माय मॅाम सेक्स कहानी में मेरे पापा ने हमें बेसहारा छोड़ दिया. मम्मी को लंड नहीं मिल रहा था. एक बार उनका क्लासमेट घर आया. उन दोनों की दोस्ती हो गयी.
दोस्तो, मेरा नाम राजेश है।
मैं राजस्थान का रहने वाला हूँ।
मैं 19 साल का हूँ।
यह माय मॅाम सेक्स कहानी है.
मेरी मम्मी का नाम मंजू है।
उनकी उम्र 39 साल की है मगर वो बहुत जवान लगती हैं।

मेरी मम्मी एक संस्कारी औरत हैं।
वो अपने पति के अलावा किसी और को आँख उठाकर भी नहीं देखती थीं।
मम्मी दिखने में ठीक हैं, लेकिन बहुत गोरी हैं। उनके बूब्स भी मोटे हैं और गांड भी।
जब वो सोती थीं तो मैंने उनकी गोरी मोटी टांगें देखी हैं।
हमारे घर में हम दो ही लोग रहते हैं — मैं और मेरी मम्मी।
मेरे पापा शहर में नौकरी करते हैं।
पहले तो सब ठीक था, लेकिन जब पापा हमारे पास गाँव में आते तो शराब पीने के कारण पापा और मम्मी में झगड़ा हो जाता था।
फिर एक दिन पापा घर आए और शराब पीकर मम्मी पर हाथ उठा दिया।
दोनों में बहुत बड़ा झगड़ा हो गया।
उसके बाद पापा दो साल तक गाँव नहीं आए।
उन्होंने घर खर्च भी देना बंद कर दिया।
यहाँ तक कि उन्होंने हमसे बात भी नहीं की।
मम्मी को एक आदमी का सुख भी नहीं मिल पाया।
वो सिलाई करके घर की जिम्मेदारी उठा रही थीं।
फिर अचानक एक दिन मम्मी किचन में काम कर रही थीं।
तभी किचन की खिड़की में एक हट्टा-कट्टा आदमी आकर मम्मी को उनके नाम से बुलाता है, “मंजू!”
मम्मी को कुछ याद नहीं आ रहा था।
फिर उस आदमी ने बताया कि वो मम्मी के साथ स्कूल में पढ़ता था।
हालांकि उनकी कभी बात नहीं हुई थी, लेकिन वो मम्मी को जानते थे।
मम्मी को याद आने लगा।
तब मम्मी ने कहा, “तुम राकेश हो ना!”
उन्होंने कहा, “हाँ!”
उन्होंने बताया कि वो अस्पताल में काम करते हैं और अब हमारे पास वाले गाँव में रहते हैं।
मम्मी ने उन्हें कहा, “आईए, चाय पीकर जाइए!”
तब उन्होंने कहा, “आज नहीं, किसी और दिन।”
उसके बाद वो अंकल रोज अस्पताल से अपने घर जाते समय मम्मी से बात करके जाते थे।
उनकी उम्र भी मम्मी से एक साल ज्यादा है।
उनकी शादी हो चुकी थी, लेकिन उनकी वाइफ उन्हें छोड़कर चली गई थी।
एक दिन रात को अंकल गुजर रहे थे।
तब मम्मी ने उन्हें चाय पीने के लिए बुलाया।
चाय पीते हुए दोनों बात कर रहे थे।
तभी अंकल ने मम्मी से पापा के बारे में पूछा।
मम्मी ने कहा, “वो शहर में काम करते हैं।”
अंकल ने पूछा, “गाँव कब आते हैं?”
मम्मी ने कहा, “वो हमसे मिलने नहीं आते और ना ही हमें घर खर्च देते हैं।”
उसके बाद मम्मी ने उन्हें पापा के बारे में सब कुछ बता दिया।
पापा की बात करते-करते मम्मी इमोशनल हो गईं और अंकल के सामने रोने लगीं।
तभी अंकल मम्मी के पास बैठ गए।
उन्होंने एक हाथ मम्मी के कंधे पर रखा और दूसरे हाथ से मम्मी के आँसू पोंछने लगे।
मम्मी को होश नहीं था।
वो अंकल की छाती में सिर रखकर सो गईं।
अंकल ने मम्मी को पानी पिलाकर शांत किया और खिड़की और दरवाजा बंद कर दिया क्योंकि साइड वाले रूम में मैं था।
अंकल ने कहा, “तुम्हारा बच्चा तुम्हें देखेगा तो उस पर गलत असर पड़ेगा!”
