हॉट मोसी X स्टोरी में मैं पड़ोस की एक लड़की को मौसी कहता था. उसका रिश्ता हो चुका था और वो अपने मंगेतर से चुदने जाती थी. उसे सेक्स की लत लग गयी थी.
मौसी मुझसे 7 साल बड़ी थीं.
उनकी शादी दो साल पहले तय हो गयी थी.
उसका मंगेतर दूसरे शहर में रहता था, वह चार छह महीने में एक बार कुछ दिन मौसी के घर आकर रुकता.
मौसी को होटल ले जाकर उन्हें चोदता और सेक्स का सुख लेकर वापस चला जाता.

मौसी की शादी तय जरूर हो गई थी पर जिस लड़के से शादी तय हुई थी उससे शादी इस शर्त पर होनी तय हुई थी कि पहले उसकी बहन की शादी होगी.
इस बीच मौसी उस लड़के से चुद गई थीं तो उनकी चुत में लंड को लेकर खुजली होने लगी थी.
बस यही सबब था कि लंड की प्यासी मौसी ने मुझे रिझाना शुरू कर दिया था.
आइए इस हॉट मोसी X स्टोरी को शुरू से जानते हैं कि यह सब कैसे हुआ था.
एक बार मैं और संदीप शराब पार्टी कर रहे थे.
उस वक्त हम दोनों अन्तर्वासना की एक सेक्स कहानी को लेकर आपस में चुदाई की चर्चा कर रहे थे.
संदीप बोला- मेरे साथ भी एक रोचक घटना हुई थी, बोल सुनाऊं?
मैंने कहा- हां सुना.
उसने अपनी आपबीती सुनाने से पहले मुझसे वादा लिया कि मैं इस बात को ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं बताऊंगा जो हमें जानता हो.
मैंने हामी भर दी.
बाद में मैंने उसकी अनुमति से उसकी सेक्स कहानी को लिखना पक्का किया और आज मैं वह आप सभी को सुना रहा हूँ.
इधर मैंने पात्रों और जगह के नाम आदि बदल दिए है, शहर का नाम नहीं लिख रहा हूँ.
आप संदीप की सेक्स कहानी उसी की जुबानी सुन कर मजा लें.
नमस्ते दोस्तो, मैं संदीप.
मेरे पिताजी सरकारी नौकरी करते थे, परिवार में मैं, माता पिता और बड़ी बहन थीं.
मेरी बड़ी बहन की शादी उसी वक्त हो गयी थी जब मैं कॉलेज में पढ़ रहा था.
उसके बाद मेरे पिताजी की बदली हो गयी.
मैंने अगले दो साल की पढ़ाई हॉस्टल में रहकर की.
मैं दीवाली और गर्मी की छुट्टी में पिताजी के घर आता.
पिताजी सरकारी क्वार्टर में रहते थे.
हमारे घर के पास के क्वार्टर में एक परिवार था जिनसे हमारी पारिवारिक दोस्ती थी.
उस परिवार में एक सज्जन उनकी पत्नी, बच्चा और पत्नी की कुंवारी बहन रूपा रहती थी.
रूपा मुझसे 7 साल बड़ी थी.
मैं रूपा को मौसी कहने लगा था.
रूपा मौसी गोरी भरे बदन की थीं, उनकी नाक लम्बी थी, सुन्दर थी, वे हंसमुख स्वाभाव की थीं.
मुझे उनसे बात करने में अच्छा लगता था.
एक बार जब मैं छुट्टियों में घर आया, मैं क्वार्टर के पीछे छिप कर सिगरेट पी रहा था.
मौसी ने मुझे देखा तो मैंने सिगरेट छुपा ली.
कुछ देर बाद मेरी मां, रूपा मौसी की बड़ी बहन के साथ बाजार चली गईं.
मैं घर में अकेला था.
मौसी मेरे घर आईं.
मौसी- मैंने देखा था कि तुम सिगरेट पी रहे थे!
मैं सकपका गया.
