हॉट लड़की Xxx कहानी में मैंने अपने फ्लैटमेट की गर्लफ्रेंड को अनजाने में चोद दिया. उसे भी अच्छा लगा तो उसके साथ बहुत बार सेक्स हुआ.
दोस्तो, हुआ यूं कि एक बार मैं एक स्पोर्ट ट्रिप पर गया था और मेरे रूममेट के दो दोस्त और आ गए तो पूरा फ्लैट भर गया था.
उसके सारे दोस्त एक रूम में थे और उसकी गर्लफ्रेंड मेरे रूम में थी.

मुझे अगले दिन आना था लेकिन हम सेमीफइनल हार गए थे तो मैं पहले ही फ्लैट में आ गया था.
मैं रात में दो बजे आया.
मेरे पास फ्लैट की चाभी थी तो मैंने ताला खोला और सीधा अपने रूम में घुसा.
उधर देखा कि बेड पर कोई सो रहा था.
मुझे ये पता नहीं था कि नयन के फ्रेंड आये हैं और उसकी गर्लफ्रेंड किंज़ा मेरे रूम में सो रही है.
मुझे लगा ये मेरी गर्लफ्रेंड पारुल है.
कमरे में घुप्प अंधेरा था तो मैं उसको पहचान नहीं पाया था और अंधेरे के कारण उसने भी मुझे पहचाना नहीं था.
चूंकि मैं एक हफ्ते से लगातार बाहर था और मेरे लंड में खासा तनाव था, मुझे चुदाई की भारी तलब लगी हुई थी.
मतलब चुदाई का नशा अपने चरम पर था.
मैंने सोचा कि आज तो मैं पारुल को सरप्राइज करके चोदूंगा.
मैंने यही सोचा तो एकदम से मूड बन गया और लंड कड़क हो गया.
मैंने उसको कसके पकड़ लिया और उसके बूब्स दबाने लगा.
किंज़ा ने कुछ बोलने की कोशिश की तो मैंने उसके मुँह पर अपना हाथ रख दिया और बूब्स को मसलते हुए उसकी गर्दन पर प्यार से किस किया.
मैं बोला- डार्लिंग, एक हफ्ते से कुछ नहीं किया … प्लीज अभी कुछ मत बोलो … बस चोदने दो. तुमको तो मेरी भूख पता है ना … चोदना है तो चोदना है.
उसका विरोध रुक गया और मैंने उसके मम्मों को आजाद कर दिया.
मैं एक दूध को चूसने लगा और दूसरे को मसलने लगा.
हालांकि मुझे कुछ अलग सा अहसास हो रहा था, न जाने क्यों मुझे उसके बूब्स जाने पहचाने से नहीं लगे थे.
आते हुए मुझे किंज़ा की स्लीपर मेरे रूम के बाहर दिखी थीं तब मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया था.
पर अब उसके दूध पकड़ते ही मैं समझ गया कि ये लड़की किंज़ा है और उसको पता है कि मैं उसको चोद रहा हूँ.
इसका मतलब है कि वह खुद जानबूझ कर मुझसे चुदना चाह रही है.
यह सोचते ही मेरे होंठों पर मुस्कान आ गई और एक नई चुत का स्वाद चखने के लिए मैंने भी इस राज को राज ही रखते हुए उसकी लेने का मन बना लिया.
इधर मैं आपको किंज़ा के बारे में बता दूँ.
वह दिखने में एकदम शरीफ लड़की है. हर वक़्त सलवार सूट पहनती है. उसमें किसी भी तरह के छोटे या सेक्सी कपड़े पहनने की आदत नहीं है लेकिन तब भी वह सलवार सूट में बहुत कामुक माल लगती है.
वह बातें भी बिल्कुल सधी हुई करती है.
उसमें खुद को शो करने की कोई चाह नहीं है.
वह बस अपने काम से काम रखती है.
देखने में वह बेहद खूबसूरत है. उसके फिगर को देख कर लगता था कि वह अपने बॉयफ्रेंड से भी नजाकत से चुदती होगी.
अब मैंने किंज़ा के बूब्स को जोर जोर से मसलना चालू कर दिया और उसके दोनों दूध बारी बारी से दबा दबा कर पीने लगा.
साली हॉट माल निकली थी किंज़ा … कमाल के टाइट बूब्स थे उसके!
मैंने उनको मसल मसल कर खूब चूसा और उसको पूरी नंगी कर दिया.
मैं उसके पेट को चूमने लगा और बोला- रेडी हो ना आज के नये एडवेंचर क मजा लेने के लिए?
उसने कुछ जबाव नहीं दिया.
शायद उसे लग रहा था कि मैं उसे पारुल समझ कर चोद रहा हूँ तो वह चुप ही रही.
