साली के साथ मेरी हवस – 2

साली की गांड की सेक्सकहानी में मेरे ससुराल की एक शादी में मेरे साले की साली मेरे साथ चुदने को राजी थी. मैंने उसे शौपिंग करवा के खुश कर दिया था.

साली की सेक्सकहानी के पहले भाग
में आपने पढ़ा कि मैं ससुराल की एक शादी में गया तो वहां मेरे साले की साली सेट हो गयी और उसने मेरे रूम में मेरा लंड चूस लिया.

अब आगे साली की गांड की सेक्सकहानी:

दो घंटे नींद लेने के बाद मैं उठा और मेरी बीवी नेहा का फोन मेरे फोन पर आया।

उसने कहा, “मैं आपके अंडर गारमेंट्स रखना भूल गई थी, आप मार्केट से नया ले आओ।”
होटल के पास ही शॉपिंग मॉल था।

मैं रूम से बाहर जा रहा था तभी नेहा सीमा के साथ आई और बोली, “इसे भी कुछ सामान लेना है, ये इसी शहर की है। आपको दिक्कत नहीं होगी, इसे साथ ले जाओ।”

मेरी तो जैसे चांदी ही गई।

सीमा मेरी तरफ आंख मारते हुए बोली, “क्यों जीजू चलेंगे लेकर अपनी साली को साथ में?”
मैंने देर न करते हुए कार निकाली।

मैं और सीमा पास ही के मॉल में पहुंच गए।
सीमा को कुछ मैचिंग का दुपट्टा लेना था, तो मैं उसके साथ सूट की दुकान पर गया।

वहां एक स्टेच्यू पर एक लेडीज ब्राइडल लहंगा लगा हुआ था।

सीमा उसे टकटकी लगाए देख रही थी।

मैंने कहा, “क्या हुआ?”
बोली, “जीजू सुंदर लगा तभी देख रही थी।”

मैंने कहा, “ले लो।”
वो बोली, “अरे नहीं, बहुत महंगा है, चालीस हजार का है।”

मैंने कहा, “अपने आशिक के होते हुए क्या महंगा!”
वो बोली, “जीजू इतना महंगा लहंगा का भुगतान मैं आपको नहीं कर पाऊंगी।”

मैंने भी आंख मारते हुए कहा, “जान, इसका भुगतान तो तुम एक बार में ही कर दोगी।”
सीमा मेरी इस बात पर मुस्करा गई।

मैंने झट से पैक करवा दिया।
वो खुश हो गई और मुझे गले लगा लिया।

मुझे उसके गले लगते ही लंड से अपना रूप लिया।

फिर मैं अपनी अंडर गारमेंट्स के लिए शॉप पर गया और सीमा से मेरे लिए मेरे अंडरगारमेंट्स पसंद करने के लिए बोला।

वह मुस्करा गई और सलेक्ट करने लगी।
मैंने उससे भी नए ब्रा-पैंटी लेने के लिए बोला।

सीमा बोली, “मुझे नहीं चाहिए।”
मैंने कहा, “कब तक फटी पुरानी पहनोगी, वैसे भी मैंने एक फाड़ दी है।”

मैं उसके साथ लेडीज सेक्शन में गया और पांच जोड़ी महंगी सेक्सी ब्रा-पैंटी के सेट और कुछ सेक्सी नाइटी उसे दिलवा दी।
वह बोली, “जीजू धन्यवाद!”

मैंने कहा, “धन्यवाद ऐसे नहीं, इसे पहनकर दिखाना होगा।”
उसने मुस्कराकर मेरे सीने में मुक्का मारा।

हम दोनों वहां से सामान लेकर वापिस होटल आ गए।
रास्ते में हम दोनों का ओरल सेक्स चलता रहा।

मैंने सीमा को रात में रूम में आने को बोल दिया।

शाम को सब शादी के लिए तैयार हुए।

मेरी बीवी नेहा भी गजब का माल लग रही थी।
मैंने कहा, “जान एक राउंड लगवा लो!”

नेहा बोली, “अब परेशान मत करो, अब जो भी होगा घर चलकर होगा।”

तभी वह मुझे छेड़ते हुए बोली, “सीमा को पकड़ लो, आज तो आपके साथ ही घूमकर आई है।”
और हंसते हुए तैयार होकर रूम से बाहर चली गई।

अब मैंने खुद को तैयार किया, अच्छे से शावर लिया और बादाम के तेल से अपने पूरे शरीर और अपने लंड महाराज की मालिश करी।
और अच्छे से तैयार होकर शादी में शामिल हुआ।

अचानक से मुझे सीमा शादी में दिखाई दी — वही मेरा दिलवाया हुआ महंगा लहंगा और पूरे मेकअप में!

