बुआ की बेटी को सैट करके चोदा

सेक्सी कजिन हार्ड फक कहानी में मैं बुआ की बेटी को चोदना चाहता था. मैंने उसे अपना लंड दिखा दिया था, उसको चुसवा भी दिया था. एक दिन वह खुद मेरे पास आई.

फ्रेंड्स, मैं शुभ आपको अपनी बुआ की लड़की ज्योति की चुदाई वाली सेक्स कहानी सुना रहा था.

कहानी के पहले भाग
मेरी बुआ की सेक्सी बेटी को चोदने की चाह
में अब तक आपने पढ़ा था कि मैंने बहन से कह दिया था कि मैं घर पर सब बता दूंगा कि तू अपने ब्वॉयफ्रेंड से एक दूसरे फोन से छुप कर बात करती है.
यह सुनकर मेरी बहन मुझे गुस्से से देखने लगी थी.

अब आगे सेक्सी कजिन हार्ड फक कहानी:

तभी अचानक से मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लौड़े पर रख दिया और हिलाने को बोला.
पर वह सिर्फ मुझको देख रही थी और बस रोने ही वाली थी.

मैंने एक हल्का सा थप्पड़ मारा, तो वह धीरे धीरे से मेरा लंड हिलाने लगी.
बस रोती हुई मेरे मुँह को देख रही थी.

मेरे मन में कोई तरस नहीं था.
अब तक मेरा लंड भी पूरा खड़ा हो चुका था.

मैंने ज्योति का मुँह पकड़ा और उसके मुँह में लंड डाल दिया.

मेरा मोटा लंड उसके मुँह में आधा ही जा रहा था.
मैंने उसका सर पकड़ा और उसका मुँह चोदने लगा.

वह पहले से ही रो रही थी और अब लंड हलक तक लेने के कारण उसके और आंसू आ रहे थे.

कुछ मिनट तक दीदी का मुँह चोदने के बाद मैं उसके मुँह में ही झड़ गया.

मैंने उसे मेरा माल पीने को बोला लेकिन ज्योति ने वीर्य थूक दिया.
इसके बाद मैं बेड पर लेट गया और ज्योति मुँह साफ़ करके नीचे चल गयी.

अब हमारा रिश्ता भाई बहन वाला बिल्कुल नहीं था और ज्योति मुझसे दूर दूर रहने की कोशिश करने लगी.

उसने सुबह ऊपर भी आना बंद कर दिया था.
इसी कारण चुदाई का प्रोग्राम नहीं बन पा रहा था.

ज्योति ऊपर नहीं आती थी तो मैंने एक दिन उसे अकेले में फिर से डराया और ऊपर आने के लिए बोला, लेकिन वह कुछ नहीं बोली.
मैंने बुआ को आवाज लगायी तो वह डर कर मान गयी और आने को मान गई.

मैं आज रात अपने साथ कंडोम लेकर आया था.
सुबह का वेट करने लगा.

जैसे ही सुबह हुई, मैं कपड़े उतार कर नंगा हो गया और चादर ओढ़ कर लेट गया.
जैसे ही सीढियों पर चलने की आवाज आई मेरी धड़कन तेज हो गयी.

जैसे ही वह ऊपर आई और बेड के सामने खड़ी हुई, तो मैंने अपनी चादर साइड से हटा दी.
मुझे पूरा नंगा देख कर वह स्माइल करने लगी.

आज ऐसे लग रहा था जैसे उसका खुद चुदने का मन हो.
उसने मेरे बिना कहे ही मेरा लंड पकड़ा और सहलाने लगी.

लंड पहले से ही थोड़ा खड़ा हुआ था तो उसने सीधा चूसना स्टार्ट कर दिया.
क्या बताऊं दोस्तो, मैं तो जैसे जन्नत में था.

आज ज्योति पूरे मूड में लंड चूस रहा थी.

कुछ देर बाद उसने लंड चूसना छोड़ दिया और हाथ में पकड़ कर मेरे ऊपर आ गई.

उसने मुझे किस करना स्टार्ट कर दिया.
वह कुछ बोल नहीं रही थी, बस किस किए जा रही थी.

फिर उसने मेरे सीने के निप्पल चूसने स्टार्ट किए.
तो मैंने उसे रोका और कुछ बात करने को बोला.

वह बोली- अब चोद ले साले … तूने ही कब से भसड़ मचा रखी है.
मैं उठा और उसे गोद में बिठा कर उससे सॉरी बोला.

वह चुप हो गई और बोली- वह सब छोड़ और मतलब का काम कर!
मैं उसे किस करने लगा. वह मेरा पूरा साथ दे रही थी.

मेरा लंड उसकी गांड से सटा हुआ था और हम दोनों बस किस किए जा रहे थे.
धीरे धीरे मैंने उसकी टी-शर्ट के अन्दर हाथ डाला और बूब्स दबाने लगा.