मैंने किंज़ा की गांड को सहलाया और उसके एक तरफ के चूतड़ पर एक हल्की सी थाप मारी और अपनी एक उंगली उसकी चुत में घुसेड़ दी.
किंज़ा की चुत एकदम गीली थी तो मेरी उंगली सट से अन्दर घुसती चली गई.
मैं मस्ती से उसकी चुत में अपनी उंगली को अन्दर बाहर करते हुए उसके दूध को चूसने लगा.
कुछ देर बाद मैंने अपना मुँह उसकी चुत पर लगा दिया और चुत चाटने लगा.
चुत चटने से किंज़ा मस्ती में पागल हो गई और मेरे सर को वह अपनी चुत पर दबाने लगी.
उसने अपने दोनों पैरों के बीच मेरे सर को फंसा लिया और गांड उठा कर अपनी चुत चुसवाने लगी.
कुछ देर बाद मैं उसकी चुत से मुँह हटा कर सरका और ऊपर आ गया.
मैं अब किंज़ा के होंठ चूसने लगा और उसे उसकी चुत के रस से परिचित करवाने लगा.
वह शायद पहली मर्तबा अपनी चुत के रस को चख रही थी तो वह मेरे होंठों को अपने होंठों में दबा कर खूब जोर जोर से पी रही थी.
फिर उसने अपने मुँह में मेरी जीभ को खींच लिया और मेरी लार को पीने लगी.
उधर मैं उसके ऊपर चढ़ा हुआ था तो मेरा लंड किंज़ा की चुत की दरार में लड़ने लगा था.
मैं भी अपने कड़क लंड को चुत में फिराने लगा.
चुत की गर्मी लंड महसूस कर रहा था. उसकी चुत के होंठ मेरे लंड को चूम रहे थे.
कुछ देर तक मैंने उसके होंठों को मस्ती से चूसा और जैसे ही मेरे लंड ने चुत में जाने वाले रास्ते में अपनी मुंडी फँसाई मैंने उसी पल झटका दे दिया और एक ही झटके में मेरा आधा लंड चुत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया.
किंज़ा की चुत टाइट थी, हो भी क्यों ना, मेरा लंड साढ़े आठ इंच लम्बा और मोटा बांस सरीखा था.
आधा लंड चुत में घुसवाते ही किंज़ा ने आह की आवाज निकालनी चाही मगर मेरे मुँह का ढक्कन उसके मुँह पर जमा हुआ था तो वह कुछ कह ही न सकी.
अब मैंने उसे आधे लंड से ही चोदना चालू कर दिया था तो वह भी लंड से लड़ने लगी थी और उसने मुझे नोचना शुरू कर दिया था.
कुछ पल बाद मैंने कमर को हल्का सा पीछे करके एक जोर का झटका मारा और पूरा लंड चुत की जड़ में ठांस दिया.
किंज़ा ने दर्द से कराह कर मेरी पीठ अपने नाखूनों से खुरच सी दी.
उसकी ‘उह्ह मर गई …’ की आवाज़ निकल गयी और वह मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी.
उसकी चूत बहुत टाइट थी, शायद अब तक उसने इतना बड़ा लंड अपनी चुत में लिया ही नहीं था.
कुछ पल रुकने के बाद मैंने उसको चूमना चाटना शुरू कर दिया था.
उसके मम्मों को मैंने हल्के हल्के से दबाना शुरू किया और बारी बारी से उसके दोनों दूध चूसने और पीने लगा.
जब मैं एक दूध को चूसता, उस वक्त मैं उसके दूसरे दूध को मसल कर मजा लेने लगता.
वह भी मस्त होने लगी थी और गांड उठा कर लंड से चुदने का मजा लेने लगी थी.
कुछ देर बाद मैंने एक बार अपना लंड चुत से बाहर निकाला और दुबारा तेज झटके के साथ पूरा लौड़ा चूत में पेल दिया.
किंज़ा की चीख निकल गयी.
अपनी चीख को दबाते हुए उसने मेरी छाती पर अपना सर दबा लिया और मुझे कसके जकड़ लिया.
मैं बोला- आह जान बस थोड़ी देर और झेल लो … आह मजा आ रहा है.
मैं उसको पूरी ताकत से चोदने लगा.
मैं अब जोर जोर किंज़ा को चोद रहा था.
उसकी चुत शायद पानी छोड चुकी थी तो उसकी पकड़ ढीली पड़ गयी थी.
वह मेरी पीठ सहलाती हुई मुझसे चुदवाने लगी और मुझे चूमने लगी.
उसके मुझे चूमने का तरीका बिल्कुल अलग था.
वह मुझे ऐसे प्यार से चूम रही थी, जैसे थैंक्यू बोल रही हो.
करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद उसकी चूत ने पुनः पानी छोड़ दिया.
