गरम भाभी फक स्टोरी में मैं सेक्स करना चाहता था पर मेरे पास कोई नहीं थी. मैंने ऑनलाइन एक भाभी से दोस्ती की, वे चुदाई के लिए मचल रही थी क्योंकि उनके पति बाहर रहते थे.
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम राज है. मेरी उम्र 20 साल है.
मेरी कद-काठी काफी अच्छी है और मेरे लंड का साइज काफी अच्छा है. यह 6 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है.
मुझमें देर तक चोदने की काफी अच्छी स्टैमिना भी है.
यह गरम भाभी फक स्टोरी तब की है, जब मैं 19 साल का था.
मुझे सेक्स करने की तीव्र इच्छा हो रही थी पर मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी.
मैं इंस्टाग्राम पर पोर्न ग्रुप्स में वीडियो देखकर अक्सर अपना लंड हिलाता था और कभी-कभी ग्रुप में अपने लंड की तस्वीर भी भेज देता था.

एक दिन किसी भाभी को मेरा लंड पसंद आ गया.
उन्होंने मुझे मैसेज किया और बताया कि उनके पति ज्यादातर बाहर रहते हैं, जिस वजह से वे उनके साथ सेक्स नहीं कर पाती हैं और उन्हें उंगली करके ही काम चलाना पड़ता है.
मैं उनका मैसेज पढ़ कर खुश हो गया कि चलो चुत की जुगाड़ तो हुई.
मैंने उनसे कहा- तो आप बताएं कि मैं आपकी किस तरह से सहायता कर सकता हूँ?
उन्होंने मुझसे कहा- अगर तुम मेरे साथ सेक्स करोगे, तो मैं तुम्हें पैसे भी दूंगी.
पैसे मिलने के नाम पर मैं तुरंत मान गया.
मैंने उनसे बस यही पूछा कि आपको कोई बीमारी तो नहीं है!
वे हंस दीं और बोलीं- उसके लिए तुम कंडोम लगा सकते हो. वैसे मुझे कोई बीमारी नहीं है और मैं भी बिना कंडोम के सेक्स करना पसंद नहीं करूंगी!
हम दोनों के बीच खुल कर बात हुई और मिलने का सारा प्रोग्राम तय हो गया.
कुछ दिन बाद हम दोनों एक होटल में मिले.
वहां कमरे में जाकर हमारी बातें शुरू हुईं और बातों-बातों में ही मेरा लंड खड़ा होने लगा.
भाभी यह देखकर मुस्कुराईं और बोलीं- अपनी पैंट उतारो!
मुझे थोड़ी शर्म भी आ रही थी, पर मैंने बिना सोचे-समझे अपने सारे कपड़े उतार दिए और उनके सामने नंगा खड़ा हो गया.
उन्होंने मेरे मोटे लंड को देखकर हैरानी से कहा- इतना मोटा तो मेरे पति का भी नहीं है. क्या तुम कोई दवाई खाते हो?
मैंने कहा- नहीं, यह बिल्कुल नेचुरल है!
यह कह कर मैं लंड सहलाते हुए उन्हें रिझाने लगा.
आखिर भाभी की वासना भड़क गई और वे नीचे उतर कर घुटनों पर बैठ गईं.
मैं समझ गया कि भाभी मेरे लौड़े को चूसना चाहती हैं.
तो मैंने अपनी टांगें फैला दीं और कमर आगे करके उनके सामने अपने लौड़े को पेश कर दिया.
भाभी ने झट से मेरा लंड अपने मुँह में रख लिया और उसे चूसने लगीं.
अब मैं मजे में सिसकारियां ले रहा था.
कुछ देर बाद मेरा लंड एकदम से अकड़ गया तो मैं उनके सर को पकड़ कर मुँह को ही चोदने लगा.
भाभी पक्की चुसक्कड़ थीं तो वे मेरे लौड़े को अपने गले के अंतिम छोर तक ले रही थीं और अपने हाथों से मेरे टट्टे सहला रही थीं.
लगभग 20 मिनट बाद, मैं भाभी के मुँह में ही झड़ गया और वे मेरा सारा माल पी गईं.
कुछ देर बाद मैंने उनके एक दूध को दबाना शुरू किए.
मैं इधर आपको उनके फिगर के बारे में तथा अन्य बातें बता देता हूँ.
भाभी का नाम वंदना था, उनके मम्मों का साइज 36 इंच का था.
उनकी गांड बिल्कुल गोल-मटोल थी. वे देखने में काफी आकर्षक थीं.
जैसा कि मैंने बताया कि मैं एक बार उनके मुँह में झड़ चुका था, तो अब बारी थी दूसरे राउंड की.
भाभी बेड पर लेट गईं और मुझसे बोलीं- अब तुम मेरी चुत चाटो!