फिर से मम्मी अंकल की छाती पर लेटकर रो रही थीं।
अंकल ने मम्मी को शांत करने की कोशिश की।
लगभग एक घंटे बाद मम्मी शांत हुईं।
अंकल जाने लगे और अपने पर्स से दो हजार रुपये मम्मी को दिए।
अंकल ने कहा, “इन पैसों से राजेश को नए कपड़े खरीद देना!”
मम्मी ने कहा, “इन सबकी कोई जरूरत नहीं है!”
मम्मी के मना करने के बावजूद वो नहीं माने क्योंकि उन्हें हम पर दया आ गई थी।
अब अंकल रोज हमारे घर पर चाय पीकर जाते थे।
मम्मी और उनके बीच शायद दोस्ती हो गई थी।
वो हमारी फाइनेंशियल मदद भी करने लगे थे।
अस्पताल से आते समय कभी खाने का सामान तो कभी कुछ और लाते थे।
थोड़े दिन बाद मेरा जन्मदिन आया।
मेरे पापा ने मुझे जन्मदिन पर फोन भी नहीं किया और ना ही मिलने आए।
मेरी पार्टी का सारा सामान अंकल लाए थे।
इतना ही नहीं, वे मेरे लिए महंगे गिफ्ट भी लाए।
मम्मी ये सब देखकर बहुत खुश हुईं।
मम्मी की नजरों में अंकल की इज्जत बढ़ गई।
उस रात अंकल ने हमारे घर पर खाना खाया और देर रात तक मम्मी के रूम में बातें करते रहे।
उनके जाने के बाद मम्मी ने मुझसे कहा, “काश तेरे पापा भी ऐसे होते!”
मम्मी कई बार अंकल की तारीफ करती थीं।
जब तक अंकल नहीं आते, उनका इंतजार करती थीं।
मम्मी अंकल को देखकर बहुत खुश होती थीं।
कुछ दिन बाद मम्मी के जन्मदिन पर अंकल ने मम्मी के लिए बहुत महंगे कपड़े गिफ्ट किए।
हमने पार्टी भी मनाई।
इस पार्टी में हम तीन ही शामिल थे।
मम्मी ने अपने हाथों से अंकल को केक खिलाया।
पार्टी खत्म होने के बाद मैं सोने चला गया।
मम्मी अंकल के लिए किचन से खाना लाईं।
तभी अंकल ने मम्मी को अपने हाथों से सोने की चैन गले में पहनाई।
मम्मी चौंक गईं और बोलीं, “इसकी क्या जरूरत थी!”
अंकल ने कहा, “ये मेरी तरफ से गिफ्ट है!”
अब मम्मी नए-नए कपड़े पहनने लगी थीं।
एक दिन जब अंकल आए तो मम्मी ने उन्हें अपनी पीठ के दर्द के बारे में बताया।
अंकल ने कहा, “कल अस्पताल से आते समय मैं तुम्हारे लिए तेल लाऊंगा। फिर तुम उससे मालिश कर लेना।”
मम्मी ने कहा, “मैं कैसे मालिश करूंगी? राजेश भी रात को देर तक आता है। आप ही मालिश कर देना!”
अंकल मान गए।
अगले दिन जब अंकल आए तो मम्मी ने सारा काम खत्म करके रूम में आ गईं और रूम का दरवाजा बंद कर लिया।
उसके बाद मम्मी ने अपना ब्लाउज खोल दिया, फिर अपना घाघरा भी उतार दिया।
मम्मी ने रेड कलर की ब्रा पहनी थी।
उनका पेटिकोट भी ट्रांसपेरेंट था, जिससे उनकी पैंटी साफ-साफ दिख रही थी।
अंकल ये सब देखकर हैरान हो गए।
मम्मी लेट गईं और अंकल ने हल्के हाथों से मालिश शुरू कर दी।
मम्मी से सेक्सी आवाजें निकल रही थीं, “हाय… आह… आह!”
मालिश खत्म हुई तो अंकल ने कहा, “आराम मिला?”
