कॉलेज की एक टीचर के साथ सेक्स

वर्जिन टीचर सेक्स कहानी में मेरे कॉलेज की एक टीचर बहुत सेक्सी थी, वे तलाकशुदा थी. मैंने उन्हें चोदना चाहता था, वे भी मुझमें रूचि रखती थी पर नखरे कर रही थी.

मेरे कॉलेज में एक टीचर थीं— शहरीन।
Strict in nature, very good knowledge! She was fucking brilliant in teaching!
वे हमेशा साड़ी पहनती थीं।
साड़ी में उनका हर भाग उतना ही उभरा दिखता था, जितना अच्छा लगे।

उनकी गोरी, पतली, उभारों वाली कमर साड़ी से झलकती थी।
जब वह गुस्सा करती थीं तो उनकी क्यूटनेस और ज्यादा झलकने लगती था।

कॉलेज के थर्ड ईयर के सेकेंड सेमेस्टर में उन्होंने हमें पढ़ाया।

यह वर्जिन टीचर सेक्स कहानी है मेरे कॉलेज की इसी टीचर की।

मैं पढ़ने में अच्छा था और साथ ही साथ मैं स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटीज में भी बेहतरीन था।

मैं में क्लास आता था लेकिन कम आता था।
मैं स्पोर्ट्स में फुटबॉल, क्रिकेट और एथलेटिक्स में रनिंग और लॉन्ग जम्प का चैंपियन था।

मेरी अटेंडेंस इन सब एक्टिविटीज को मिलाकर 90% तक पहुंच जाती थी।
मेरा प्रोजेक्ट मेरी गर्लफ्रेंड कर देती थी।

एक बार मैं कॉलेज स्पोर्ट्स ट्रिप पर एक हफ्ते के लिए बाहर गया और एक हफ्ते कॉलेज नहीं आया।
शहरीन मैम की क्लास का एक बहुत इम्पोर्टेन्ट टॉपिक उसी हफ्ते कवर होना था जिसे मैं कवर नहीं कर पाया।

जब मैं वापस कॉलेज गया, तो मैम ने पूरी क्लास के सामने मुझे डांटते हुए बोला, “What do you think, Ajay! क्या यह स्पोर्ट्स तुम्हें थर्ड ईयर पास करा देगा?”

उन्होंने पूरी क्लास के सामने मुझे खूब डांटा।
मैंने चुपचाप मैम की सारी डांट सुन ली और बोला, “सॉरी मैम!”
मैं इतना बोलकर बैठ गया।

उसके बाद उन्होंने क्लास ली और जाते हुए मुझसे बोला, “अजय, कांग्रेचुलेशन! वेल डन! मीट मी आफ्टर कॉलेज।”

कॉलेज खत्म होने के बाद उन्होंने मुझे समझाया।

मैं बोला, “मैम, यह टॉपिक आप मुझे पढ़ा दो, मैं कॉलेज के बाद रुक जाऊंगा।”
वे बोलीं, “कॉलेज के बाद पॉसिबल नहीं है। तुम हॉस्टल में रहते हो ना?”
मैं बोला, “हाँ।”

वे बोलीं, “कॉलेज के बाद कल से रात 8 बजे मेरे घर आ जाना, मैं हर रोज एक घंटा पढ़ाकर तुम्हारा टॉपिक पूरा करा दूंगी।”

मैम कैंपस में ही रहती थीं, उनको कॉलेज से फ्लैट मिला हुआ था।

अब मैं थोड़ा अपने बारे में बता दूं।
कॉलेज में मैं बहुत फिट था।
खेलता था और जिम करता था इसलिए मेरी बिल्ड पूरी एथलेटिक थी।

नेक्स्ट डे मैं उनके घर गया।
मैम ने उस दिन सूट पहना था और वह बवाल लग रही थीं।

मैंने उस दिन शांति से क्लास ली और हॉस्टल आ गया।
दो दिन तक उन्होंने मुझे सीरियसली पढ़ाया।

तीसरे दिन जब मैं गया, तो शहरीन मैम ने गेट खोला और मैं उन्हें बस देखता ही रह गया।
मैम अभी-अभी नहाकर निकली थीं और उनके बाल गीले थे।
उनके हल्के गीले होंठ मेरे लंड में हलचल पैदा कर रहे थे।

