? क्या उनको हमारे यौन संबंध के बारे में पता है?
मौसी- हां, दीदी को मालूम है कि एक बार सेक्स का मजा मिलने के बाद बिना सेक्स के बहुत दिन रहना मुश्किल है, उन्हें हमारे संबंध के बारे में पता है.

इस तरह से मौसी के साथ यौन आनन्द लेते दो साल बीत गए.

कभी कभी मौसी के मंगेतर आते, तो मौसी उनके साथ होटल में मजा करने चली जातीं.

एक दिन मौसी ने बताया कि उनके मंगेतर की बहन की शादी हो गयी है, तीन महीने बाद उनकी शादी होगी.
मैंने मौसी को बेमन से बधाई दी और कहा- मेरा क्या होगा? मैं आपके बिना कैसे रहूँगा?

मौसी- तुम शादी कर लो, मैं तुम्हारी मां से बात करती हूँ. तुम अपनी पत्नी को हमारे संबंध के बारे में मत बताना और जब पहली बार पत्नी से सम्भोग करो लंड पर नारियल का तेल लगाकर धीरे धीरे डालना. कुंवारी लड़की को पहले सम्भोग के समय काफी दर्द होता है, खून भी निकलता है, उसका ख्याल रखना.

मैं हंस दिया और मैंने कहा- माना कि आपने मुझे चोदना सिखाया है लेकिन अब मैं हर तरह की चुत की चुदाई के बारे में भली भांति जान चुका हूँ!

फिर मौसी ने मेरी मां को समझाया कि मैं 24 साल का हो गया हूँ, इस उम्र में शादी करने से दोनों में तालमेल ज्यादा होगा.
मेरी मां मान गईं.

वे रिश्तेदार और मित्रों से लड़की ढूंढने कहने लगीं.

मौसी की शादी में मैंने मन लगाकर काम किया.
उधर मां ने मेरे लिए दो लड़कियां देखीं, मैंने मौसी के समान लम्बी नाक वाली लड़की को पसंद किया.

वह 21 उम्र की छरहरी बदन की लड़की थी. उसका फिगर भी काफी अच्छा था.
तब भी वह मौसी के समान भरे बदन की नहीं थी.

मौसी ने बताया था कि वह कम उम्र में छरहरे बदन की लड़की थीं.
मां ने मुझे उससे बात करने का मौका दिया.

हम दोनों एक दूसरे को पसंद आ गए और हमारी शादी हो गयी.

सुहागरात में मैंने पत्नी से कुछ देर बातें कीं … फिर उसे चूमा, फोरप्ले शुरू किया.
मौसी की कृपा से मैं फोरप्ले में माहिर हो गया था.

मेरी पत्नी उत्तेजित हो गयी.
मैंने धीरे धीरे पत्नी के कपड़े उतारे, मैंने ब्रा में लिखा साइज देखा तो उस पर 32 बी लिखा था.
मुझे उसी पल याद आया कि मौसी के मम्मों का साइज 34 सी था.

मेरी पत्नी का बदन काफी सेक्सी था.
कुछ देर बाद मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए.

मेरी पत्नी चित लेटी थी.
मैंने उसके ऊपर चढ़ कर अपना लंड चूत में डालने की कोशिश की.
पर उसकी चूत बहुत टाइट थी. मेरा लंड अन्दर नहीं जा रहा था.

मुझे मौसी की सलाह याद आयी.
मैंने लंड पर नारियल का तेल लगाया, लंड चूत में जाने लगा.

पत्नी पलंग के सिरहाने को हाथ से पकड़ कर आ आ कर रही थी.
मैंने धीरे धीरे करके उसकी चुत में अपना पूरा लंड डाल दिया और रुक कर उसके शांत होने का इन्तजार करने लगा.

कुछ देर बाद शायद मेरी पत्नी का दर्द थोड़ा कम हुआ तो उसने पलंग का सिरहाना छोड़ दिया.
मैं उसे धीरे धीरे चोदने लगा.