तभी वे बोलीं- क्या अकेले अकेले ही सिगरेट पियोगे? मुझे भी दो न एक!
मैंने तुरंत एक सिगरेट मौसी को दे दी और एक खुद सुलगा ली.
अब हम दोनों सिगरेट पीने लगे, धुआं कमरे में न भर जाए, इसलिए मैंने पंखा चला दिया.
मौसी सिगरेट पीकर चली गईं.
उसके बाद हम दोनों ने कई बार साथ में सिगरेट पी.
एक दिन मौसी ने बताया उनकी शादी तय हो गयी है, उनका मंगेतर दूसरे शहर में रहता है, वह कल यहां आने वाला है.
अब तक मेरी और मौसी के बीच काफी खुली खुली बातें होने लगी थीं.
मैंने हंस कर उन्हें देखा और पूछा- तो क्या आप उनसे अकेली मिलोगी?
वे हंस दीं.
मैंने समझ लिया कि मौसी घपाघप करवाएंगी.
दूसरे दिन उनका मंगेतर आया तो मौसी ने मेरा उनसे परिचय कराया.
शाम को मैंने देखा मौसी अपने मंगेतर के साथ बाहर जा रही हैं.
वे दोनों ऐसे गए कि अगली सुबह वापस लौटे.
मौसी बहुत खुश दिख रही थीं.
उनकी खुशी बता रही थी कि रात को मौसी ने चुत चुदवाई है.
मौसी का मंगेतर अभी रुका था तो हर शाम को वे दोनों बाहर जाते और सुबह लौटते.
मैंने अब तक कभी भी सेक्स नहीं किया था पर ब्लू-फिल्म खूब देखी थीं और सेक्स कहानियां भी पढ़ी थीं तो इतना तो मैं समझ ही गया था कि ये दोनों रात को होटल में रुकते हैं और चुदाई का आनन्द लेते हैं.
तीन दिन रुकने के बाद मौसी का मंगेतर चला गया.
मौसी मेरे घर सिगरेट पीने आईं.
मैंने दो सिगरेट सुलगाई और मौसी के साथ मजा लेने लगा.
मौसी ने धुआं उड़ाते हुए बताया कि उनकी शादी दो साल पहले तय हो गयी है पर उनके मंगेतर की बहन की शादी के बाद ही दोनों शादी करेंगे.
मैं चुप रहा.
वे बोलीं- मेरा मंगेतर चार महीने में एक दो बार उनसे मिलने आता है.
मैं समझ गया कि मौसी क्या कहना चाहती हैं लेकिन मैंने अपनी तरफ से कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की और मौसी ने भी कुछ नहीं कहा.
फिर मेरी छुट्टी ख़त्म हो गयी तो मैं हॉस्टल चला गया.
यह साल मेरी पढ़ाई का फाइनल ईयर था.
दो महीने बाद मेरे फाइनल ईयर की परीक्षा थी तो मैं मैं एग्जाम के बाद वापस घर आ गया.
कोई 15 दिन बाद रिजल्ट आया.
मैं अच्छे नम्बरों से पास हो गया था.
इसी शहर में अनेकों फैक्ट्रीज थीं.
मैंने नौकरी का आवेदन देना शुरू किया.
खाना बनाना मेरा शौक है, तो मैं तरह तरह के खाने बनाता.
मौसी हमारे घर आतीं तो मैं उन्हें भी चखाता.
मौसी कहतीं कि तुम्हारी बीबी तुम्हारी पाक कला से खुश हो जाएगी.
इस शहर में मेरे कुछ दोस्त हो गए थे उनके साथ शाम को गप्पें मारता और लौंडिया बाजी की बातें करता.
जब भी मेरी मां, मौसी की बड़ी बहन के साथ बाहर जातीं तो रूपा मौसी मेरे पास आ जातीं, हम दोनों सिगरेट पीते और मस्ती भरी बातें करते, हंसी मजाक करते.
मैंने पूछा- क्या हुआ मौसी अब की बार आपके मंगेतर जी नहीं आए?