मैम ने जो सूट पहना था, उसमें उनका क्लीवेज साफ दिख रहा था।
सूट ने उनकी चूचियों को कसकर दबा रखा था और सफेद सलवार उनकी गांड को कसकर जकड़े हुए थी।
मेरा मन तो कर रहा था कि मैम को यहीं पकड़कर चोद दूं, लेकिन मैंने खुद पर काबू पाया।

मैम ने थोड़ा डांटते हुए मुझसे बोला, “अजय, अंदर आओ!”
मैं डर गया कि बहनचोद, आज तो यह गांड फाड़ देगी!

आज उन्होंने पढ़ने के लिए नहीं बोला।
वे सीधे किचन की तरफ बढ़ गईं और मुझसे पूछा, “चाय या कॉफी?”
मैं बोला, “नो मैम, नथिंग, थैंक यू!”

मैम हँसीं और बोलीं, “ड्रिंक दूं?!”
मैं बोला, “मैं ड्रिंक नहीं करता मैम।”

वह शॉक्ड होकर मेरी तरफ मुड़ीं और बोलीं, “सीरियसली?! गुड, वेरी गुड! तभी तुम इतने स्ट्रांग, फिट और हैंडसम हो! हाउ इज योर रिलेशन विद पारुल?”
मैं बोला, “ऑल गुड मैम, एवरीथिंग इज परफेक्ट!”

वह हँसीं और बोलीं, “सब कुछ ठीक चल रहा है, सही है! अपनी गर्लफ्रेंड को टाइम देते हो या बस स्पोर्ट्स और यहाँ-वहाँ ही बिजी रहते हो?”

अब मेरे अंदर का हरामी जाग चुका था।
मैंने थोड़ा पॉज लिया और बोला, “बिलकुल देता हूँ मैम, भरपूर देता हूँ— टाइम!”
उन्होंने एक नटखट स्माइल दी और बोलीं, “जरूरी है देना! नहीं देने वाले लड़कियों को बहुत मिलते हैं— टाइम!”

मैम का डिवोर्स हो रखा था।
उनकी शादी महज छह महीने में ही टूट गई थी क्योंकि उनका हस्बैंड बहुत एब्यूसिव था।
उसके बाद मैम ने दूसरी शादी नहीं की थी।

उनकी उम्र उस वक्त करीब 34 साल के आसपास रही होगी और मैं 23 साल का था।

अब मैम ने आकर मुझे कॉफी पकड़ाई और मेरे सामने आकर बैठ गईं।
उनके कसे हुए बूब्स बिल्कुल मेरे सामने थे और मैं ललचाई निगाहों से उन्हें निहार रहा था।

मेरा लंड अब तनकर खंभा हो चुका था।
मेरा लंड 8 इंच लंबा, मोटा और एकदम तराशा हुआ था।
इस लंड ने कॉलेज की कई लड़कियों को अपना दीवाना बनाया हुआ था।

मैम भी तिरछी निगाहों से मेरे उभार को निहार रही थीं।
लगभग 30 मिनट तक मैम ने मुझसे इसी तरह खुलकर बात की और फिर मुझसे बोलीं, “चलो अब जाओ, आज मेरा पढ़ाने का मूड नहीं है। कल मॉर्निंग में आ जाना, दिनभर में पूरा टॉपिक कवर करा दूंगी।”

मैंने पूछा, “कितने बजे तक आ जाऊं मैम?”
शहरीन मैम बोलीं, “8 बजे!”

शहरीन मैम ने मुझे पूरी तरह से गर्म कर दिया था और मेरा लंड भूखा था।
उस रात कुछ हो नहीं सकता था क्योंकि मेरी गर्लफ्रेंड हॉस्टल में थी और बाकी कोई चुत इतने कम वक्त में अवेलेबल नहीं थी।
मैं बड़ी मुश्किल से रात में सो पाया।

सुबह मैं जल्दी ही शहरीन मैम के फ्लैट पर पहुंच गया और जाकर बेल बजाई।
दो-तीन घंटी बजने के बाद दरवाजा खुला और शहरीन मैम नाइटी में मेरे सामने खड़ी थीं।
घुटने से नीचे तक दिखने वाली उनकी गोरी-गोरी टांगें बेहद मादक लग रही थीं।