पत्नी आंख बंद कर चुदाई का मजा लेने लगी.
न्यू वाइफ Xxx करते हुए काफी देर बाद मैं चूत में झड़ गया.

जब मैं अलग हुआ … तो मैंने देखा कि चादर में खून लगा है.
पत्नी बाथरूम चली गयी.

मैंने चादर हटा कर दूसरी चादर बिछा दी.
मैंने बाथरूम में खून लगी चादर को धोया और सूखने को टांग दिया.

हम दोनों ने कपड़े पहने और सो गए.

सुबह पत्नी ने चादर देखकर हंस कर कहा- उसमें अभी भी खून का निशान दिख रहा है. तुम्हें ठीक से धोना नहीं आता.
मेरी पत्नी ने फिर से चादर धोयी.

दूसरी रात पत्नी ने सम्भोग के समय कमर उछालकर साथ दिया.
मेरी किस्मत अच्छी थी कि मेरी पत्नी यौन क्रीड़ा और सम्भोग में खुलकर साथ देती थी.

हम दोनों लगभग रोजाना सम्भोग करते.
छुट्टी के दिन हम एक दूसरे की मालिश करते, उसके बाद सम्भोग.

कभी कभी रात के अंधरे में पत्नी के साथ सम्भोग करते समय मैं कल्पना करता कि मैं मौसी को चोद रहा हूँ तो सच में मुझे बड़ा मजा आता.

मेरी शादी के दो महीने बाद मौसी पति के साथ दीदी के घर आ गईं.
मैंने पत्नी से उनका परिचय ‘मौसी हैं’ कह कर कराया.

फिर एकांत में मैंने मौसी के कूल्हों पर चपत लगा दी.
मौसी बोलीं- अभी ऐसा मत करना. अब हमारी शादी हो गयी है.

शादी के तीन महीने बाद पत्नी गर्भवती हो गयी.
डॉक्टर ने सलाह दी कि पत्नी के साथ सम्भोग सावधानी से करना. उसके पेट पर वजन नहीं आने देना.

गर्भवती होने के 6 महीने बाद डॉक्टर की सलाह से सेक्स बंद हो गया.
पर मैं खुश था.

ब.च्चे को जन्म देने पत्नी अपने मायके चली गयी, उसने लड़की को जन्म दिया.
ब.च्चा जब दो महीने का हो गया तो मैं पत्नी को ले आया.

मैंने ब.च्चे की फोटो मौसी को भेजी.
मौसी ने मुझे फ़ोन पर बधाई दी.

मैंने जब पूछा कि आप लोगों की ब.च्चे के बारे में क्या प्लानिंग है?
मौसी ने रूखे से स्वर में जबाव देते हुए कहा- कोशिश कर रहे हैं.

मुझे समझ में नहीं आया कि इसमें कोशिश करने जैसा क्या है?

खैर … अब हमारी बेटी दो साल की हो गयी, लोग कहते उसका चेहरा मुझ पर गया है. बेटी की नाक अपनी मां के सामान लम्बी नहीं थी.

मैं परिवार और काम में व्यस्त हो गया, अब कभी कभी ही मौसी से फ़ोन पर बात होती थी.

मुझे फैक्ट्री के काम से एक हफ्ते के लिए मौसी के शहर जाना था, तो मैंने मौसी को फ़ोन कर उनके शहर पहुंचने की तारीख बताई और यह भी बताया कि मैं वहां कितने दिन रहूँगा.
फिर मैंने उनका पता लेकर कहा कि मैं आपसे मिलने आऊंगा.

दूसरे दिन मौसी का फ़ोन आया कि मैंने अपने पति से बात की है, तुम हमारे घर रहोगे.
मैंने कहा- अरे रुकने का रहने दो!
वे बोलीं- नहीं, तेरे मौसा जी ने भी जोर देकर कहा है कि तुम हमारे घर पर ही रहो!

