अम्मी के साथ मेरी चुदाई की रात

ये बेटा माँ Xxx कहानी मेरे और मेरी अम्मी की है. मैंने अम्मी की और अम्मी ने मेरी जिस्म की आग को बुझाया और एक नए रिश्ते में बांधने के लिए हम दोनों ने अपने कदम आगे बढ़ाये.

इस कहानी को पढ़ने वाले मेरे सभी दोस्तों को मेरा सलाम!
मेरा नाम हेलाल है (कहानी के लिए मैंने अपना नाम बदला है) और मेरी अम्मी का नाम शगुफ्ता है।

मेरे घर में मेरी प्यारी अम्मी, अब्बा और दो बहनें हैं।

सबको किनारे करते हुए मैं अपने और अपनी अम्मी के बारे में बताता चलूँ।
मेरी अम्मी की उम्र 42 साल है लेकिन दिखने में वह आज भी किसी नव-विवाहित औरत जैसी लगती हैं।

उनका रंग एकदम साफ़ है और फिगर काफी चब्बी है, जिसका साइज 32-30-34 है।
मेरी उम्र 22 साल है और मैं भी दिखने में ठीक-ठाक और हेल्दी हूँ।

ये ये बेटा माँ Xxx कहानी कोरोना काल की है।
उस समय मैं अपनी ग्रेजुएशन के पहले सत्र में था और लॉकडाउन की वजह से घर से ही पढ़ता था।

मेरे अब्बा एक सरकारी कर्मचारी हैं इसलिए काम के सिलसिले में उन्हें दफ्तर जाना पड़ता था।
उस वक़्त हमारे घर में काफी परेशानियाँ चल रही थीं।

मेरी अम्मी थोड़े शक्की मिजाज की हैं; उन्हें लगता था कि अब्बा का बाहर कहीं चक्कर चल रहा है।
इस बात को लेकर काफी वक्त से अम्मी और अब्बा के बीच लड़ाई चल रही थी।

अब आप समझ सकते हैं कि जब मियाँ-बीवी के बीच अनबन हो, तो कितनी दूरियां आ जाती हैं।

खैर, रोज़ ऐसे ही दिन कट रहे थे।

एक दिन की बात है, मैं अपनी ऑनलाइन क्लासेज ले रहा था.

तभी अम्मी मेरे कमरे में आयीं और बोली, “बेटा, तुम अभी कमरे से बाहर तो नहीं निकलोगे न?”
मैंने कहा, “नहीं अम्मी, अभी तो मेरी क्लास चल रही है। आपको कोई काम है क्या?”

अम्मी, “नहीं बेटा, वह मैं आँगन में नहाने जा रही थी, तो सोचा कि तुम्हें बता दूँ ताकि कहीं तुम मेरे नहाते वक़्त कमरे से बाहर न आ जाओ!”
मैंने जवाब दिया, “नहीं अम्मी, आप नहा लो, मैं अभी नहीं आऊँगा।”

अम्मी से इतनी बात होने के बाद वह नहाने चली गयीं।

दोस्तो, मैं आपको बता दूँ कि उस समय मैं ‘मादरचोद’ था, पर उस दिन के बाद कुछ ऐसा हुआ कि मैं वह छोड़ो, सीधा अपनी अम्मी का शौहर बनकर उन्हें चोदना चाहने लगा।

अम्मी ने जब नहाना शुरू किया, उसके कुछ देर बाद ही मेरी क्लासेज खत्म हो गयीं।

मैंने आज से पहले बस पोर्न वीडियोज़ और अंतर्वासना की कहानियों में देखा-पढ़ा था कि कैसे एक बेटा अपनी माँ को नहाते हुए देखता है और उत्तेजित हो जाता है।
मेरा भी मन अपनी अम्मी को बिना कपड़ों के नंगी नहाती देखने को करने लगा।

मैंने कमरे की खिड़की के दरवाजों की दरार से झांकना शुरू किया।

नहाते हुए अम्मी को बिना कपड़ों के देखना किसी सपने से कम नहीं लग रहा था!
उनका वह गोरा बदन, उस बदन पर पके हुए आम की तरह लटके हुए उनके चूचे, जो एकदम गोरे और निप्पल भूरे रंग के थे।

इन सब के बीच मैंने उनकी चूत भी देखी जिस पर एक भी बाल नहीं था।
मैंने देखा कि अम्मी उसमें हल्के-हल्के उँगली भी कर रही थीं।

मैं समझ सकता हूँ कि अगर एक औरत का पति उससे दूर रहे, तो उसे कुछ न कुछ इंतज़ाम तो करना ही पड़ता है।
मेरी अम्मी शरीफ थीं, इसलिए बाहर के मर्दों के बजाय अपनी उँगली से काम चला रही थीं।

उस दिन अम्मी को नहाते देख और उनकी हरकतें देखकर मैं समझ गया था कि उन्हें क्या चाहिए।

उस दिन के बाद मैंने यह ठान लिया कि अपनी अम्मी को मुझे खुश करना होगा क्योंकि अम्मी की खुशी में ही मेरी खुशी थी… आप समझ रहे हो न!