उन्होंने टाइम देखा और बोलीं, “बड़ी जल्दी आ गए! आओ अंदर।”

वह खुद सोफे पर टांगें फैलाकर बैठ गईं और आंखें बंद करके लेट गईं।
मैंने ऊपर से नीचे तक उनके पूरे बदन का मुआयना किया।
मैम बेखबर होकर सो गई थीं।

उन्हें इस तरह देखकर मैं पूरी तरह गर्म हो गया।
मैं उनके पास गया, उनके खूबसूरत चेहरे को निहारने लगा और नीचे बैठ गया।

मैंने झुककर अपने होंठों से उनके होंठों को हल्का सा चूमा।
उनकी तरफ से कोई रिएक्शन नहीं आया।

मैंने दोबारा उनके होंठों को थोड़ा और जोर से चूमा और उनके होंठों के स्पर्श को महसूस किया।

शुष्क होंठों के इस स्पर्श से मेरा लंड शॉर्ट्स फाड़ने को तैयार था।

जब इस बार भी शहरीन मैम ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो मैंने अपने हाथों से उनके गालों को हल्का सा पकड़ा।

मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रखकर उन्हें धीरे-धीरे चूसना आरम्भ कर दिया।

मैं करीब 5 मिनट तक उनके होंठ चूसता रहा।
फिर उन्होंने हल्का सा झटका देकर सोने का नाटक किया और मैं दूर हटकर बैठ गया।

पांच मिनट बाद वह खुद उठीं और ऐसा रिएक्ट किया जैसे कुछ हुआ ही न हो।

वे बोलीं, “यू वांट कॉफी?”
मैं बोला, “आई विल मेक इट मैम, आप बैठो।”
उन्होंने बोला, “ओके, थैंक यू!”

उन्होंने मुझे कॉफी का सामान दिखाया और बोलीं कि वह फ्रेश होकर आती हैं।
मैंने कॉफी बनाई।

वह फ्रेश होकर आईं, बैठ गईं और अखबार पढ़ते हुए कॉफी पीने लगीं।

उन्होंने मुझसे कहा कि जो अब तक पढ़ा है, उसे रिवाइज कर लूं, क्योंकि वह पहले टेस्ट लेंगी और फिर आगे पढ़ाएंगी।

मैंने खुद को संतुलित किया और पढ़ने लगा।
मैम ने कॉफी खत्म की और नहाने चली गईं।

जब वह नहाकर निकलीं, तो उन्होंने साड़ी पहन रखी थी।
पल्लू को फोल्ड करके उन्होंने कमर में बांध रखा था, जिससे उनकी गोरी कमर और नाभि मस्त दिख रही थी।

उन्होंने आकर मुझे क्वेश्चंस लिखाए।

इसी बीच उन्होंने मेड को कॉल किया, वह आई और ब्रेकफास्ट बनाकर तथा घर साफ करके चली गई।

मैंने एक घंटे में सारे क्वेश्चंस सॉल्व कर दिए।
जब मैंने मैम को चेक करने के लिए दिया, तो उन्होंने चेक करते हुए कुछ गलतियां निकालीं।

वे अपने बालों को एक साइड करके पेपर चेक कर रही थीं।
उनकी खुली हुई गर्दन और उसका गोरापन मुझे पागल कर रहा था।

मैं अपनी कुर्सी से उठा, उनकी कुर्सी के पीछे आया और झुककर कुर्सी के साथ ही उन्हें अपने हाथों में जकड़ लिया।

मैं उनकी गर्दन को चूमने लगा और उनके बूब्स को दबाने लगा।
वह चिल्लाईं, “छोड़ो मुझे!”

लेकिन मैंने एक नहीं सुनी और बोला, “आज बिना चोदे नहीं छोडूंगा मैम! आप बहुत खूबसूरत हो, आपके हर भाग को चाट-चाटकर चूस लूंगा!”

मैं दो-तीन मिनट तक उन्हें बेतहाशा चूमता रहा और उनके बूब्स को मसलता रहा।
उन्होंने किसी तरह खुद को मुझसे छुड़ाया, उठीं और मुझे एक जोरदार थप्पड़ मारकर बोलीं, “गेट आउट!”

