अमेच्योर देसी गर्ल हॉट कहानी में हम किराए के घर में आये तो उनकी एक लड़की मुझे पसंद आ गयी लेकिन वह सिरियस रहती थी. वो मेरे साथ कैसे खुली और चुदी?
नमस्कार मित्रो, मेरा नाम पंकज (बदला हुआ) है.
वैसे तो मैं अभी पिछले 3 महीनों से ही अन्तर्वासना की कहानियां पढ़ रहा हूँ, लेकिन अभी पिछले हफ्ते ही मेरे दिमाग में आया कि क्यों न आप सबको भी मेरी सेक्स कहानी का मजा दिया जाए.
ये मेरी पहली सेक्स कहानी है.

अमेच्योर देसी गर्ल हॉट कहानी में पहले मैं आप सभी को अपने बारे में बताता हूँ.
मेरी उम्र 19 साल है, रंग थोड़ा सांवला लेकिन फिर भी दिखने में बढ़िया हूँ. कद 5 फुट 7 इंच का है.
गांव में हमारा मूल घर है, लेकिन हम लोग वर्तमान में शहर में रहते हैं.
उधर हमें एक किराए का मकान लिया हुआ है और उधर हम 4 लोग रहते हैं.
मेरे परिवार में मैं, मेरे पापा-मम्मी और मेरी एक छोटी बहन है.
मैं जहां रहता था, वह घर 2 मंजिला था.
नीचे घर के मालिक और दूसरे किरायेदार रहते थे और ऊपर के माले पर सिर्फ हम लोग रहते थे.
हमारे अलावा ऊपर कोई भी नहीं रहता था.
घर के मालिक की 3 बेटियां थीं और 1 बेटा था.
बेटे का नाम सुरेश (बदला हुआ) था.
वह मेरा खास दोस्त बन गया था.
उसकी जो बीच वाली बहन मधु (बदला हुआ) थी, वह मुझे पहली नजर में ही पसंद आ गई थी.
वह कैसी दिखती थी, ये मैं आगे बताऊंगा.
मैंने उसे देखते ही उसे चोदने का मन बना लिया था.
लेकिन वह साली कभी मुझे भाव ही नहीं देती थी.
अब सुरेश के साथ दोस्ती हो जाने के कारण हम दोनों दोस्त ऊपर छत में सोते थे.
दोनों अलग-अलग खाट लगाकर मस्त चैन से सोते थे.
एक बार क्या हुआ कि मेरा दोस्त सुरेश और उसकी तीनों बहनें कहीं घूमने गए.
एक ही घर में रहने के कारण मेरे पास चारों भाई-बहनों का नंबर था.
वे सब किसी तटीय इलाके में गए थे, जहां समुद्र था.
सबने व्हाट्सएप पर अपने-अपने स्टेटस डाले हुए थे.
मैंने देखा कि मधु ने भी अपना स्टेटस लगाया था.
वह समुद्र की आ रही लहर में लेटी हुई थी और उसी हॉट पोजीशन में उसने अपनी फोटो को खिंचवा कर स्टेटस में लगाई थी.
उस वक्त मैंने उसे पहली बार निक्कर और टी-शर्ट में देखा था.
चूंकि पानी की लहर से उसका पूरा बदन भीग चुका था तो उसके बड़े-बड़े तने हुए मम्मों को देखकर मेरी हालत खराब हो गई थी.
उसका पिछवाड़ा भी एकदम सेक्सी दिख रहा था.
वह एकदम कमसिन कली लग रही थी … एकदम सुपरहॉट माल.
उसे देख कर मेरा लौड़ा तो एकदम से फड़फड़ा उठा था.
मधु तीनों बहनों में बीच वाली थी लेकिन उसका शरीर देख कर लगता नहीं था कि वह मंझली है.
उसका शरीर किसी 21-22 साल की हॉट लौंडिया की तरह लगता था.
वैसे तो मैंने उससे कभी बात की नहीं थी लेकिन उस दिन जैसे-तैसे करके मैंने हिम्मत जुटाई और उसके डाले हुए स्टेटस पर मैंने कमेंट मार दिया.
‘पहली बार किसी मछली को धरती पर तैरते हुए देख रहा हूँ!’
मुझे अन्दर से डर भी लग रहा था लेकिन फिर उसका भी कुछ देर बाद रिप्लाई आ गया- अच्छा जी … मैं मछली लग रही हूँ!
मैंने उसके रिप्लाई को देख कर खुश हो गया और मैंने पलट कर लिख दिया- हां जी!
वह कुछ नहीं बोली.
फिर मैंने उसे लिखा कि अगर बुरा लगा तो सॉरी!
उसने तत्काल लिखा- अरे कोई बात नहीं!
फिर हमारी बातें आगे बढ़ीं.
जैसा कि मैंने आप सभी को बताया था कि वह कभी मुझे भाव नहीं देती थी.
हमारी बातें आगे बढ़ीं तो पता चला कि वह तो एकदम हंसमुख लड़की है.
अब मेरी सोच उसके प्रति बदल गई थी.
