साली के साथ मेरी हवस – 1

फॅमिली हिन्दीसेक्स स्टोरी में मैं अपनी ससुराल में एक शादी में गया तो वहां मेरी सलहज की बहन भी आई हुई थी. वो मुझे देखकर मुस्कुराने लगी.

दोस्तो, आपका साहिल फिर एक बार आपके साथ।
मैं साहिल अग्रवाल, बरेली से।

ये अभी अप्रैल 2024 की घटना है जो मैं आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूं।

मेरा आप सबसे वादा है — लंड और चूतें ये फॅमिली हिन्दीसेक्स कहानी पढ़कर खुद भी झड़ जाएंगे!

मेरी सेक्सी बीवी नेहा की रिश्तेदारी में एक शादी थी, जिसमें हम दो दिन के लिए गए थे।
अच्छे से होटल में प्रोग्राम था।

नेहा ने हमारे लिए अलग से रूम अपने चाचा से बोलकर बुक करवा दिया था।
नेहा को पता है कि मैं बिना उसे चोदे सोता नहीं हूं।

हम दिन में शादी की जगह आ गए।
सभी रिश्तेदार मिले।
सबसे अच्छे से मिलना-जुलना हुआ।

मेरी नजर अचानक से सीमा पर टिक गई जो मेरी बीवी नेहा के भाई मतलब मेरे साले की साली थी।

सीमा एक भरे जिस्म की, दूध सी सफेद और पांच फीट हाइट की थी।
वह एक गरीब परिवार से थी।

सादा सूट में थी लेकिन उसके नैन-नक्श ऐसे थे कि मेरा लंड सलामी देने लगा।

सीमा की लैगिंग्स पजामी इतनी चुस्त थी कि उसकी केले सी सेक्सी जांघें मेरी हवस को हवा देने लगीं।

अचानक से नेहा की भाभी अपनी बहन सीमा को मुझसे मिलवाने लाई।
मैंने सीमा से हाथ जोड़कर नमस्ते किया।

सीमा मेरे पहनावे और मुझे सोने से लदा देखकर मेरी ओर आकर्षित होकर मुझसे नटखट अंदाज में बोली, “आप तो हमारे भी जीजू हुए, तो छोटी साली से हाथ मिलाइए। नमस्ते से काम नहीं चलेगा!”
उसकी बेबाकी देखकर मेरा दिल और लंड दोनों खुश हो गए।

कुछ देर मैं सबसे मिलने के लिए पार्टी हॉल में रहा, जहां मैंने नोटिस किया कि सीमा मुझमें दिलचस्पी ले रही है और मेरी बीवी नेहा के साथ ही टाइम बिता रही है।

खैर, सबसे बात करके मैं अपने रूम में चला गया और सफर की थकान के कारण शावर लेने चला गया।

मेरा मन तो सीमा की कातिल जवानी को देखकर मचल उठा था।

मैं शावर ले ही रहा था कि मेरी बीवी नेहा रूम में आ गई।
उसे मेरी आदत का पता है।
वह भी अपने कपड़े खोलकर नंगी होकर शावर में आ गई और मेरे साथ एन्जॉय करने लगी।

मेरे दिमाग में तो सीमा की हवस थी, तो मैं अपनी बीवी नेहा को सीमा समझकर एन्जॉय करने लगा।

हवस इस कदर हावी थी कि मैंने नेहा को वही बाथरूम के फर्श पर लिटाकर पेलने लगा।

मेरे उस अंदाज को देखकर नेहा तुरंत बोली, “किसको देखकर इतना हवस से भरा हुआ है मेरा पुजारी?”

वो जानती थी क्योंकि हम रोल प्ले सेक्स भी करते थे।

नेहा ने मुझसे कहा, “ज्यादा मजा लेना है जान तो मुझे किसी और का नाम लेकर चोदो, तो तुम्हें और मुझे पूरा मजा आएगा!”
मैंने तुरंत ही अपनी बीवी से कहा, “सीमा मेरी जान, आज तुझे जी भरकर चोदूंगा!”

बीवी सीमा के नाम से थोड़ा हैरान होते हुए मुस्कराई और तुरंत आग में घी डालती हुई बोली, “जीजू आज अपनी सीमा को अपने लंबे लंड की सैर करवा दो!”