जब मैं मौसी के घर पहुंचा, तो दोनों ने मेरा अच्छा स्वागत सत्कार किया.
उनका दो बेडरूम का फ्लैट सुंदर सजा था.

सुबह नाश्ते के बाद मैं अपने काम पर चला गया.
शाम को जब मैं मौसी के घर गया, मौसा जी घर पर नहीं थे.

मौसी ने चाय के साथ बहुत सारा नाश्ता लगा दिया.
बातें होने लगीं तो मौसी ने बताया- कुछ अर्जेन्ट काम से तेरे मौसा जी शहर के बाहर गए हैं. वे अब 7 दिन बाद लौटेंगे.

मैं खुश था.
मैंने सिगरेट सुलगाई तो उसी सिगरेट को मेरे हाथ से लेकर मौसी भी कश लगाने लगीं.

फिर मौसी बोलीं- आज हम दोनों वोदका पिएंगे. मुझे तुमसे बहुत सारी बातें करनी हैं … तुम जाओ और नहाकर आओ.

मैं- नाश्ता ज्यादा हो गया, डिनर नहीं करेंगे.

फिर हम दोनों पीने बैठे.
एक पैग के बाद हम दोनों ने सिगरेट सुलगा ली, हम दोनों को ही हल्का हल्का न.शा हो गया था.

मौसी- तुमने पूछा था कि हम ब.च्चे के बारे में क्या प्लानिंग कर रहे हैं. हमने बहुत कोशिश की, डॉक्टर से जांच कराने पर पता चला कि पति के शुक्राणु बहुत कम हैं. कृत्रिम गर्भादान के लिए डोनर शुक्राणु की जरूरत पड़ेगी. हम दोनों किसी अनजान पुरुष के शुक्राणु से ब.च्चा पैदा नहीं करना चाहते, न जाने वह पुरुष कैसा होगा!

यह सब कहते वक्त मौसी की आंखों में आंसू आ गए.
मैंने मौसी के पीठ पर हाथ फेरकर कहा- आप लोग ब.च्चा गोद ले सकते हो.

मौसी- मेरे एक रिश्तेदार ने ब.च्चा गोद लिया है, उसे बहुत प्यार दिया. लेकिन उनका वह ब.च्चा बड़ा होकर बहुत ख़राब स्वाभाव का निकला.

मौसी ने दूसरा पैग बनाया और जल्दी पी गईं.

फिर मौसी बोली- ब.च्चा होने के लिए पति ने एक उपाय सोचा, यदि कोई पहचान का अच्छे स्वाभाव का और बुद्धिमान पुरुष के वीर्य से ब.च्चा हो तो ब.च्चा अच्छा होने की संभावना है. पुराने जमाने में इसको नियोग कहते थे, तो मुझे तुम्हारा ख्याल आया.
मैं सिर्फ उन्हें देख रहा था.

मौसी आगे बोली- जब तुमने फ़ोन पर यहां आने की तारीख बताई मुझे ख्याल आया ये मेरा अनसेफ समय है. ब.च्चा होने की संभावना ज्यादा है. मैंने पति से कहा अच्छा पुरुष आ रहा है. मैंने उन्हें तुम्हारा नाम बताकर कहा कि मैं तुम्हें राजी कर लूंगी. उनको हमारे संबंध के बारे में पता नहीं है.

यह सुनकर मैं मौसी की तरफ आशा भरी नजरों से देखने लगा था.

मौसी- तुमको मैं बहुत पसंद करती हूँ, तुम्हारा स्वभाव, बुद्धि बहुत अच्छी है. ब.च्चा पैदा करने में तुम मेरी मदद करोगे? मेरे पति भी इससे सहमत है, इसलिए हमें एकांत देने के लिए वे अपने पिता के घर चले गए हैं. मैं और पति मिलकर ब.च्चे की अच्छी परवरिश करेंगे.