मौसी ने मुझे बताया कि उनका मंगेतर आया था, वह 7 दिन पहले चला गया.
उन्हीं दिनों मेरे माता पिता मेरी बड़ी बहन के घर एक महीने के लिए चले गए थे.
उधर बहन के छोटे बच्चे की देखभाल करने की जरूरत थी.
मैं नहीं जा सका क्योंकि मुझे नौकरी के इंटरव्यू के कॉल आने लगे थे.
रूपा मौसी ने मेरी मां से कहा- आप संदीप की चिंता मत करो, मैं उसका ख्याल रखूंगी.
अगले दिन मैंने मटन पकाया, मौसी को खाने पर बुलाया.
हम दोनों ने साथ में खाया.
मौसी ने मेरे बनाए खाने की खूब तारीफ की.
मेरे घर की एक चाबी मौसी के घर रहती थी.
उस दिन मेरा इंटरव्यू था, मौसी ने मुझे आल द बेस्ट कहा और कहा- इंटरव्यू के बाद फ़ोन करना, घर वापस कितनी देर में आ रहे हो.
मैंने इंटरव्यू के बाद उन्हें फ़ोन किया- मैं आ रहा हूँ.
उन्होंने ओके कहा और फोन काट दिया.
जब मैं घर पंहुचा, तो मौसी मेरे घर में मेरा इन्तजार कर रही थीं.
उन्होंने पूछा कि इंटरव्यू कैसा रहा?
मैंने उन्हें बताया कि अच्छा हुआ.
मौसी ने पकोड़े बनाये थे चाय के साथ.
उन्होंने मुझे दिए तो मुझे बहुत अच्छा लगा कि वे मेरा इतना ख्याल रख रही हैं.
मेरा एक और इंटरव्यू 3 दिन बाद था.
मौसी- कल मैं तुम्हारे घर आकर मटन पकाऊंगी!
मेरे पिताजी के क्वार्टर में पीछे भी एक दरवाज़ा था.
दूसरे दिन मौसी ने मेरे घर के सामने के दरवाज़े पर ताला लगाया और पीछे के दरवाज़े से अन्दर आ गईं.
एक तो मेरी उम्र 21 साल थी, ऊपर से मौसी सामने के दरवाज़े को लॉक कर पिछले दरवाज़े से आयी थीं … तो मैं समझ गया था कि आज कुछ हो सकता है.
उस दिन मैं पहली बार मौसी के प्रति यौन आकर्षण महसूस कर रहा था.
मौसी ने लाल रंग का स्लीवलेस ब्लाउज और सफ़ेद पतली साड़ी पहनी थी.
उनकी उस पतली साड़ी में से उनके ब्लाउज में कैद बड़े बड़े चूचों की झलक साफ दिख रही थी.
मौसी ने हाथ उठाकर अपने जूड़े को ठीक किया तो मुझे उनकी चिकनी और साफ़ कांख दिखाई दी.
उनके गोरे हाथ एकदम चिकने और आकर्षक थे.
मैं मौसी के बाजू में खड़ा था साड़ी के आंचल से मैंने मौसी के चूचों को देखा.
उनके चूचे काफी बड़े थे और शंख के आकार के थे.
मौसी ने चाय बनायीं, वे आज बहुत खुश दिख रही थीं.
हम दोनों चाय के साथ सिगरेट सुलग कर चाय पीने बैठ गए.
मैं हाफ पैंट और टी-शर्ट पहने था.
मौसी- तुम्हारे पैरों में बहुत बाल है, जबकि मेरे पैरों में एक भी बाल नहीं है.
मैं- अच्छा जरा दिखाओ!
मौसी ने साड़ी थोड़ी सी ऊपर की, फिर जल्दी से नीचे करते हुए कहा- नहीं, मैं नहीं दिखाऊंगी.
मैं हंस दिया.
मौसी- तुमने कभी किसी लड़की को चूमा है या चूमने की हिम्मत ही नहीं हुई?