मम्मी ने कहा, “आपके हाथों में तो जादू है! मेरा सारा दर्द चला गया!”
अंकल ने कहा, “ये पांच दिन लगातार मालिश करनी होगी!”
अगले दिन बहुत तेज बारिश हो रही थी।
रात के 11 बज चुके थे।
मम्मी अंकल का इंतजार कर रही थीं।
बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी।
मुझे भी अब मम्मी पर शक होने लगा था।
मैं चाहता था कि आज मैं भी मम्मी के रूम की खिड़की से देखूँ कि मम्मी और अंकल के बीच क्या चल रहा है।
कुछ देर बाद अंकल आए।
वो पूरे भीग चुके थे; उनके सारे कपड़े गीले हो गए थे।
मम्मी ने कहा, “आप कपड़े खोल दीजिए, नहीं तो बीमार हो जाएंगे!”
मम्मी अंकल को तौलिया देकर किचन में चली गईं।
अंकल ने सारे कपड़े खोल दिए, बस एक ब्लू कलर की चड्डी पहन रखी थी।
जब मम्मी रूम में आईं और दरवाजा बंद कर लिया, तब मैंने मम्मी के रूम की खिड़की से देखना शुरू कर दिया।
अंकल सिगरेट पी रहे थे और मम्मी की नजर अंकल के लंड पर थी।
मम्मी आईं और सबसे पहले अपना ब्लाउज खोल दिया।
हैरानी की बात ये थी कि मम्मी ने अपनी ब्रा भी खोल दी।
मम्मी के लटकते बूब्स देखकर अंकल की नजरें उनके बड़े-बड़े बूब्स पर अटक गईं।
उसके बाद मम्मी ने अपना घाघरा खोला और बेड पर लेट गईं।
अंकल ने मम्मी की पीठ पर, फिर मम्मी के कहने पर पेट पर और फिर बूब्स पर मालिश की।
मम्मी ने कहा, “मेरे पैरों में भी बहुत दर्द रहता है। वहाँ पर भी मालिश कर दीजिए!”
मम्मी ने अपना पेटिकोट घुटनों तक उठा लिया।
अंकल मालिश करने लगे।
अंकल मम्मी के पैरों के बीच आ गए और दोनों टांगों पर मालिश करने लगे।
फिर अंकल वापस मम्मी के पेट पर मालिश करने लगे।
मम्मी का पेटिकोट का नाड़ा ढीला होने के कारण पेटिकोट घुटनों तक फिसल गया, जिससे मम्मी की ब्लू चड्डी दिख गई।
उसके बाद मम्मी ने खुद अपना पेटिकोट निकाल दिया।
मम्मी खुद चाहती थी कि आज वो अंकल से चुदकर रहेंगी।
दोनों एक दूसरे को देखने लगे।
तभी अंकल ने मम्मी की गोरी मोटी टांगों को अपने कंधों पर रख लिया।
वे पैर से लेकर मम्मी की चूत तक मालिश कर रहे थे।
फिर अचानक लाइट चली गई।
गाँव में तेज बारिश के कारण अक्सर ऐसा होता है।
मम्मी ने अपने दोनों हाथों और पैरों से अंकल को जकड़ लिया।
अंकल मम्मी के ऊपर गिर गए और मम्मी के बूब्स से टकरा गए।
अब दोनों चड्डी में थे।
अंकल मम्मी के नंगे बदन से लिपटे हुए थे।
दोनों पसीने से गीले हो गए थे।
तभी मम्मी अंकल की गर्दन चूमने लगीं।
अंकल मम्मी के गाल चूम रहे थे।
फिर अंकल मम्मी के होठों को चूमने लगे।
लगभग 10 मिनट तक चूम-चाटी चली।
फिर अंकल मम्मी के अंडरआर्म्स (बगल) को चाटने लगे।
मम्मी अंकल के ऊपर बैठ गईं और अंकल की चड्डी के ऊपर से ही लंड मसल रही थीं।
फिर मम्मी ने अंकल की चड्डी के ऊपर से ही लंड मुंह में ले लिया।
मम्मी अंकल की चड्डी सूंघ रही थीं।
फिर मम्मी ने अंकल की चड्डी खोली और अंकल का मोटा लंड मुंह में ले लिया।
मम्मी आधा ही ले पा रही थीं।
तभी अंकल ने मम्मी के बाल पकड़े और पूरा लंड मुंह में दे दिया।
मम्मी के मुंह से बड़ी अजीब आवाजें निकल रही थीं।
20 मिनट तक लंड चूसने के बाद अंकल उठे और बैग से शराब की बोतल निकाली।
पैग बनाने लगे।
पैग चढ़ाने के बाद अंकल मम्मी के ऊपर चढ़ गए और चूत में लंड घुसा दिया।
यह वो दौर था जब मेरी संस्कारी मम्मी एक रंडी बन चुकी थीं।
एक गैर-मर्द उनके ऊपर चढ़कर उन्हें चोद रहा था।
लेकिन ये सब उनकी मर्जी से हो रहा था।
अगर वो चाहतीं तो रोक भी सकती थीं।
अब वो राकेश की रखैल बन चुकी थीं।
मम्मी जोर-जोर से चिल्ला रही थीं।
काश मैं भी मम्मी को ऐसे चोदता! लेकिन इतनी अच्छी किस्मत कहाँ?
