वर्जिन गर्लफ्रेंड Xxx कहानी में एक लड़की से मेरी पुरानी दोस्ती थी. वो मेरी गर्लफ्रेंड बन गयी. एक बार वह अपने घर में अकेली थी. उसने मुझे बुला लिया.
दोस्तो, यह मेरा पहला सेक्स था।
आज तक मैंने बस वीडियो में चुदाई देखकर हस्तमैथुन किया था.
लेकिन फिर मुझे आखिर मौका मिल ही गया और मैंने अपनी गर्लफ्रेंड की कुंवारी चूत को सुहागन बना डाला!
मेरा नाम प्रिंस है, उम्र 20 साल और मैं दिखने में सांवला हूँ।
मेरे लंड का साइज 7.3 इंच है और मैं बिहार का रहने वाला हूँ।
वर्जिन गर्लफ्रेंड Xxx कहानी ऐसे शुरू हुई कि मैं बचपन से ही एक लड़की को पसंद करता था लेकिन बता नहीं पाया।
फिर 19 की उम्र होते-होते उसी ने मुझे मैसेज किया और इस तरह बातें करते-करते हम रिलेशनशिप में आ गए।

मेरी गर्लफ्रेंड का नाम सपना है, वह 19 साल की है। रंग सांवला और कद-काठी ऐसी कि अच्छे-अच्छों का खड़ा हो जाए। उसका फिगर 34:28:36 है। अब ज्यादा समय न लेते हुए कहानी पे आता हूँ। मेरी नई-नई जवानी बहुत उफान मार रही थी, मुझे बस किसी तरह सेक्स चाहिए था लेकिन सपना को ये सब पसंद नहीं था। हम मिलते भी थे तो बस किस और हग करते थे।
लेकिन एक बार ऐसा हुआ कि उसके घर से सब किसी फंक्शन के लिए दूसरे शहर चले गए।
सपना ने मुझे मैसेज किया कि अकेले डर लगता है।
उसने ये बात 3-4 बार बोली.
फिर शाम में भी उसके बोलने पे मैं उसके घर आ गया।
सपना छोटी निक्कर और टॉप में थी.
उफ्फ… फिर भी क्या माल लग रही थी!
उसकी चिकनी टांगें और उभरे चूचों को देखकर तुरंत ही मेरा तंबू खड़ा हो गया।
खुद को संभालते हुए पहले उसके कमरे में गया और हम दोनों ने ‘हग’ किया।
फिर मैंने कहा- कुछ खाने को ले आओ।
उसने बड़े प्यार से खाना लाकर अपने हाथों से खिलाया।
उसके बाद वो मेरी गोद में बैठ गई।
मेरा बुरा हाल हो रहा था; उसकी चिकनी टांगें और उसकी मोटी गांड मेरे लंड पर थी, मेरा हाल बेहाल था!
फिर मैंने उसकी जांघों पर हाथ रखकर सहलाने लगा और उसके गले को चूमने लगा।
गाल चूमते-चूमते मैंने उसकी गर्दन को चाटना शुरू कर दिया।
आधे घंटे तक उसके गले और होठों को चूसने के बाद मुझसे रहा नहीं जा रहा था।
वो भी आंखें बंद कर गीले होने का मजा ले रही थी।
इसी का फायदा उठाकर मैंने उसको लिटा दिया और उसके टॉप के अंदर हाथ डालकर उसके गोल चूचों को दबाने लगा।
मैं उसके हाथ चूस रहा था, उम्मम… क्या मस्त रसीले होंठ! उसके बदन की खुशबू मुझमें और जोश भरती जा रही थी।
अब तक वो बहुत गरम हो चुकी थी।
मैंने उसका टॉप ऊपर किया और ब्रा नीचे कर उसके दोनों चूचियों को दबोच लिया।
पहली बार मैंने चूचियां पकड़ी थीं, एक अलग ही अहसास था।
उसकी चुचियां कितनी मुलायम थीं!
हाय… मैं देरी न करते हुए उसके निप्पल को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया।
वो भी आहें भरने लगी।
उसकी सिसकियों से मैं पागल हो चुका था।
मैंने उसकी दोनों चूचियों को मसलना शुरू कर दिया।
सपना “आह… उह्ह्ह्ह… अरे मोरी मैया!” बस ऐसे करने लगी।
मुझे उसे तड़पता देख मजा आ रहा था।
फिर मैंने धीरे-धीरे उसके निक्कर में हाथ घुसाने लगा।
वो अचानक उठी और बोली, “पीरियड आए हैं, मत करो यह!”
ये बोलकर सपना मेरे ऊपर बैठ गई।
फिर मैंने उसके टॉप को पूरा निकालकर उसे आधा नंगा कर डाला।
क्या बला की खूबसूरत माल थी! उसने मेरे शर्ट के सारे बटन खोलकर मेरे गले को पागलों की तरह खरोंच कर चूसने लगी।
मैं उसकी इस हरकत से पूरा होश खो बैठा था।
10 मिनट बाद मैंने उससे कहा, “चॉकलेट खाओगी सपना?”