मैं दूसरा पैग पीते समय सोचने लगा कि मौसी ने मुझे सेक्स का आनन्द दिया, मुझे सेक्स के बारे में बहुत कुछ सिखाया. मौसी के कारण ही मेरी सेक्स लाइफ मेरी पत्नी के साथ इतनी सफल है, पर पत्नी के अलावा किसी और से ब.च्चा पैदा करना क्या ठीक है?

मौसी- तुम सात दिन यहां हो, मैं इन सात दिन तुम्हारी पत्नी बनकर रहूंगी, तुम मुझे मौसी नहीं, मेरे नाम रूपा से पुकारोगे, पर यह बात किसी को नहीं बताओगे … अपनी पत्नी को भी नहीं. क्या तुम तैयार हो?
मैं- मैं तैयार हूँ, पर मैं आपकी मांग में सिंदूर भरकर पत्नी बनाऊंगा, फिर सुहागरात होगी. किस्मत में आपसे शादी करना लिखा है.

मौसी- मैं नहाकर तैयार होकर आती हूँ, तुम भी नहाकर तैयार हो जाओ.

हम दोनों अलग अलग बाथरूम में नहाकर आये.
नहाने से नशा कम हो गया था तो मैंने एक पैग और लगा लिया.

फिर मैंने कुरता पजामा पहना, रूपा मौसी अपने बेडरूम में तैयार होकर निकलीं.

रूपा मौसी लाल साड़ी स्लीवलेस ब्लाउज और हल्के मेकअप में बड़ी ही सुंदर लग रही थीं.
मैंने उनकी मांग में सिंदूर भरा, गले लगाकर शादी की बधाई दी.

हम दोनों आलिंगन में बहुत देर खड़े रहे.

मैं रूपा मौसी को हाथ पकड़कर बेडरूम ले गया.
मैं उनको चूमने लगा, उनके बड़े बड़े चूचे दबाने लगा.

फिर पता ही नहीं चला कि कब हमने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए.

रूपा मौसी चित लेट गईं, उनके बदन पर एक भी बाल नहीं थे.
साफ लग रहा था कि मुझसे चुदने के लिए उन्होंने वैक्सिंग कराई थी.

मैं मौसी के चूचे चूसने लगा, चिकनी चूत पर हाथ फेरने लगा.

फिर मैं घुटनों पर उनकी जांघों के बीच बैठ गया और अपना लंड उनकी चूत में पेल दिया.
मैंने पहले भी उनके साथ सम्भोग किया था.

इस बार बस यह फर्क था कि मैंने कंडोम नहीं पहना था.
मैं धीरे धीरे चोदने लगा.
रूपा मौसी के चूचे मस्त डोल रहे थे.

चोदते हुए मैंने कहा- पत्नी के साथ सम्भोग करते समय कभी कभी मैं कल्पना करता हूँ कि रूपा मौसी मैं आपको चोद रहा हूँ. सच कह रहा हूँ यार बड़ा अलग सा मजा आता है!
रूपा मौसी हंस कर बोलीं- स्त्रियां भी कभी कभी ऐसा करती हैं!

मैं- क्या सम्भोग के समय आप मेरी कल्पना करती हो?
रूपा मौसी ने मुस्कुराकर हां में सर हिलाया.

यह सुनकर मेरा जोश बढ़ गया, मैं उन्हें घमासान चोदने लगा.
रूपा मौसी भी कमर हिलाकर साथ देने लगीं.

काफी देर बाद हम दोनों एक साथ झड़े.
मेरा लंड अभी भी मौसी की चूत के अन्दर था.

मैं मौसी के मुलायम गद्दे के समान शरीर पर लेट गया.
मेरा वीर्य चूत में जा रहा था.

मैं- याद है जब सम्भोग के बाद लंड सिकुड़ने लगता था, आप तुरंत मुझे अपने ऊपर से उतरने को कहती थीं कि कहीं कंडोम लीक होकर वीर्य चूत में ना जाए!
रूपा मौसी ने कसकर मुझे पकड़ लिया और कहा कि आज नहीं उतरने दूँगी.