अब तो राकेश अंकल मेरी मम्मी की चूत की सवारी कर रहे हैं।
मुझे अंकल से बहुत जलन हो रही थी।
सच में अपनी माँ को गैर-मर्द के साथ नंगी होकर चुदते देखने का मजा ही अलग है।
करीब 10 मिनट तक चोदने के बाद मम्मी ने पोजीशन चेंज की।
अब मम्मी एक गैर-मर्द के आगे घोड़ी बन गईं।
अंकल ने मम्मी की गांड पर जोर से थप्पड़ मारा।
फिर अंकल ने मम्मी की गांड में अपना लंड घुसा दिया।
पूरे रूम में “पट्ट पट्ट पट्ट पट्ट” की आवाज गूंज रही थी।
मम्मी का पूरा शरीर हिल गया।
उसके बाद मम्मी अपनी पहले वाली पोजीशन में आ गईं।
लगता है अंकल को सामने से चोदना ज्यादा पसंद था।
इस बार चुदाई अलग ही लेवल की हो रही थी।
मैं साफ देख पा रहा था।
मानो अंकल का लंड मम्मी की चूत को चीरते हुए जा रहा था।
मम्मी की चूत सड़ रही थी। उसमें से बदबू आ रही थी, मगर मेरे लिए ये मेरे नए पापा और मम्मी की चुदाई की खुशबू थी।
अब अंकल का माल निकलने वाला था।
अंकल ने मम्मी की चूत से लंड निकाला और बाल पकड़कर लंड मुंह में दे दिया।
सारा माल मम्मी ने पी लिया।
उसके बाद अंकल मम्मी के ऊपर सो गए।
दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे लगभग आधे घंटे तक।
फिर अंकल उठे और कपड़े पहनने लगे।
मम्मी ने अपनी चड्डी पहनी।
अंकल जाने लगे तो बोले, “कल वापस आऊंगा, तैयार रहना!”
मम्मी बस एक चड्डी पहने थीं।
अंकल ने मम्मी की गांड पकड़ी और उन्हें किस करके चले गए।
बिल्कुल हॉलीवुड मूवी की तरह!
अगले दिन शाम का टाइम था।
मम्मी सज-सवर रही थीं।
थोड़ी देर में अंकल आए।
मम्मी ने मुझसे कहा, “मैं अंकल के साथ अस्पताल जा रही हूँ, अपनी कमर का इलाज कराने। घर का ध्यान रखना!”
मम्मी अंकल के साथ बाइक पर पीछे बैठकर चली गईं।
लेकिन हमारे गाँव में एक ही अस्पताल था और अंकल-मम्मी दाएँ तरफ गए थे जो अंकल के गाँव का रास्ता था।
मैं समझ गया कि अंकल मम्मी को अपने घर ले गए हैं चोदने के लिए।
रात के 11 बजे अंकल मम्मी को ड्रॉप करके चले गए।
तो माय मॅाम सेक्स कहानी कैसी लगी आपको?
ये सच है।
अगले पार्ट में मेरी मम्मी अंकल से शादी कर लेती हैं और उनका बच्चा भी हो जाता है।
अगला पार्ट जल्दी लेकर आऊंगा।