उसी रात की बात है, अम्मी-अब्बा के बीच झगड़े की वजह से अम्मी मेरे बगल में सोती थीं।

उस रात जब वह मेरे पास सोईं तो मुझे वही दिन वाले ख्याल आने लगे कि कैसे उन्होंने मुझे अपना नग्न रूप दिखाया था।
उन्हें बिना कपड़ों के याद कर मेरा लंड एकदम टाइट खड़ा हो गया।

मैंने हिम्मत जुटाई और अपना लंड अम्मी की गांड पर सलवार के ऊपर से ही रगड़ना शुरू कर दिया।

रगड़ते वक्त मुझे अहसास हुआ कि अम्मी ने आज पैंटी नहीं पहनी है!
फिर अम्मी ने करवट ली और एकदम सीधी होकर लेट गयीं।
मैं भी जल्दी से अपना लंड अंदर करके उनकी तरफ मुँह करके लेट गया।

थोड़ी देर बाद जब माहौल शांत हुआ, तो मैंने देखा कि अम्मी के सीने पर दो पहाड़ जैसी आकृतियाँ दिखाई दे रही थीं।

मैंने बिना वक्त गँवाए हिम्मत की और अपना हाथ कमीज के ऊपर से ही उनकी चूचियों पर रख दिया।
अम्मी ने कोई विरोध नहीं किया.
तो मैंने उन्हें दबाना शुरू किया।

तब मुझे अहसास हुआ कि उन्होंने ब्रा भी नहीं पहनी है!

इतना करने के बाद मेरी हिम्मत और बढ़ने लगी।
मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था।

मेरा लंड शॉर्ट्स के अंदर एकदम टाइट होकर अम्मी की चूत को सलामी देने के लिए तैयार था।

मैंने अपना एक हाथ अम्मी की सलवार के अंदर डाला और चूत में उँगली अंदर-बाहर करने लगा, जबकि दूसरे हाथ से अपना लंड हिलाने लगा।

मुझे पता ही नहीं चला कि कब अम्मी जाग गईं!

मैं उनकी चूत में उँगली कर रहा था और उधर वह अपने होठों को दांतों से काट रही थीं और एक हाथ से अपनी चूचियों को खुद दबा रही थीं।
यह सब देख कर मैं एकदम शॉक में चला गया!

अम्मी ने सिसकारी लेते हुए कहा, “आह… मेरे राजा बेटा! रुक क्यों गए? करो न अपनी अम्मी जान की चूत में उँगली, बहुत अच्छा लग रहा है!”

यह सुनकर मेरे पसीने छूट गए।
मैं उन्हें चोदना तो चाहता था पर हकीकत में ऐसा होते देख मेरी हवाइयाँ उड़ गयीं।

फिर अम्मी ने कहा, “बेटा, मैं जानती हूँ कि आज जब मैं नहा रही थी, तो तू मुझे छुपकर देख रहा था। तुझे अपनी अम्मी का बदन कैसा लगा?”
यह सुनकर मुझे हिम्मत मिली और मैंने कहा, “आप काफी अच्छी हो अम्मी! आपका बदन लाजवाब है, देख कर कोई भी आपको चोदने को तैयार हो जाएगा!”

अब अम्मी से भी रहा नहीं गया।
आखिर न जाने कितने दिन हो गए थे जब अब्बा ने उन्हें नहीं चोदा था।

उन्होंने मेरी शॉर्ट्स नीचे की और अपनी नंगी चूत लेकर सीधा मेरे लंड पर बैठ गयीं!
मैं कुछ बोलता, उससे पहले ही उन्होंने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया और लंड को अंदर डाल कर ऊपर-नीचे होने लगीं।

उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर अपनी चूचियों पर रख दिया।
मैं भी मजे से उनके पके आम जैसे रसीले अंगों को दबाने लगा।

करीब 15 मिनट तक सवारी करने के बाद मैंने अम्मी को नीचे किया और खुद उनके ऊपर आ गया।
इस बार मैंने पोजीशन बनाकर लंड को काफी गहराई तक अंदर धकेला।

मेरे लंड के जाते ही अम्मी की सिसकारी निकली, “आईश… उफ्फ्…!”

उस सिसकारी ने मुझमें और जोश भर दिया।
मैंने लंड निकाल कर फिर एक ज़ोरदार धक्के के साथ अंदर डाला, तो अम्मी उछल पड़ीं और मेरे कान के पास आकर धीरे से बोलीं, “मादरचोद! अम्मी हूँ तेरी, कोई रंडी नहीं जो बार-बार इतना अंदर तक पेल रहा है!”

अम्मी के मुँह से यह सुनकर जोश दोगुना हो गया।
मैं पागलों की तरह उन्हें पेलने लगा।

वह अपना मुँह दबाकर सिसकारियां ले रही थीं, “ऊऊ ऊह्ह्ह… आआह… आराम से बेटा, तेरी अम्मी हूँ… आह्ह… मादरचोद!”

काफी दिनों से चुदाई न होने के कारण उनकी चूत टाइट थी और उन्हें दर्द भी हो रहा था, पर मज़ा भी बहुत आ रहा था।

करीब 10 मिनट और पेलने के बाद अम्मी का पानी निकल गया।
उसके 5 मिनट बाद मैंने भी अपना सारा पानी उनकी चूत के ऊपर निकाल दिया।

उस रात मैंने और मेरी अम्मी शगुफ्ता ने एक नए शादीशुदा जोड़े की तरह सुहागरात मनाई।

उस दिन से अम्मी ने मुझे अपना शौहर मान लिया है और मैंने उन्हें अपनी बीवी।
अब वह मुझे खुश रखने के लिए वह सब कुछ करती हैं जो एक बीवी करती है, और मैं भी उन्हें पूरी तरह संतुष्ट रखता हूँ।

आपको यह ये बेटा माँ Xxx कहानी कैसी लगी? कमेंट्स में जरूर बताएं!

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