मैंने उन्हें गुस्से से देखा, फिर उन्हें खुद से चिपकाकर उनके बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से ही मसला और दांतों से जोर से काट लिया।
उनके होंठों को बेरहमी से चूसा, अपना बैग पैक किया और हॉस्टल आ गया।

मेरा लंड आज भी भूखा था।

गर्लफ्रेंड को हॉस्टल से कैंपस के बाहर ले जाना उस वक्त मुश्किल था, इसलिए मैंने मुठ मारी और सो गया।

अगले दिन क्लास में शहरीन मैम ने मुझसे कुछ नहीं बोला।
मैं समझ गया कि इन्होंने शिकायत नहीं की है, इसका मतलब आज नहीं तो कल यह जरूर चुदेगी!

दो-तीन दिन मैं कॉलेज नहीं गया।
हर शाम मैंने पारुल को कॉलेज के अंदर लैब में ले जाकर तबीयत से बजाया।

पारुल को समझ नहीं आ रहा था कि मुझमें ऐसी क्या हवस जगी है कि मैं इतना रिस्क लेकर उसे चोद रहा हूँ।
पारुल को चोद-चोदकर मैंने खुश कर दिया था।

तीन दिन तक लैब में मैंने उसकी चुत पर अलग-अलग तरह से प्रैक्टिकल किए और यही वह चुदाई थी जिसने पारुल को पूरी तरह रंडी बना दिया।

अब कॉलेज में सब नॉर्मल चल रहा था।

शहरीन मैम वाले इंसिडेंट के बाद मैंने एक महीने में खूब चुदाई की।

पारुल को सुदीप के फ्लैट पर महीने में 10-15 दिन ठोका और इतना ठोका कि पारुल की भूख और बढ़ गई।

सुदीप की गर्लफ्रेंड मेरी चुदाई देखकर काफी इम्प्रेस हो गई थी।
सुदीप के फ्लैट पर मैं पारुल को सिर्फ चोदता था और उसकी बुर को खोदता था।

मेरी चुदाई की कहानी सुदीप की गर्लफ्रेंड मीनाक्षी ने हर जगह फैला दी कि मैं चुदाई का उस्ताद हूँ और बहुत बड़ा चोदकड़ हूँ।

इसकी वजह से मुझे कॉलेज में कई और चुत भी मिलीं।

शहरीन की जगाई ठरक के बाद मैंने कई लड़कियां बजाईं और डेढ़ महीने में ही 4 लड़कियां ठोक दीं।
मैं कॉलेज कम जाता था, पर अटेंडेंस की कोई टेंशन नहीं थी।

कॉलेज में सेशनल एग्जाम्स आ गए और शहरीन मैम ने सेशनल में जानबूझकर मुझे कम मार्क्स दिए।

मेरे सही आंसर्स में भी उन्होंने कुछ ना कुछ कमी निकालकर मार्क्स काट लिए थे।

सेशनल के बाद छुट्टियां थीं और अगले दिन मुझे घर जाना था।
फालतू में कम मार्क्स मिलने की वजह से मेरा मूड पूरी तरह ऑफ था।

कॉलेज खत्म हुआ और मैं हॉस्टल आ गया।
डिनर करने के बाद रात 9 बजे मैं कैंपस में घूमने निकला और एकदम से मेरा रुख शहरीन मैम के फ्लैट की तरफ मुड़ गया।
मैंने जाकर उनके दरवाजे की घंटी बजा दी।

गेट खोलते ही वह मुझे देखकर चौंक गईं और बोलीं, “इस वक्त तुम यहाँ क्या कर रहे हो?!”
उन्होंने उस वक्त शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहन रखा था।

मैंने बिना कुछ बोले सीधे अंदर आकर गेट लॉक किया और उन्हें कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया।

मैं उनके होंठों को बेरहमी से चूसने लगा।
मैंने शहरीन को इतनी मजबूती से जकड़ रखा था कि उनकी चूचियां मेरी छाती से चिपकी हुई थीं और मेरा लंड उनकी चुत के ऊपर रगड़ खा रहा था।

उनकी चुत की गर्मी मुझे शॉर्ट्स के ऊपर से ही महसूस हो रही थी।

मैंने उन्हें चूमते-चूमते 10 मिनट के अंदर पूरा नंगा कर दिया।
फिर उन्हें घुटनों के बल बिठाकर अपना लंड उनके होंठों पर फिराने लगा और बोला, “चूस इसे!”