नेहा का इतना साथ देने से मेरी हवस चरम पर आ गई और मैं पूरी तरह हवा में उठा-उठाकर नेहा को चोदने लगा।

मेरी हवस जब शुरू होती है तो सबसे पहले मैं लड़की के चूतड़ों को बेरहमी से नोच-नोचकर दबाता हूं और चुदाई करते समय ये नहीं देखता कि लंड टेढ़ा जा रहा है या सीधा।
बस फुल स्पीड में चोदाई करता हूं।

मेरे चोदने का आलम ये था कि नेहा पूरे जोर के साथ आवाजें निकाल रही थी।
उसे पूरा मजा आ रहा था।

हम दोनों मियां-बीवी सेक्स के मामले में पूरी तरह बेशर्म हैं।
हमें परवाह नहीं कोई क्या कहे और क्या सुने।

उसके तुरंत बाद मैंने नेहा को घोड़ी बनाया और लंड पेलने लगा।
मेरा मुंह बाथरूम की डोर की तरफ था।

मुझे महसूस हुआ कोई डोर के छेद से अंदर झांक रहा है।

मैं नेहा को चोदते-चोदते रुक गया।
खैर मैं पूरे जोश में था और नेहा भी।

नेहा बोली, “क्या जीजू चोदो न अपनी सीमा को, रुक क्यों गए?”

उसने फिर सीमा का नाम लिया तो मैं फिर से चुदाई में लग गया और पंद्रह मिनट चोदने के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए।

नेहा और मैंने गरम शावर साथ लिया और नंगे रूम में वापिस आ गए।

रूम में आते ही बेड पर एक पैकेट रखा देखा।
मुझे लगा ये पैकेट कहां से आया।

तो मैंने पैकेट के बारे में अपनी बीवी नेहा से पूछा।
वो बोली, “ये मेरी चाची जी ने भिजवाया होगा, ये मेहंदी पर सर पर ओढ़ने के लिए चुन्नी है।”

मैंने कहा, “तुमने रूम लॉक नहीं किया था?”
नेहा बोली, “कोई बात नहीं। डरने की कोई जरूरत नहीं, हम पति-पत्नी हैं। साहिल तुम सोचते बहुत हो।”

खैर मैंने अपने मन को समझाया और आराम करने लगा।

इतने में डोर पर किसी ने नॉक किया।

मैं और नेहा बाथ गाउन पहन चुके थे।

नेहा ने कहा, “कौन है?”
सीमा की आवाज आई, “दीदी मैं सीमा।”

नेहा मेरी ओर देखकर आंख मारते हुए मुस्कराई और सीमा को अंदर आने को बोला।

सीमा ने अंदर आते ही बोला, “जीजी नाश्ता तैयार है। आप दोनों अगर फ्री हो गए हो तो आ जाइए। और आपकी चुन्नी मैंने बेड पर रख दी थी, उसे शाम को मेहंदी के समय साथ लेकर आना।”

अचानक से जाते समय सीमा मेरी ओर शरारती नजरों से कातिल मुस्कान देते हुए चली गई।

उसके जाने के बाद मैंने नेहा से कहा, “ये सीमा बहुत तेज है, शायद इसने सब सुन या देख लिया हो।”
मेरी बीवी नेहा मेरे पास आकर मेरा लंड पकड़ते हुए बोली, “तो अच्छा ही है न! तुम्हें चोदने के लिए करारा सील पैक माल मिल जाएगा!”
और तैयार होकर नाश्ते पर चलने के लिए बोली।

मैंने नेहा से कहा, “तुम जाओ नाश्ते के लिए, मैं आराम करूंगा।”
उसने कहा, “ठीक है, आपका नाश्ता मैं आपके रूम में पहुंचवा दूंगी।”

नेहा नीचे नाश्ते के लिए चली गई और मैं थकान के कारण सो गया।

आधे घंटे बाद नेहा का फोन मेरे फोन पर आया, ” मैं आपका नाश्ता भेज रही हूं रूम पर, आप खा लेना। मैं चाची लोगों के साथ हूं दूसरे रूम में, शादी की तैयारी करवा रही हूं। किसी चीज की जरूरत हो तो फोन कर देना मुझे।”
मैं नींद में था, उसकी हर बात पर हां करके फिर से सो गया।

मेरी एक आदत है — मैं जब भी सोता हूं तो नंगा सोता हूं।
मैं चादर डालकर सो गया था।

कुछ देर बाद मुझे मेरे लंड पर किसी के स्पर्श का अहसास हुआ।

मैं समझा नेहा होगी।
मैंने कहा, “रहने दे मुझे, छेड़ मत। अब सोने दे। नाश्ता रख दे, मैं बाद में खा लूंगा।”

अचानक से मेरे चादर के अंदर जाकर मेरे लंड को चूसने लगी।
मैं नींद में था लेकिन इतना होंठों से टाइट लंड चूसने के कारण मुझे मजा आने लगा।

मैं भी नींद के कारण आंखें बंद किए हुए नेहा को धन्यवाद देते हुए बोलने लगा, “जान आज क्या बात है! बहुत शानदार तरीके से चूस रही हो!”

इतने में उसने मेरे दोनों बॉल अपने मुंह में ले लिए।

मुझे जोश आ गया और मैंने तुरंत चादर को एक झटके में हटा दिया।

मैंने देखा कि सीमा मेरा लंड मुंह में लिए हुए है!