मैं तो सीमा को देखकर पागल सा हो गया और अब मैं उसे चोदने के लिए मरा जा रहा था।

मैं सीमा के पास गया और बोला, “आज तो जिंदा स्मैक लग रही हो! आज रात मेरी किस्मत भी खुद पर नाज करेगी तुम्हें पेलकर। जब भी फ्री हो बता देना।”

वो मुस्कराई और आंखों से अपनी सहमति और फोन करने का इशारा करके वो बाकी औरतों के साथ शादी में मस्त हो गई।
मैं भी शादी में लग गया।

जयमाला के बाद मैंने शराब की महंगी बोतल अपनी गाड़ी से निकलवा कर अपने रूम में जाकर पीने लगा।

मेरी बीवी का फोन आया, “कहां हो?”
मैंने कहा, “मैं थक गया हूं, अपने रूम में हूं।”

मेरी बीवी ने कहा, “आप रूम लॉक करके सो जाना, मैं सुबह विदाई के बाद ही फ्री होकर आपको कॉल कर लूंगी।”

शराब पीकर मेरी वासना मुझ पर हावी थी।

इतने में सीमा का फोन आ गया।
मैंने उसे अपने रूम में आने को कहा।

सीमा बीस मिनट बाद रूम में आ गई।
मैंने रूम लॉक किया, और सीमा को दबोच लिया।

अब मैंने देर न करते हुए सीमा को दीवार से लगाकर उसके होंठों को चूसते हुए अपनी पूरी जीभ उसके मुंह में डाल दी।

इधर सीमा मेरे लंड को पैंट के ऊपर दबोच रही थी।

हम दोनों पर वासना नंगा नाच कर रही थी।

मैंने देर न करते हुए सीमा की चोली खोल दी।
उसके भरे बूब्स नई लाल नेट ब्रा में क्या मस्त लग रहे थे।

उसके बाद लहंगा का साइड से हुक खोल दिया जिससे लहंगा एक बार में नीचे चला गया।

उसने मेरी दिलाई लाल थॉन्ग पैंटी पहनी हुई थी।

उसके गोरे चूतड़ देखकर मैं कंट्रोल से बाहर हो गया।

तभी सीमा ने मुझे बेड पर धक्का दिया और मेरे शर्ट और पैंट खोल दिए, साथ में मेरी चड्डी भी उतार दी।
मैं पूरा नंगा बेड पर पड़ा था।

इतने में सीमा ने मेरा बड़ा लंड अपने मुंह में ले लिया।

मैंने सीमा को कमर से पकड़कर उसके दोनों पैर अपने सर की तरफ किए और उसकी प्यारी गुलाबी चूत में अपनी जीभ डालकर चाटने लगा।

पूरे कमरे में वासना की आवाजें गूंज रही थीं।

बीस मिनट तक हम दोनों एक दूसरे के लिंग चूस रहे थे।

इस बीच सीमा दो बार झड़ चुकी थी।

मुझे कुंवारी चूत पीने में ज्यादा मजा आता है।

इधर सीमा का मुंह थक चुका था।

मैंने सीमा को अपने लंड से अलग करते हुए उसकी दोनों टांगों को हवा में उठाया और अपना मूसल लंड बिना सीमा को तैयार किए एक झटके में अंदर डाल दिया।

पूरा लंड एक बार में अंदर जाने से सीमा जोर-जोर से चीखने-रोने लगी।

मुझे ऐसी आवाजें पसंद हैं जिससे मेरी वासना और भड़कती है।
मैंने रहम न करते हुए बेदर्दी के साथ जानवर की तरह झटके लगाते हुए सीमा को 10-12 मिनट तक चोदा और अपना सारा माल उसकी चूत में उड़ेल दिया।

पूरी बेडशीट खून और वीर्य से सन चुकी थी और सीमा बेहोश होकर बेड पर पेट के बल पड़ी हुई थी।

तभी मैंने अपनी थकान मिटाने के लिए एक सिगरेट जलाई और मोबाइल चलाने लगा।

पंद्रह मिनट बाद सीमा की कराहने की आवाज फिर से आई जिससे मेरा ध्यान सीमा की गोरी सीलपैक गांड पर गया।