मैंने अपना पूरा लंड उनके मुंह में पेल दिया।
शहरीन के मुंह को मैंने करीब 40 मिनट तक चोदा और अपना पूरा माल उनके शरीर पर निकाल दिया।

फिर उनसे बोला, “लंड को चूसकर साफ करो!”
उन्होंने लंड को चूसकर साफ किया।

मैंने अपना शॉर्ट्स पहना और उनसे बोला, “नंबर कम नहीं देने थे मैम, यह आपने गलत किया!”

वह जोर-जोर से जमीन पर बैठी हांफ रही थीं और मुझे देख रही थीं।
यह बोलकर मैंने गेट खोला और हॉस्टल आ गया।

अगले दिन मैं अपने घर चला गया और 5 दिन बाद वापस कॉलेज आया।

छुट्टियों के बाद जब मैं कॉलेज आया, तो शहरीन मैम ने उस दिन अपना पूरा गुस्सा क्लास पर निकाला और जो प्रोजेक्ट हॉलिडे होमवर्क के लिए दिया था, उसे सबसे एक्सप्लेन कराया।
मैंने अपना प्रोजेक्ट बहुत अच्छे से एक्सप्लेन किया, तो वे बोलीं, “गुड जॉब!”

वह थोड़ी खुश भी दिखीं।
सर्दियों के दिन थे इसलिए अंधेरा जल्दी हो जाता था।

कॉलेज खत्म होने के बाद हमारी एक लैब थी जो शाम 6:30 बजे तक चली।

जब लैब खत्म हुई तो पूरा अंधेरा हो चुका था।
कॉलेज में बिल्कुल सन्नाटा था, बस हम 20-25 लोग ही बचे थे।

जब सब लोग निकल गए तो मैं ऐसे ही शहरीन मैम के केबिन की तरफ गया कि देखूं शायद वह वहां हों।

वहां गया तो देखा कि उनके केबिन की लाइट जल रही थी।
स्टाफ केबिन क्लासेस से बिल्कुल सेपरेट था।

मैं केबिन में पहुंचा तो मैम कुछ पढ़ रही थीं।
मुझे देखकर उन्होंने अनदेखा कर दिया और अपने काम में लगी रहीं।

मैंने जाकर उनकी कुर्सी को थोड़ा पीछे किया और सीधे उनकी डेस्क के नीचे घुस गया।

केबिन के बाहर से मुझे वहां कोई नहीं देख सकता था।

मैंने उनकी साड़ी के अंदर हाथ डालकर उनकी पैंटी निकाली और अपना मुंह उनकी चुत में डाल दिया।
मैं उनकी चुत को प्यार से चूसने लगा।

मैम अपनी कुर्सी पर बैठी-बैठी केबिन में ही मुझसे अपनी चुत चटवा रही थीं।

20 मिनट तक मैंने अपनी जीभ से उनकी चुत को खोदा और हल्का-हल्का काटा

शहरीन ने मजे के मारे अपनी टांगों से मेरे सिर को दबा लिया और वह झड़ गईं।
मैं उनका पूरा वीर्य पी गया और उनकी चुत को चाटकर साफ कर दिया।

फिर मैं बाहर निकलकर खड़ा हुआ, उनकी पैंटी को अपने बैग में डाला और हॉस्टल आ गया।

अब मैंने गर्ल्स हॉस्टल की गार्ड मैम को भी सेट कर लिया था।
हॉस्टल का मेस, जिसकी एंट्री मेन रोड से थी, वहीं से होकर गर्ल्स हॉस्टल का रास्ता जाता था।

अब मैं पारुल को मेस के स्टोर रूम में, जब मेरा मन करता था, ले जाकर बजाता था।

एक दिन रात के 3 बजे मैंने पारुल को मेस के स्टोर रूम में तबीयत से बजाया और वहां से सीधे आकर शहरीन के घर की घंटी बजा दी।