फिर मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी तो उसके गोरे-चिट्टे दूध मेरे मुँह के सामने थे.
मैंने बिना देरी किए उन्हें चूसना शुरू कर दिया.

वह मादक आहें भर रही थी और लंड चूत में लेने के लिए मरी जा रही थी.
मैंने बैठे बैठे ही उसे बेड पर लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गया.
मैं उसका पेट चूमने लगा.

वह तो जैसे लंड के लिए मचल सी रही थी.
उसकी आंखें बंद थीं.

मैंने उसके लोअर की इलास्टिक में अपनी उंगलियां फंसाईं और एक बार में ही लोअर नीचे कर दिया.
उसने चड्डी नहीं पहनी थी तो ज्योति मेरे सामने पूरी नंगी थी.

मैंने हाथ से सहला कर देखा कि उसने चूत की झांटें शेव कर रखी थीं.
मैंने मजाक में ही पूछ लिया- भाई से चुदने के लिए अपनी चुत एकदम चिकनी चमेली बना ली!

उसने हल्की सी स्माइल दी और बोली- बस तेरे लिए!
मैंने धीरे से बहन की चूत को किस किया, तो वह उछल पड़ी.

मैं धीरे धीरे उसकी चुत के दाने को किस करने लगा तो ज्योति ने मेरा सर पकड़ लिया और जोर से दबाने लगी.
मैं उसकी चूत को अच्छे से खा रहा था.

वह मदभरी सिसकारियां ले रही थी और जोर जोर से मेरा सर अपनी चुत पर दबाए जा रही थी.

मैंने उसे 69 करने को पूछा तो वह मान गयी.

मैं उसके ऊपर आ गया और वह नीचे से चुत खोल कर पसर गई.
मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाला और मुँह चोदने लगा.
साथ ही मैं उसकी चूत खाता रहा.

करीब 15 मिनट एक दूसरे के लंड चुत को खाने के बाद हम दोनों एक दूसरे के मुँह में झड़ गए.
थोड़ी देर हमने किस किया और ज्योति मेरे लंड को चोदने के लिए तैयार करने लगी.

धीरे धीरे लौड़ा वापस अपने उफान पर आ गया.
मैंने ज्योति को चोदने के लिए कंडोम निकाला और ज्योति को पहनाने के लिए बोला.

उसने मना किया और बिना कंडोम के ही चोदने को बोला तो मैंने भी स्माइल दी और उसे किस करना शुरू कर दिया.

किस करते करते मैं अपना गर्म गर्म लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा.
उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी.

मैंने धीरे से लंड अन्दर डाला.
पहले तो अन्दर जाने में थोड़ी दिक्कत हुई क्योंकि ज्योति काफी टाइम से चुदी नहीं थी जिसके कारण से चूत टाइट हो गयी थी.

मैंने थोड़ा सा थूक उसकी चूत पर लगाया और धीरे से अन्दर डाल दिया.

मेरा मोटा लंड जैसे ही अन्दर गया तो ज्योति की चीख निकल गयी और वह मुझको धक्का मारने लगी.
वह लंड बाहर निकालने को बोलने लगी.

मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रखे और दोबारा किस करना स्टार्ट किया तो उसका दर्द थोड़ा कम हुआ.
मैं भी धीरे धीरे से धक्के मारने लगा था.

मेरा लंड अब ज्योति दीदी की चूत की गहराई को नाप रहा था.
वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

थोड़ी देर बाद दीदी बोली- अब मुझको ऊपर आने दे शुभ!
मैंने जैसे ही लंड बाहर निकाला, दीदी तुरंत मेरा लंड चूसने लगी.

आह क्या ही मस्त नजारा था वह … मेरी रंडी बहन मेरे लौड़े को छिनाल के जैसे चूस रही थी.

ज्योति बोली- यार शुभ एक बात बोलूँ, वैसे मैंने बहुत कम सेक्स किया है. मैंने तो तुझे ऐसे ही 14-15 बार का बोल दिया था.
मैं- हां पता है मुझको, वह तो जब मैंने तेरी चूत देखी थी तभी पता चल गया था. अब बातें मत चोदो ऊपर आकर लंड चुत में ले लो मेरी प्यारी बहन और अपनी हवस मिटा लो!

वह हंस कर बोली- साले बहन के लंड … तेरी हवस नहीं थी क्या?
मैंने उसके दूध मसल कर कहा- हां, मेरे अन्दर भी तेरी जवानी का रस चूसने की इच्छा थी. पर वह सब छोड़ो और चुत लंड का मिलन होने दो.

यह कह कर मैं नीचे लेट गया और दीदी मेरे ऊपर आ गयी.
वह मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ कर अपनी चूत में लगाने लगी.