फिर जब लंड सिकुड़ कर बाहर निकला, तब उन्होंने मुझे छोड़ा.
तब रात के 8 बजे थे.

रूपा मौसी थोड़ी देर लेटी रहीं.
फिर हमने फ्रेश होकर हल्का डिनर लिया.

एक घंटा बाद हम दोनों वापस चूमा-चाटी करने लगे.

रूपा मौसी ने आधा खड़ा लंड चूसकर पूरा खड़ा कर दिया.
मैंने उनको घोड़ी बनाकर खड़ी किया, खुद फर्श पर खड़ा होकर चूत चोदने लगा.

इस पोजीशन में लंड ज्यादा अन्दर जा रहा था, कूल्हों पर चांटे मारने लगा.
मैंने पढ़ा था कि झड़ने के समय लंड जितना अन्दर होगा, गर्भ धारण की संभावना उतनी बढ़ जाती है.

इसका कारण यह होता है कि चूत के अन्दर का लिक्विड एसिडिक होता है, वह शुक्राणुओं को गर्भाशाय में जाने से पहले खत्म करता है.
झड़ने के बाद मैं रूपा मौसी की कमर पकड़ कर खड़ा रहा, मेरा लंड छोटा होकर पक की आवाज़ से बाहर निकला, तब मैं हटा.

इन सात रातों में हम दोनों ने जम कर सम्भोग किया.
हम दोनों ने बेडरूम, किचन, साथ नहाते समय, ड्राइंग रूम हर जगह सम्भोग किया.

सात दिन बाद मैंने रूपा मौसी से विदा ली.

एक महीने बाद रूपा मौसी ने फ़ोन पर बताया कि वे गर्भवती हो गयी हैं.
उन्होंने मुझे धन्यवाद दिया.

मौसी ने भी लड़की को जन्म दिया.
जब उनकी बेटी 2 साल की थी, तब वे अपनी दीदी से मिलने आईं, तो मुझसे भी मिलीं.

उनकी बेटी की लम्बी नाक है अपनी मां की तरह … अच्छा हुआ कि वह मेरे समान नहीं दिखती है.

वह अपने पिता (मौसी के पति) से बहुत लाड़ कर रही थी.
मैंने मौसी की बेटी को बहुत प्यार किया.

उसके बाद से जब भी साल दो साल मौसी हमारे शहर आतीं, मुझसे जरूर मिलतीं.
और वे बेटी को साथ नहीं लातीं, कुछ न कुछ बहाना बना देतीं.

मैंने उनसे एक बार कहा, तो मौसी ने मुझे अकेले में समझाया कि मेरी बेटी से तुम्हारा दूर रहना ही सबके लिए बेहतर है.

मेरी बेटी (मेरी और पत्नी की बेटी) अब 22 की हो गयी है और उसकी शादी हो गयी है, वह दूसरे शहर चली गयी.

उसके एक साल बाद मौसी का फ़ोन आया.
उनकी बेटी की शादी की बात चल रही थी.
वह लड़का हमारे शहर में नौकरी करता है.

मौसी बोलीं- पता लगाओ, वह कैसा है?
मैंने लड़के के बारे में पता किया तो लड़का अच्छा था.

मौसी की बेटी की शादी हो गयी.
मैं उसकी शादी में शामिल नहीं हुआ, यह सोचकर कि कहीं भावना में बहकर कुछ कह बैठा, तो और लड़की को पता चला कि मैं उसका पिता हूँ तो उसे बहुत दुःख होगा.

दोस्तो, आपको यह न्यू वाइफ Xxx कहानी कैसी लगी. प्लीज जरूर बताएं.
मुझे मेल भेजते समय कहानी का नाम अवश्य लिखें.
मैंने अनेक कहानियाँ लिखी हैं, तो जबाव देने में आसानी होगी!

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