फिर मैंने उससे इस बात को पूछा भी- ऐसा क्यों है कि तुम सामने से सबको कुछ और दिखाती हो और पीछे कुछ और ही हो?
उस पर उसने बताया- मेरी मां के गुजरने के बाद से ही मैं ऐसी बन गई थी. मैं चुप चुप सी रहने लगी थी मुझे किसी से बात करना अच्छा नहीं लगता है.
बातें हुईं तो वह काफी देर तक चैट करती रही.
उसने लिखा था कि पहले वह खुलकर सबसे मस्ती-मजाक करती थी, बिना झिझक के.
उसने मुझे अपने बारे में इतना कुछ बता दिया था कि मुझे न जाने क्यों उस पर भरोसा ही नहीं हो रहा था. लग रहा था कि ये वही मधु है जो हमेशा मेरे सामने अपना मुँह एकदम चुप और शांत रखती है, या कोई और लड़की है.
मैंने चैट के बीच में ही एक बार उसे लिख भी दिया था- तुम शायद मधु नहीं, कोई और हो जो चैट कर रही हो!
वह मुझसे बोली- ठीक है बाबा, मैं जब आऊंगी तो मुझसे पूछ कर कन्फर्म भी कर लेना.
मैंने भी ओके कह दिया.
दो दिन बाद वे सब लोग घर वापस आ गए.
मैंने मधु को फोन लगाया और कहा- अब बताओ, मैं कैसे मानूँ कि ये तुम ही हो?
मधु ने कहा- सुरेश के सोने के बाद मुझसे मिलना, मैं सीढ़ियों में आऊंगी, तब आप भी आ जाना और बात करके देख लेना!
मैंने भी वैसा ही किया.
मैं गया तो वह वहीं मेरा इंतजार कर रही थी.
मैंने उसे देखा और उसने मुझे देखा.
फिर उसने मुस्कुरा कर कहा- अब तो भरोसा हो गया न?
मैंने हां में सर हिला दिया.
क्या बताऊं दोस्तों मन तो कर रहा था कि उस साली हॉट सेक्सी मधु को वहीं नंगी करके चोद डालूँ लेकिन मैंने जल्दबाजी न करते हुए वहां से जाना उचित समझा.
अब हमारी बातें कॉल पर रोज़ रात को होने लगीं.
सुरेश के सोने के बाद या उससे पहले ही मैं सुरेश से कह देता कि ‘मेरी गर्लफ्रेंड है’ फिर अपने ऊपर चादर अन्दर डालकर मधु से रात में देर देर तक बातें करता रहता.
हम दोनों की चुत कभी 3 बजे रात तक चलती, तो कभी 4 बजे तक और कभी-कभी सुबह के 6 भी बज जाते थे.
वह मुझसे बड़ी थी, फिर भी वह मुझे ‘आप’ कहकर बुलाती थी.
फिर अब मुझे जब भी उसे देखने का मन करता, तो मैं उसे आधी सीढ़ी पर बुला लेता था.
मैं कभी-कभार उसके गोल-गोल बड़े चूचों को याद करके मुठ मार लेता था और अपने लंड को शांत कर लेता था.
हम दोनों को बात करते-करते लगभग 6 महीने हो चुके थे.
अब हम डबल मीनिंग वाली बातें भी करने लग गए थे.
मुझे लगने लगा था कि ये भी मेरे लंड से चुदने के लिए तैयार हो चुकी है.
आज मैंने सोच लिया था कि आज तो मैं इस मधु को चोद कर ही रहूँगा
मैंने मधु को उस दिन उसी सीढ़ी पर बुलाया.
वह तुरंत मान गई.
आज उसने वही समुद्र वाली निक्कर और टी-शर्ट पहनी हुई थी.
वह क्या मस्त माल लग रही थी दोस्तो, उसके भरे-भरे दूध ऐसे लग रहे थे मानो अभी फट जाएंगे और इनमें भरा हुआ सारा दूध बाहर आ जाएगा.
मैं उसके मम्मों को चूसने के लिए बेताब हुआ जा रहा था.
तभी मैं अचानक उसके करीब गया और उसके गाल खींचने लगा.
वह हंस पड़ी और अपने आप को बचाने लगी.
इतने में ही उसके हाथ में कहीं से एक छिपकली आकर गिर पड़ी.
मधु थोड़ी चीख पड़ी और उसने मुझे कसके पकड़ लिया.
मैं छिपकली को मन ही मन धन्यवाद करता रहा कि जिस काम को मैं नहीं कर पाया, उसे इस छिपकली ने कर दिखाया.
अब मैं उसके पीठ पर हाथ फेरने लगा था.
वह मेरे से और ज्यादा कसके चिपकी जा रही थी.
शायद अब वह भी थोड़ी गर्म हो रही थी.
लेकिन अचानक से उसने मुझे पीछे धकेल दिया और बोली- आज नहीं, फिर कभी!
मेरा लंड जो कि एकदम तन चुका था और इस उम्मीद में बैठा था कि आज इसकी चुत चोदने को मिलेगी, बेचारा निराश हो गया.