मैं- मेरी क्लास में सिर्फ दो लड़कियां थीं, और आप तो जानती ही हैं कि इतने सारे लड़कों में केवल उन दोनों का होना एक तरह से एक अनार सौ बीमार जैसा था. इसलिए मैं अपनी पढ़ाई में ध्यान देता था.
मौसी हंस दीं.
मैं बोला- अब मौसी आप बताओ कि जब आपका मंगेतर आता है और आप उनके साथ शाम को बाहर जाती हो, तो दूसरे दिन सुबह वापस आती हो, रात भर कहां रहती हो?
मौसी- अरे यार, मेरी दीदी के घर में दो बेडरूम हैं, एक में दीदी जीजाजी सोते हैं और दूसरे में मैं उनके बच्चे के साथ सोती हूँ. अब मंगेतर को कहां सुलाएं. इसलिए मैं और मंगेतर रात होटल में रहते हैं. तुम अभी ब.च्चे हो, नहीं समझोगे.
यह कह कर मौसी मटन पकाने के लिए किचन में जाने लगीं.
मैं उन्हें जाते हुए देख रहा था.
मौसी के चलते समय उनके बड़े सुडौल कूल्हे मस्त थिरक रहे थे.
मौसी किचन टेबल के सामने खड़ी थी उनकी पीठ मेरी ओर थी.
मैं चुपके से उनके पीछे गया, उनके कूल्हों पर हाथ फिराया और उनके एक कूल्हे पर एक हल्की सी चपत मारकर बोला- मैं ब.च्चा नहीं हूँ, सब समझता हूँ!
मौसी हल्के से मुस्कुरा दीं.
उन्होंने उस बात पर ज्यादा कुछ नहीं कहा.
फिर हमने साथ में खाना खाया.
मौसी के जाने के बाद मैं तरह तरह की बातों को सोचने लगा कि क्या सच में मैं मौसी के प्रति यौन आकर्षण महसूस कर रहा हूँ!
आज मौसी सामने के दरवाज़े पर ताला लगाकर पीछे के दरवाज़े से आयी थीं और मुझमें किसी लड़की को चूमने की हिम्मत नहीं है, कह कर उन्होंने मुझे उकसाया भी था?
फिर यह भी कहा कि उनके पैरों पर बाल नहीं हैं. जब मैंने उनके कूल्हे पर हाथ फिराया और चपत मारी तो उसका भी उन्होंने मजा लिया.
तो क्या मौसी भी मेरे प्रति यौन आकर्षित हैं?
मैंने अखबार में पढ़ा था कि लड़की अपनी मर्जी से लड़के के साथ यौन आनन्द लेती है, फिर लड़के को उससे शादी करने को कहती है.
यदि लड़का नहीं माना तो पुलिस में शिकायत करती है कि लड़के ने उससे शादी का वादा कर उसका बलात्कार किया, लड़का गिरफ्तार हो जाता है.
कहीं ऐसा तो मेरे साथ नहीं हो जाएगा!
मैं मौसी के साथ यौन आनन्द तो लेना चाहता हूँ, पर मौसी मुझसे 7 साल बड़ी हैं.
उनसे शादी करने से कुछ साल बाद मुश्किल होगी. मौसी बूढी हो जाएंगी, मेरी यौन इच्छा पूरी नहीं कर पाएंगी.
शायद इसलिए प्रथा है, पत्नी पति से कम उम्र की होती है.
यह सारी सोच मुझे अजीब सी गफलत में डाल रही थी तो मैंने मौसी से सीधी बात करने का निश्चय किया.
अगले दिन मेरा एक इंटरव्यू था.
सुबह मौसी आईं, अल्मारी से मेरे कपड़े चुनकर निकाल कर मुझे देती हुई बोलीं- आज ये पहन कर जाओ, इसमें स्मार्ट दिखोगे.
मैंने उनकी बात मानी और इंटरव्यू देने चला गया.
उस दिन मुझे तुरंत बता दिया गया कि आपको यह नौकरी मिल गयी है.
मैंने पिताजी को फ़ोन करके बताया.