मैं भी तैयार हो गया और 10 मिनट तक उनकी चुत चाटता रहा.
जब उनकी चुत से पानी बहने लगा, तो वे कहने लगीं कि अब वह काम शुरू करो, जिसके लिए तुम इधर आए हो!
मैंने उनकी बात समझ ली कि भाभी अब चुदना चाहती हैं और मैं भी उन्हें पेलने के मूड में आ गया था.
मैंने चुदाई की पोजीशन बनाई और कंडोम चढ़ा कर अपना लंड एकदम से उनके अन्दर पूरा डाल दिया.
मेरा पूरा लौड़ा एक बार में उनकी चुत को फाड़ कर अन्दर घुसा तो वे जोर से चिल्लाने लगीं- आह रुको … आह ऐसे नहीं करो आह … प्लीज मुझे दर्द हो रहा है!
पर मैं उनकी किसी बात को सुनना ही नहीं चाहता था तो मैं नहीं रुका और उनकी तेज-तेज चुदाई करने लगा.
कुछ पल बाद भाभी कराहती हुई बोलीं- आह धीरे-धीरे करो न!
पर मैंने उनकी एक नहीं सुनी.
कुछ देर बाद भाभी को लंड से मजा आने लगा था और वे मुझे साथ देती हुई चुदवाने लगी थीं.
करीब 30 मिनट बाद जब मेरा पानी गिरने वाला था, तो मैंने उनसे पूछा कि कंडोम में गिराऊं या …
वे बोलीं- मुझे चखना है, मेरे मुँह पर गिराओ!
जैसे ही मैंने कंडोम हटा कर लंड को उनकी तरफ किया, मेरा पानी छूटने लगा.
उसी वक्त भाभी ने मुँह खोल दिया और सारा माल उनके मुँह में चला गया.
भाभी ने सारा वीर्य खा लिया और मेरे लौड़े को चूस कर साफ कर दिया.
मुझसे चुदवा कर भाभी जी काफी संतुष्ट नजर आ रही थीं.
कुछ देर तक मस्ती करने के बाद हम दोनों अगले राउंड के लिए रेडी हो गए.
फिर भाभी डॉगी पोज में आ गईं और बोलीं- अब मेरी चुत चोदो!
पर मेरा मन उनकी गांड मारने का था.
मैंने चुत की जगह उनकी गांड में लंड डालने की कोशिश की पर पहली बार में मैं असफल रहा.
भाभी झुंझला कर बोलीं- गांड में नहीं, चुत में डालना है साले!
तब मैंने अपने लंड पर थोड़ा सा तेल लगाया और एक ही झटके में पेल दिया.
मेरा आधा लंड उनकी गांड के अन्दर घुस गया था.
भाभी दर्द के मारे चिल्लाईं- आह्ह!
पर मैंने उनकी एक नहीं सुनी और लगातार गांड मारता रहा.
लगभग 15 मिनट बाद मैंने अपना सारा माल उनकी गांड के अन्दर ही निकाल दिया और वहीं लेट गया.
इसके बाद हम दोनों नंगे ही सो गए.
लगभग रात के 3:00 बजे मेरी आंख पुनः खुल गई और मेरा लंड खड़ा हो गया था.
मैंने उन्हें जगाया और चुदाई के लिए रेडी करने लगा.
मैंने भाभी के एक दूध को अपने मुँह में भर लिया और मसल मसल कर चूसने लगा.
स्त्री की चूचियां सबसे ज्यादा संवेदनशील होती हैं. उन्हें चूसने और सहलाने से वे सबसे जल्दी हीट पर आ जाती हैं.
भाभी मादक आवाजें निकालने लगीं और बोलीं- मस्ती चढ़ रही है क्या? थोड़ी देर रुक जाओ, फिर करेंगे!
मैं बोला- नहीं, अभी करना हैं!
वे मान गईं और बोलीं- इस बार मैं तुम्हारे लंड की सवारी करूंगी!
मैंने ओके कहा और बेड पर सीधा लेट गया. भाभी ने मेरे लौड़े को चूसा और हाथ से मुठिया कर उसकी सख्ती को चैक किया.
फिर भाभी अपनी टांगें मेरी कमर के दोनों बाजू डाल कर लंड के ऊपर अपनी चुत रखकर बैठने लगीं.
उसी दरमियान मैंने नीचे से गांड उठा कर लौड़े को चुत की जड़ तक पेल दिया.
भाभी आह आह करने लगीं और कुछ पल बाद लौड़े पर कूदने लगीं.
मैंने उनके दोनों मम्मों से खेलने लगा.
वे मस्ती से गांड हिलाती हुई लौड़े पर झूला झूल रही थीं.
उनके बड़े-बड़े बूब्स भी जोर जोर से हिल रहे थे.