उसने कहा, “दो!”
मैंने उठकर अपनी जिप खोलकर उसके मुंह के सामने अपना हथियार निकाल दिया।
वो थोड़ी मुस्कुराई और अपना हाथ मेरे लंड पर रखकर सहलाने लगी।
उसका हाथ जब मेरे लंड पे पड़ा, एक अलग ही सुख की प्राप्ति हुई।
मेरा लंड अब पूरा टाइट हो चुका था।
5 मिनट सहलाने के बाद सपना मेरे लंड के सुपाड़े को चाटना शुरू कर दी।
मुझे मजा और गुदगुदी एक साथ हुई।
सपना बिल्कुल मदहोश होकर सुपाड़े को चाटकर लाल कर डाला।
मुझसे रहा नहीं गया, मैंने उसके बाल पकड़कर जोर से उसके मुंह में पूरा लंड घुसा डाला!
इससे मेरा लंड उसके दांतों में लगकर थोड़ा छिल गया था।
सपना लंड को मुंह से निकालते हुए बोली, “ऐसे मत करो, उल्टी हो जाएगी!”
फिर मैं धीरे-धीरे उसके बाल पकड़कर उसका मुंह चोदने लगा।
सपना भी बच्चों के जैसे मेरा लॉलीपॉप चूस रही थी।
कुछ देर बाद उसके मुंह में ही झड़ गया और वो आधी नंगी ही मेरे ऊपर लेट गई।
फिर 15 मिनट बाद मैंने निक्कर के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा।
धीरे-धीरे उसकी सिसकियां बढ़ने लगीं।
मैं सपना की निक्कर में हाथ डालकर उसकी चूत में उंगली डालने लगा, वो आहें भरने लगी।
मैं समझ गया कि अब वो मना नहीं करने वाली।
फिर मैंने सपना की निक्कर और पैंटी को नीचे कर उसके पैड्स को फेंक दिया और उसकी चूत में थूककर अपनी 2 उंगली से सपना की चूत पेलने लगा।
सपना, “उफ्फ… करते रहो… आआआह बेबी!”
मैं, “कैसा लग रहा है बेबी आज?”
सपना, “आह… उह्ह्ह्ह… बस करते रहो, रुको मत… उई माँ!”
थोड़ी देर सपना की प्यासी चूत में उंगली करने के बाद अपना गरम लौड़ा उसकी चूत में रखकर जोर से रगड़ने लगा।
सपना पूरा तड़प चुकी थी और अब कहने लगी, “डाल दो प्लीज, अब नहीं रहा जा रहा!”
इतना सुनकर मैंने उसकी चूत में एक जोरदार धक्के से लंड घुसा दिया!
सपना बहुत जोर से चिल्लाई, “आआ आआआ… मर गई! बाहर निकालो, मर जाऊंगी… अह्ह्ह्ह बस करो!”
मैंने फिर उसके होठों को अपने होठों से दाब लिया और चूसने लगा।
थोड़े मिनट बाद जब दर्द कम हुआ, मैंने धीरे से उसकी चूत में एक और झटका मारा।
मारते ही उसकी चूत से खू.न निकलना शुरू हो गया।
वो फिर से चिल्लाई और जिद करने लगी, “बाहर निकालो, कभी और करेंगे!”
उसकी आंखों में आंसू आ गए, लेकिन मुझमें बहुत हवस थी उस दिन।
मैं धीरे-धीरे उसकी चूत पेलता गया और वो रो-रोकर मुझे रोकती रही।
आधे घंटे ये करने के बाद मैंने फिर उसके गले को चाटना शुरू कर दिया।
वो आंखें बंद कर बस सहे जा रही थी।
जब वह पूरी शांत हुई, फिर मैंने सपना की दोनों टांगें पकड़कर एक जोरदार धक्के से पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया!
सपना फिर चिल्ला उठी।
उसके खू.न से पूरा लंड लाल हो गया था और पूरा बिस्तर गंदा हो चुका था।
फिर इसी तरह उसको पेलते रहा और वो उस दिन बेबस होकर चिल्लाती रही।
कुछ देर बाद मैं रुक गया और उसके शांत होने के बाद उसकी चूत से लंड निकालकर सपना के ही निक्कर से लंड को साफ़ किया और उसके चूचों पर हिलाकर झड़ गया।
उस दिन मुझे उसके घर ही रुकना पड़ा क्योंकि वह अब ठीक से चल नहीं पा रही थी, उसकी चूत सूज चुकी थी।
सपना पूरी रात मेरी गोद में ही सोई।
आशा करता हूँ मेरा पहला सेक्स की कहानी सुनकर आपको अच्छा लगा होगा।
अगली स्टोरी में बताऊंगा कि किस तरह शादी में फिर से सपना अपने लहंगे को उतारकर मेरी रंडी बनी।