फिर मैंने मौसी को फ़ोन पर बताया कि मुझे नौकरी मिल गयी है, आज रात वोदका पार्टी करेंगे!
मौसी ने मुझे बताया था वे कभी कभी वोदका पीती हैं.
मौसी ने हां कह दी.
मैंने वोदका की बोतल, कंडोम का पैकेट खरीदा.
उधर मौसी घर पर ही चखना, खाना आदि बनाने वाली थीं.
मैं जब घर पहुंचा, मौसी मेरे घर पर थीं और मेरा इंतज़ार कर रही थीं.
मैंने घर में घुसकर दरवाज़ा बंद कर दिया और मौसी को कसकर आलिंगन में ले लिया.
मैंने उनकी गर्दन पर चुंबन ले लिया. मौसी ने कॉन्ग्रैचुलेशन कहा.
उनके हाथ मेरी पीठ पर थे.
मेरे हाथ उनकी पीठ पर.
मौसी के चूचे मेरे छाती पर दबे थे, बड़ा सकून मिल रहा था.
कुछ देर बाद मौसी मुझसे अलग हुईं, तो मैंने मौसी के होंठ चूमकर कहा- आपकी शुभकामना काम आयी.
वे हंस दीं.
मैंने नहाकर कपड़े बदले और हम दोनों पीने बैठ गए.
एक पैग में ही हम दोनों को हल्का न.शा हो गया था.
मैंने दो सिगरेट सुलगाईं और अपने मोबाइल में मैसेज चेक करने के बहाने आवाज वाला रिकॉर्डर चालू कर दिया.
मैंने मोबाइल टेबल पर रख दिया, मुझे अपने बचाव का सबूत चाहिए था.
मैं- मुझे साफ़ सीधी बात करना ठीक लगता है, मैं आपको अपने मन की बात कह रहा हूँ, गुस्सा मत होना, शांति से जवाब देना.
मौसी- बोलो, मैं गुस्सा नहीं होऊंगी.
मैं- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो, मैं आपके प्रति यौन आकर्षण महसूस कर रहा हूँ. पर हमारी उम्र में बहुत अंतर है, मैं आपसे शादी नहीं कर सकता.
मौसी- मुझे तुम्हारी सीधी बात अच्छी लगी. मैं तुम्हारे साथ शादी नहीं करूंगी, तुम चाहो भी तो. मैं अपने मंगेतर से ही शादी करूंगी. मैं तुम्हें पसन्द भी करती हूँ और तुमसे प्यार भी करती हूँ. सच बात यह है कि मेरा मंगेतर महीनों में एक बार आता है. हम दोनों होटल में यौन आनन्द लेते हैं. पर उसके चले जाने के बाद मुझे सेक्स की याद आती है. तुम्हारी उम्र का तकाजा है … तुम भी सेक्स करना चाहते हो. हम दोनों की जरूरत एक है. यह अनुभव तुम्हें अपनी शादी के बाद काम आएगा. हमें सेफ सेक्स की सावधानी लेनी होगी, मुझे गर्भवती होने से बचना होगा.
मैं बिना चड्डी के पाजामा पहने था.
मौसी की रजामंदी वाली बात सुनकर मेरा लंड खड़ा होकर पजामे में तम्बू बनाने लगा.
मैंने जेब से कंडोम निकाला और टेबल पर रख दिया.
उसी पल मौसी ने भी अपने पर्स से कंडोम निकाल कर टेबल पर रखा.
हम दोनों ने कंडोम एक ही समय में टेबल पर रखा था.
यह देख कर हम दोनों ही हंसने लगे कि दोनों ही चुदाई की तैयारी से आए थे.
दोस्तो, हॉट मोसी X स्टोरी के अगले भाग में आपको मौसी की चुदाई का मजा लिखूँगा.
आप लोगों को मेरी यह सेक्स कहानी कैसी लग रही है, प्लीज जरूर बताएं.
मेल लिखते समय कहानी का शीर्षक अवश्य लिखें.