उनके बूब्स को काफी द्रुत गति से हिलते देखकर मैं बहुत उत्तेजित हो गया था और गांड उठा उठा कर उन्हें चोद रहा था.
कुछ देर बाद गरम भाभी फक करते करते थक गईं और रुक गईं.
मैं समझ गया तो मैंने कहा- अब मैं ऊपर आ जाऊं?
वे बोलीं- हां!
मैंने लंड निकाला और उन्हें बेड पर उल्टा लिटा दिया, पीछे से उनकी चुत में लंड पेल कर मैंने उन्हें ज़ोर-ज़ोर से चोदना चालू कर दिया.
पूरे कमरे में हम दोनों की आह आह और अंग से अंग लड़ने से चुदाई की कामुक आवाज़ गूँज रही थी.
करीब 30 मिनट बाद मेरा वीर्य निकलने को हो गया.
मैंने कंडोम हटाया और उनके पेट पर लंड का रस छोड़ दिया.
वे मुझे देखने लगीं और मेरी आशा के विपरीत से मेरे लंड से निकला सारा वीर्य अपने हाथों से उठा उठा कर चाटने लगीं.
लंड को भी भाभी ने चूस कर साफ कर दिया था.
वे चित लेट गईं.
मैं उठ कर उनके करीब गया और उनके बूब्स चूसना शुरू कर दिए.
इसी दौरान मेरा हथियार फिर से खड़ा होने लगा था.
यह देखकर भाभी बोलीं- तुम्हारे हथियार में तो बहुत ताकत है!
मैं हंस दिया.
भाभी ने पूछा- क्या तुमने मुझसे पहले भी किसी को चोदा है?
मैंने कहा- नहीं भाभी, मैं तो सिर्फ पोर्न देखकर अपना लंड हिलाया करता था. आपने जब मुझे मैसेज किया, तो मेरे मन में लड्डू फूटने लगे थे. मैं आपसे चैट में बात करके भी कभी-कभी हिला लिया करता था.
भाभी हंस कर बोलीं- अच्छी बात है!
मैंने उनके कूल्हे पर हाथ रख कर उसे दबाते हुए अर्थपूर्ण अंदाज में देखा, तो वे मुस्कुरा दीं.
उन्होंने मुझसे कहा- चलो, अब मेरी गांड मारो.
मेरा भी मन हो रहा था.
भाभी- पर आहिस्ता से मारना, बहुत दर्द होता है.
मैंने कहा- ठीक है.
अब मैं भाभी की गांड के साथ खेलने लगा, तेल लगाने लगा और लंड पर कंडोम चढ़ा कर गांड से खेलते खेलते मैंने अपना लंड भाभी की गांड में डाल दिया.
वे आह आह करने लगीं.
मैं धीरे-धीरे उनकी गांड चोदता रहा और जब मुझे लगने लगा कि हाँ अब मस्ती हो गई और वीर्य निकलने वाला है, तो मैंने तेज तेज झटके देना शुरू कर दिए.
करीब 10-20 झटके मारने के बाद मैंने उनकी गांड में ही वीर्य छोड़ दिया, हालांकि कंडोम लगा हुआ था तो वीर्य कंडोम में ही निकल गया था.
अब भाभी बोलीं- चलो अब नहा लेते हैं.
मैं भी थक गया था तो मैंने भी बोला- हां ठीक है.
मैं कमरे के बाथरूम में फ्रेश हो रहा था, तभी भाभी नंगी नहाने लगी थीं.
उन्हें नंगी देखकर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.
मैं फ्रेश भी हो रहा था और उन्हें देखकर अपना लंड भी हिला रहा था.
यह देखकर भाभी बोलीं- हिला क्यों रहे हो? लाओ, मैं चूस देती हूँ!
मैं बोला- ठीक है.
फिर हम लोग करीब आधे घंटे तक ऐसे ही नहाते-नहाते सेक्स करते रहे और फिर झड़ कर बाहर आ गए.
अभी सुबह होने में देर थी तो सो गए. सुबह आठ बजे हम दोनों उठ कर फ्रेश हुए और जाने की तैयारी करने लगे.
भाभी बोलीं- अब जब भी मुझे सेक्स करने का मन होगा, तो मैं तुम्हें बुला लूँगी.
मैंने कहा- हां ठीक है भाभी आपकी सेवा में हमेशा मेरा लंड हाज़िर रहेगा!
यह सुनकर भाभी हंस दीं और हम दोनों किस करके बाहर आ गए.
मैं अपने घर चला गया और भाभी अपने घर चली गईं.
मेरी गरम भाभी फक स्टोरी पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद दोस्तो, प्लीज कमेंट में जरूर बताएं कि आपको मेरी सेक्स स्टोरी कैसी लगी?