मेरा लंड फिर से तन गया।
मैंने अपने बादाम के तेल की शीशी उठाई और अपने लंड की मालिश करने लगा।

बाकी बची आधी शीशी सीमा की गांड पर उड़ेल दी।

सीमा समझ गई और हाथ जोड़कर विनती करने लगी, “अब रहने दो जीजू, मैं थक चुकी हूं। आपने मेरा कचूमर निकाल दिया है। मुझे अब और सेक्स नहीं करना, मुझे जाने दो।”

पर मैं ठहरा वासना से भरा हुआ ठरकी।
मैंने एक पैसे का रहम न खाते हुए सीमा पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए उसे घोड़ी बनाया और अपने लंड को एक हाथ से पकड़ते हुए उसकी गांड़ के छेद में पेल दिया।

वो अपनी गांड का छेद पूरी जोर से मिचने लगी।

मैंने उसकी गांड़ पर जोर से आठ-दस थप्पड़ लगाए जिससे उसकी गांड दर्द के मारे ढीली हुई और मैंने अपना लंड उसकी गांड़ के छेद में उड़ेल दिया, और सवारी शुरू कर दी।

सीमा बेरहमी से चीखने लगी और आंसू ही आंसू उसकी आंखों से बह रहे थे।

मैं भी बेरहम बन अपनी वासना पूरी कर रहा था।

मेरी शराब का नशा मेरे लंड की नसों में बह रहा था।

बीस मिनट उसकी गांड़ मारने के बाद मैंने फिर से अपना माल उसके छेद में खाली कर दिया।

रात के 2 बज चुके थे। थकान के कारण मेरी आंख लग गई।

सुबह चार बजे जब मेरी आंख खुली तो देखा सीमा बाथरूम में थी और शावर की आवाज आ रही थी।

मैंने नंगा ही बाथरूम की तरफ बढ़ा और देखा सीमा नंगी आंखें बंद किए हुए गरम पानी से नहाते हुए, अपनी चूत और गांड की गरम पानी से सिकाई कर रही है।

मैं दबे पांव नंगा ही उसके पीछे जाकर खड़ा हुआ।
मुझे देखकर अचानक से वो घबराई और बोली, “जीजू अब कुछ नहीं, मेरे बहुत दर्द हो रहा है। मुझे अब चैन लेने दो।”

मैंने उसकी भावना को समझते हुए उसकी चूत और गांड की सिकाई गरम पानी से करी।

आधा घंटा ऐसा करते हुए उसे आराम मिला।

मेरा लंड अब उसका गोरा जिस्म देखकर खड़ा हो गया था।
मैंने उससे रूम में बेड पर आराम करने को बोला।

उससे अब भी सही से चला नहीं जा रहा था।
मैंने उसकी नंगी गांड को पकड़कर अपने कंधे पर डाला और गोरे दूधिया चूतड़ों को मसलते हुए बेड तक लाकर पटक दिया।

मेरा खड़ा लंड देखकर उसने पटाक से अपने मुंह में ले लिया और जोर-जोर से हिलाते हुए मुझे पंद्रह मिनट में खाली कर दिया।
मैं भी तृप्त हो गया।

उसे पता था अगर मेरा माल न निकला तो मैं फिर बेरहमी से चोदूंगा उसे!

मैंने उसे अपने बैग से पेन किलर की एक गोली दी, जिससे उसे आधे घंटे में आराम मिला।

सीमा कपड़े पहनकर तैयार हुई, मेरी पत्नी की मेकअप किट से हल्का सा मेकअप किया और मुझे किस करते हुए बाहर चली गई।

मैंने वेटर को बुलाकर 500 रुपए दिए और बेडशीट और रूम ठीक करने को बोला।

वेटर ने सब ठीक कर दिया।
जिसके बाद मैं सो गया।

सुबह आठ बजे मेरी बीवी नेहा रूम में आई।
मैं सो रहा था।

मुझे नंगा सोता देख उसकी वासना जाग गई और वह भी नंगी होकर मुझसे चिपककर लेट गई।

मेरी आंख खुली और नंगा जिस्म देखकर अपनी बीवी पर टूट पड़ा, और कुत्तिया बनाकर नेहा के साथ एक राउंड लगाया।
मजा आ गया मेरी बीवी को।

उसके बाद हम दोनों नंगे ही सो गए।

ये थी मेरी सच्ची साली की गांड की सेक्सकहानी।

Leave a Comment