वह मुझे इस वक्त देखकर गुस्सा हुईं और बोलीं, “कोई देख लेगा!”
लेकिन मैं पूरा प्रिकॉशन लेकर चलता था।

मैंने उन्हें शांत किया, उठाया और सीधे बेड पर पटक दिया और उन्हें पकड़कर लेट गया।

शहरीन ने भी कुछ नहीं बोला और वह मेरी बाहों में प्यार से सो गईं।
जब मेरी नींद खुली, तो शहरीन नहा रही थीं।

मैंने बाथरूम का दरवाजा नॉक किया।

शहरीन ने दरवाजा खोला और वह शॉवर के नीचे खड़ी होकर नहाने लगीं।

वे उस वक्त पूरी नंगी थीं।
मैंने भी अपने कपड़े उतारे और जाकर शहरीन के बदन से खेलने लगा।
मैं उन्हें चूमने और सहलाने लगा।

फिर एकदम से हम दोनों ने एक-दूसरे को कसकर जकड़ लिया और हम एक-दूसरे के होंठों को पागलों की तरह चूसने लगे।

आज हम दोनों इतने दिनों की तड़प को मिलकर मिटा रहे थे।

वह अपने हाथों से मेरे गठीले बदन को छूकर महसूस कर रही थीं और मैं उनके कोमल शरीर को टटोल रहा था।

थोड़ी देर बाद जब हम प्यार से एक-दूसरे को चूम रहे थे.

तो मैं बोला, “मैम, मैं ही क्यों?!”
वे बोलीं, “Because you are hot, my love! I know you are young, but still, you are fucking damn hot! How can I control myself?”

मैं बोला, “आप इतनी खूबसूरत हो कि आपको कोई कैसे मना करेगा! आप तो पूरे कॉलेज की ठरक हो मैम!”

यह बोलकर मैं उनके गोल-गोल, मुलायम बूब्स को चूसने लगा और बच्चों की तरह उन्हें पीने लगा।
उनकी चूँचियों पर शॉवर का पानी गिर रहा था और मैं उन्हें मुंह लगाकर पी रहा था।
शहरीन मस्ती में पागल होकर मुझे अपनी चूँचियां पिला रही थीं।

थोड़ी देर बाद उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरे गालों को सहलाया और मेरे पेट के सिक्स-पैक एब्स को महसूस करते हुए बोलीं, “You are so strong!”

यह बोलकर वह मेरी छाती और मेरे पेट को चाटने लगीं।
फिर उन्होंने मेरे लौड़े को अपने हाथों में लिया और बोलीं, “Your pipe is very, very big! Please drill me slowly. I never had sex! बहनचोद, मेरे पति का खड़ा ही नहीं होता था और इसी फ्रस्ट्रेशन में वह मुझे मारता था मादरचोद! Ajay, please fuck me and please don’t tell anyone! You are so mature and fucking handsome, that’s why I gave up on you!”

मैं बोला, “डोंट वरी मैम, आई एम नॉट गोइंग टू टेल एनीवन! आप जैसा खूबसूरत माल मैं किसी और को जानने थोड़ी दूंगा! आपको तो सिर्फ मैं ही चोदूंगा और चोद-चोदकर आपको पूरा परिपक्व कर दूंगा। जब से आपके चुत की गर्मी मेरे लंड ने महसूस की है, तब से इसने कई चुतों में तहलका मचा रखा है!”

अब मैंने शहरीन को अच्छे से नहलाया और गीले बदन ही उन्हें लाकर बेडरूम के बेड पर लिटा दिया।
उनके ऊपर मैं भी गीला ही लेट गया और उनके होंठों को चूसते हुए अपने लंड को उनकी चुत पर रगड़ने लगा।

शहरीन मैम ने अपनी आंखें बंद कर लीं और मस्त होकर सिसकारियां लेने लगीं।
वे बोलीं, “Ajay, now I am out of control! Please fuck me!”