मेरा दिमाग सुन्न हो गया।

और सीमा ने आंख मारते हुए कहा, “क्यों जीजू, मजा आया?”

इतने में मैंने सीमा के बालों को पकड़ा और अपना पूरा लंड सीमा के मुंह में अंदर तक ठेल दिया।

सीमा शायद इसके लिए तैयार नहीं थी, और उसे उल्टी आने लगी और वह पीछे हटी, और गेट की तरफ बाहर जाने के लिए भागने लगी।

मैं भी नंगा ही उसके पीछे भागा, और पीछे से उसकी कमर पर हाथ डालकर उसे वापस बेड पर गिरा दिया।

वो बोली, “जीजू मुझे जाने दो!”
मैंने कहा, “जीजा का लंड मुंह में लेते हुए नहीं सोचा, अब बोल रही है जाने दो!”

वो बोली, “जीजू आप दोनों को सेक्स करते देखकर आप पर फिदा हो गई हूं। अभी जाने दो, बाद में एन्जॉय करेंगे।”
मैंने कहा, “बस एक बार अपना दूधिया बदन दिखा दे, जाने दूंगा।”

सीमा मान गई।
उसने अपना सूट उतार दिया।

नीली ब्रा जिसका हुक आधा टूटा हुआ था और सफेद कलर की पुरानी सी पैंटी जिसमें एक छोटा छेद था।

उसमें उसका भरा हुआ बदन — बूब्स चौंतीस के और गांड छत्तीस की — मजा आ गया।

मैंने कहा, “एक बार लंड चूस कर पानी निकाल दे।”
वह बाद में करने को बोली।

मैंने कहा, “नहीं मानी तो पूरा चोदूंगा अभी!”
वो डर के मारे मेरा लंड चूसने लगी।

मैं उसके दोनों दूधों को दबा रहा था और भरी हुई गांड़ पर चपत लगा रहा था।

अचानक से जब मेरा पानी निकलने को हुआ तो मेरा जोश बढ़ गया और उसकी ब्रा खींचकर उसके बूब्स के भूरे निप्पल को बेरहमी से दबाने लगा।

और दूसरे हाथ से उसके सर के बालों को मजबूती से पकड़ते हुए, अपना पूरा माल उसके मुंह के अंदर तक झाड़ दिया।

जब तक उसके गले तक मैंने अपने लंड को खाली नहीं कर दिया।

वो मेरे इस रूप को देखकर डर के मारे आंखें चौड़ी करते हुए खांसने लगी।
तब जाकर मैंने अपना लंड उसके मुंह से बाहर निकाला।

वो उल्टी करते हुए बोली, “क्या जीजू, मार ही डालोगे!”

मैंने उसकी फटी ब्रा को सूंघते हुए अपने मुंह में लिया और सीमा के होंठों पर किस करने लगा।

अचानक से किसी ने गेट पर नॉक किया।

मैंने झटके से सीमा को अलग किया।

मुझे लगा नेहा आ गई।

और सीमा को कपड़े उठाकर बाथरूम की तरफ जाने को बोला।

मैंने बेड को और खुद को ठीक किया और गेट की तरफ पूछा, “कौन है?”

वो होटल का स्टाफ बॉय था।
वो रूम के अंदर आया, बोला, “सर कोई भी काम हो बताना।”

उसके बोलने में उसकी मुस्कराहट में शैतानी थी।
मैंने उसे पांच सौ रुपए टिप दिए और उसका मोबाइल नंबर ले लिया।

मैंने उसे ‘जरूरत पड़ने पर कॉल कर दूंगा’ बोला।

स्टाफ रूम के बाहर लॉक करके चला गया।

इतने में सीमा बाथरूम के बाहर आ गई और अभी तक उसने सिर्फ कमीज पहनी थी और सलवार उसके हाथ में थी।

मैंने सीमा की पैंटी पकड़कर अपनी ओर खींचने की कामयाब कोशिश की जिससे उसकी पैंटी पूरी फट गई।
मैंने उसे उतार कर मुझे देने के लिए कहा।

मेरी तरफ प्यार से गुस्सा करती हुई सीमा बोली, “जीजू, अब पैंटी भी फाड़ दी!”
और हंसते हुए उतारकर मेरे मुंह पर फेंक दी।

मैंने उसकी रसभरी फटी पैंटी को अपने लंड पर लटकाते हुए कहा, “ये मेरा गिफ्ट है, ये मैं अपने पास रखूंगा।”

वो हंसते हुए मुझे अपनी पजामी पहन कर और अपना मोबाइल नंबर देकर बाद में मिलने का बोलकर चली गई।

अब मेरा दिमाग सीमा की सील पैक चूत को चोदने की तरफ लग गया था।

मैं थक चुका था और नाश्ता करके मैं सो गया।

ये थी मेरी सच्ची फॅमिली हिन्दीसेक्स कहानी का पहला भाग।
अगले भाग की प्रतीक्षा करें.

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