लंड ने चुत के मुँह में मुंडी फंसाई ही थी कि हम दोनों ने एक साथ झटका मार दिया.
इससे एक ही बार में पूरा लंड अन्दर चला गया.

ज्योति आह आह करती हुई अपनी गांड उछाल उछाल कर मेरे लंड को अपनी चुत में अन्दर तक ले रही थी.

‘आह शुभ बहुत मजा आ रहा है!’
मैं भी जोश में आ गया और स्पीड बढ़ा दी.

स्पीड इतनी ज्यादा हो गई थी कि दीदी ने नाखून मेरी छाती में गाड़ दिए.
ये काउ गर्ल वाले पोज में दस मिनट तक फकिंग करने के बाद मैंने दीदी को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चुत चोदने लगा.

‘आह मेरी प्यारी बहन … कैसा लगा अपने भाई की रांड बन कर!’
ज्योति- इतना मजा कभी नहीं आया, मनोज तो अब तक दो बार झड़ जाता, तेरी परफॉर्मेंस अच्छी है.

मैं थोड़ा सा रुका और ज्योति खुद आगे पीछे होकर लंड के मजे लेने लगी.
वह अपनी गांड को गोल गोल हिला कर आगे पीछे कर रही थी, जैसे मैं फ़िल्मों में देखता था.

मैंने सोचा नहीं था कि ज्योति को भी चोदने का मौका मिलेगा.
मैंने मस्ती में आंखें बंद कर लीं और बहन की चुत चुदाई का मजा लेने लगा.

कुछ देर बाद मेरा माल निकलने ही वाला था तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला और दीदी के मुँह में डाल कर मुँह चोदने लगा.
फिर मैं दीदी के मुँह में ही झड़ गया.

इस बार दीदी ने मुस्कुरा कर सारा माल गटक लिया था.
ज्योति दीदी- तेरा माल तो बड़ा टेस्टी है!

ऐसा बोल कर वह मेरा लंड फिर से चाटने लगी.
लंड फिर से खड़ा हुआ और मैं उसके गाल पर मारने लगा.

वह हंसने लगी और बोली- तेरा पानी तो निकल गया, मेरा कब निकालेगा?

मैंने उसे गोद में उठाया और गोद में उठा कर चूत में लंड डाल कर फिर से पेलने लगा.

फिर दीदी को मैंने रिवर्स काउ गर्ल वाली पोजीशन में बिठाया.
अब दीदी का मुँह उल्टी तरफ था और गांड मेरी तरफ थी.

दीदी फिर से उछल उछल कर लंड की लंबाई को चुत से नापने लगी.

थोड़ी देर बाद मैंने दीदी को अपनी तरफ खींचा और किस करने लगा.
मैं तेजी से उसकी चूत मसलने लगा.
उससे सहन ना हुआ और उसकी टांगें कांपने लगीं.

उसने उछल उछल कर सारा पानी मेरी बॉडी पर गिरा दिया और वापिस मुझे किस करने लगी.

मैंने फिर से लंड अन्दर डाला और पेलना चालू किया.
सेक्सी कजिन हार्ड फक करके फिर से एक बार मेरे लंड पर झड़ गयी.

हम दोनों अभी धीरे धीरे धक्के मार रहे थे.
मेरा लंड माल फेंकने ही वाला था और दीदी उठने नहीं दे रही थी.

कुछ ही देर में मेरा सारा का सारा माल बहन की चूत में ही गिर गया.
अब तक हम दोनों पूरी तरह थक गए थे और किस करते करते एक दूसरे से लिपट कर लेट गए थे.

थोड़ी देर तक हम दोनों वैसे ही नंगे लेटे रहे.

सुबह के 8 बजने वाले थे और बाकी घर वालों के उठने का समय होने वाला था.
दीदी उठी और कपड़े पहनने लगी.

आज दीदी अपने भाई से चुद कर बहुत खुश थी.
उसके मुँह पर अलग सी चमक थी.
कपड़े पहन कर दीदी मेरे पास आई और किस करने लगी.

इसके बाद दीदी नीचे चली गयी और इस तरह से हम दोनों की रंगरलियां स्टार्ट हो गई थीं.

अब मेरा जब मन करता मैं ज्योति को अपने पास बुलाता और हम चुदाई करने लगते.

कुछ दिनों बाद दीदी का रिश्ता भी पक्का हो गया था और 6 महीने बाद उनकी शादी भी थी.

हमारी रंगरेलियां उसकी शादी के बाद भी चलती रहीं, आप लोग चाहेंगे तो वह सब अगली सेक्स कहानी में लिखूँगा.

आपको ये सेक्सी कजिन हार्ड फक कहानी अच्छी लगी होगी.
प्लीज कमेन्ट करके जरूर बताएं.

Leave a Comment