अब मैंने बैठकर शहरीन की टांगों को पूरा खोला और अपने लंड को उनकी चुत के मुहाने पर लगाया।
उनकी वर्जिन टीचर सेक्स के लिए किसी भट्टी की तरह तप रही थी।

मैंने जब लंड अंदर घुसाने की कोशिश की, तो लंड झटककर बाहर आ गया।
शहरीन बिल्कुल सही बोल रही थीं, उनकी चुत का आज तक उद्घाटन नहीं हुआ था।

मैं इस खुशी में पागल हो गया कि मुझे एकदम सील पैक माल मिला है!

मैंने शहरीन को किस किया, उनके मुंह पर अपना हाथ रखा, अपने लंड पर थूक लगाया और एक तूफानी झटका दिया!
चुत को फाड़ता हुआ मेरा आठ इंच का लंड उनकी चुत के अंदर विराजमान हो गया।

दर्द के मारे शहरीन ने मेरे हाथ को कसकर काट लिया।
वे पूरी तरह छटपटा रही थीं।

मैंने उन्हें चूमना स्टार्ट किया और 5 मिनट तक उन्हें प्यार से चूमा।

जब उनका दर्द थोड़ा कम हुआ, तो मैंने एक और जोरदार झटका मारा।
शहरीन चिल्लाईं, “आराम से अजय, प्लीज! बहुत दर्द हो रहा है!”

मैं बोला, “मुझ पर थोड़ा विश्वास करो मैम, आपका स्टूडेंट चुदाई के मामले में आपका गुरु है!”

मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रखे और फिर उन्हें जोर-जबरदस्ती से ताबड़तोड़ चोदना शुरू कर दिया।
शहरीन ने दर्द और मजे के मारे मेरी पूरी पीठ को अपने नाखूनों से खुरच दिया।

5-7 मिनट में उन्हें असली मजा आने लगा और मेरी गीली चुत में मेरा लंड बोरिंग करने लगा।

15 मिनट की लगातार चुदाई में शहरीन का पानी निकल गया और मेरा लंड उनके माल से पूरी तरह सराबोर हो गया।

अब मैंने उनकी चुत को साफ किया और उनके रस का पान करने लगा।

उनकी चुत बिल्कुल गोरी और अंदर से एकदम पिंक थी।
मैंने उसे चाटकर 10 मिनट में फिर से गर्म किया और दोबारा मिशनरी पोजीशन में उन्हें चोदने लगा।

आधे घंटे तक मैंने शहरीन को मिशनरी में प्यार से चोदा और शहरीन की चुत के अंदर अपना गर्म लावा निकाल दिया।
मेरे साथ ही शहरीन ने भी अपना पानी छोड़ दिया।

अब शहरीन ने मेरी छाती पर अपना सिर रख दिया और लेटकर बोलीं, “आज से तुम मेरे मॉन्स्टर हो! Thank you so much for this ultimate pleasure! Ajay, it’s my humble request, please don’t tell anyone! नहीं तो मैं पूरी तरह बर्बाद हो जाऊंगी।”
मैं बोला, “मैम, यह राज हमेशा राज ही रहेगा, यह मेरा वादा है आपसे!”

उसके बाद मैंने उस पूरे दिन शहरीन मैम को खूब चोदा।
उन्हें घोड़ी बनाकर उनकी चुत को खूब बजाया और अपने लंड पर खूब दौड़ाया।

वर्जिन टीचर सेक्स करके रात को 10 बजे मैं वापस हॉस्टल आ गया।
मैंने शहरीन को इतना चोदा था कि उन्हें अपनी चाल ठीक करने के लिए कॉलेज से दो दिन की लीव लेनी पड़ी थी!

अब शहरीन मैम से वह मेरे लिए सिर्फ ‘शहरीन’ हो गई थीं और कॉलेज के बाद मैं हर रोज उन्हें चोदने लगा।

शहरीन को डेढ़ साल तक मैंने गजब का ठोका।
चोद-चोदकर मैंने उन्हें एकदम मस्त माल बना दिया था।

कॉलेज खत्म होने के बाद भी हमारी यह कहानी चलती रही।
फिर दो साल बाद उन्होंने दूसरी शादी कर ली और हम दोनों ने इस राज को हमेशा के लिए राज रखकर यह रिश्ता खत्म कर दिया।
ये कहानी है मेरे कॉलेज की।

कैसी लगी वर्जिन टीचर सेक्स कहानी?
जरूर बतायें।

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