फिर मैंने उस रात एक बार वापस उसे याद करके मुठ मार ली.
उसके एक हफ्ते बाद उसने मुझे दिन में ही कह दिया था कि आज रात में सीढ़ियों पर आना.
मैं समझ गया था कि आज इसकी चुत मेरे लंड के सामने माथा टेकने वाली है.
इसीलिए मैंने कंडोम के 3 पैकेट खरीद कर रख लिए थे.
फिर मधु ने मुझे कॉल किया और पूछा- सुरेश सो गया क्या?
मैंने कहा- अभी नहीं.
तो उसने कहा- जब सो जाए, तो बताना.
मैं मन ही मन उसके निप्पल के साइज़ का अनुमान लगाने लगा था.
मैंने सोच लिया था कि आज इस मधु की बच्ची को तो मैं घोड़ी बनाकर इसकी सवारी करूँगा.
फिर जैसे ही सुरेश सो गया, मैंने मधु को आने को कहा और खुद भी नीचे जाने लगा.
मैंने देखा आज भी मधु ने टी-शर्ट और निक्कर में ही थी.
मगर आज उसके चेहरे पर मुस्कान की जगह उदासी थी.
आज पता नहीं क्यों ऐसा था.
वह आधे जीने में बने मोड़ वाले बड़े जीने पर आई और मेरे करीब आते ही मुझसे लिपट गई.
हम दोनों 2 मिनट तक शांत रहे.
फिर मैंने बड़े प्यार से उसे पूछा- क्या हुआ मेरी प्यारी मधु को? आज तुम उदास लग रही हो?
तो उसने बताया कि उसकी घर वालों से कहा-सुनी हो गई है, इसीलिए वह उदास है.
फिर मैंने उसके माथे पर एक किस किया और कहा- तुम ऐसे उदास हो जाओगी तो मेरा क्या होगा?
उसने एक हल्की सी स्माइल दी और उसने भी मेरे सर पर एक किस कर दिया.
वह मुझसे चिपक गई.
फिर मैंने उससे कहा- सिर्फ इसीलिए बुलाया था?
तो उसने कहा- अरे सब्र करो, सब्र का फल मीठा होता है!
फिर उसने अपने होंठ मेरे होंठों से जोड़ दिए.
मैं एकदम चौंक गया.
मैंने उस पर ध्यान न देते हुए जो मिल रहा है, उस पर ध्यान दिया.
अब हमने एक-दूसरे के होंठों को काटना और चूसना शुरू कर दिया था.
कभी वह मेरे होंठ काटती और चूसती, कभी मैं उसके होंठों को काटता और चूसता.
मैंने उसे और गर्म करने के लिए उसके गले और कान में चुम्बन करना शुरू कर दिया था.
वह अब और ज़्यादा गर्म हो गई थी. उसकी सांसें जोर-जोर से चलने लगी थीं.
फिर मुझे रहा नहीं गया तो मैंने उसके दोनों चूतड़ों पर अपने हाथ रख दिए.
उसने मुझे घूर कर देखा लेकिन कुछ नहीं बोली.
फिर मैंने उसे दोबारा किस करना शुरू किया.
साथ-साथ मैं उसकी गांड को उसके निक्कर के ऊपर से ही मसलता जा रहा था.
इतनी देर से एक हॉट लड़की को मसल रहा था, तो मेरे लंड में अकड़न आ गई थी.
और मैं अब जल्द से जल्द उसके दोनों चूचों को देखना चाहता था, जो मुझे उसके टी-शर्ट के अन्दर से ही आवाज़ लगाकर बुला रहे थे कि ‘आओ राजा, और हमें पी जाओ!’
मैंने तुरंत अपना एक हाथ उसकी एक चूची पर रख दिया.
उसने मुझे फिर से घूर कर देखा लेकिन कुछ कहा नहीं.
कुछ पल बाद उसने कहा- ये क्या कर रहे हो?
मैंने मन में सोचा कि साली ड्रामा कर रही है. यदि बुरा लग रहा होता तो एकदम से गुस्सा होकर कुछ सकती थी.
मैंने कहा- तुम्हारे दूध दबाने का मन कर रहा है मैडम!
वह मेरे मुँह से ऐसा सुनकर बोली- तुमको ऐसा करने के लिए क्या मैंने कहा था?
मैंने कहा- नहीं मैडम आपने नहीं कहा था लेकिन आपको यदि बुरा लगा हो तो मैं सॉरी बोलता हूँ.
वह हंस पड़ी और उसने मेरे हाथ को पकड़ कर अपने एक दूध पर रख दिया.
मैंने कुछ नहीं किया बस उसके दूध पर हाथ रखे रहा.
वह बोली- अब दबाओ न!
मैं भी हंस दिया और मैंने किसी ट्रक के हॉर्न के जैसे उसके दूध को दबा दिया.
उसकी आह निकल गई.
दोस्तो, मकान मालिक की हॉट लौंडिया मेरे हाथों में खेल रही थी.
अब उसकी चुदाई कैसे हुई, वह सेक्स कहानी मैं अगले भाग में विस्तार से लिखूँगा.