उसकी चूत से गर्म लावा निकलने लगा था.
मेरा लंड उसकी गर्मी को महसूस कर रहा था.
मैं उसको चोदता रहा.
मेरा लंड अब बड़े आराम से उसकी चूत को खोद रहा था.
कुछ मिनट बाद मैंने बिना किंज़ा से पूछे उसकी चूत में ही अपना सारा वीर्य निकाल दिया और निढाल होकर उसके ऊपर ही ढह गया.
मैंने उसको अपनी भुजाओं में कस कर पकड़ा और खुद से चिपका कर होंठों को प्यार से चूमने लगा.
अंधेरे में हम एक दूसरे को देख नहीं सकते थे लेकिन हम दोनों को पता था कि हम कौन हैं.
मैं बोला- मजा आया डार्लिंग?
उसने केवल ‘हुं’ करके सहमति दी और हम दोनों चिपक कर सो गए.
उसके सोने के बाद मैं रूम से बाहर आया और हॉल में सोफे पर सो गया.
सुबह नयन ने उठाया- तू कब आया?
मैंने उसको बताया कि रात में … तुम लोग सो रहे थे और रूम में किंज़ा थी तो मैं यहां सो गया.
अब तक किंज़ा भी उठ कर बाहर आ गयी थी और वह नयन के बगल में बैठ गयी.
उस वक्त किंज़ा के चेहरे पर अलग ही संतुष्टि के भाव नजर आ रहे थे.
हम दोनों ने एक दूसरे से नॉर्मल बर्ताव किया और फिर अपने अपने काम में लग गए.
कुछ देर बाद नयन के दोस्त चले गए.
मुझे दुख हुआ क्यूंकि किंज़ा की चूत में अलग जादू था.
मुझे दुबारा उसको चोदना था.
पूरा दिन निकल गया और शाम को नयन की किंज़ा से किसी बात पर लड़ाई हो गयी.
किंज़ा नाराज होकर लेट गयी.
नयन ने कई बार उसे मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी.
फिर नयन मेरे रूम में आया और बोला- बहनचोद अजय यार … ये रिलेशनशिप साला बवाल है.
उसने लड़ाई की वजह बताई और बोला- तू ही समझा जाकर उसे!
मैं बोला- समझा दूंगा … वह मेरी बात सुनेगी.
नयन बोला- तेरी बात कौन लड़की नहीं सुनती यार … प्लीज समझा उसको. आज मैं मूड में हूं. बहनचोद को बिना मनाये ठोक दूंगा तो लड़ाई और बढ़ जाएगी.
मैं बोला- तू बैठ यहीं, जब तक मैं उसे समझा कर वापस नहीं आता, उधर मत आना. नहीं तो पता लगे कि वह तुझे देख फिर से गुस्सा हो जाए.
मैं नयन के रूम में गया.
कमरे की लाइट ऑफ थी किंज़ा का मुँह दूसरी तरफ था.
मैंने रूम लॉक किया और शॉर्ट्स निकाल कर बेड पर चढ़ गया.
किंज़ा तकिये में मुँह दबाए औंधी लेटी थी.
मैं जाकर उसके ऊपर लेट गया.
किंज़ा बोली- नयन हट जाओ. अभी नहीं … मूड बहुत खराब है.
मैंने उसका मुँह तकिये में हल्का दबा कर उसकी शॉर्ट्स को पैंटी के साथ नीचे खींचा और उसकी चूत की दरार को ढूंढ कर लंड को उस पर टिका दिया.
फिर अपने साढ़े आठ इंच के बांस को मैंने एक ही झटके में उसकी चूत में उतार दिया.
किंज़ा लंड लेते ही समझ गयी मैं चोद रहा हूं.
वह चुप रही और कमर उठा कर उसने चूत का मुँह मेरे लंड की तरफ कर दिया.
मैंने अब उसके दूध पकड़ कर उसकी चूत में अनगिनत झटके देने चालू कर दिए.
वह भी ऊँह आंह करती हुई मेरे लंड से चुत का भर्ता बनवाती रही.
फिर मैंने उसकी चुत से लंड निकाला और बैठ गया.
उसने आंखें बंद कर ली थीं.
मैंने उसको खींच कर सीधा किया और अपने लंड पर बिठा कर उसको उछाल उछाल कर चोदने लगा.
आह आज तो कमाल ही हो गया था.
नयन को क्या पता था कि उसकी गर्लफ्रेंड को मैं अपने लौडे से मना रहा हूँ.
इस लोटस स्टाइल में उसको चोदते चोदते मैंने वापस से उसको सीधा लिटा लिया और उसकी चूत में तूफ़ान ला दिया.
उउउह उउउन्ह करके किंज़ा मस्त ठुक रही थी.
हम दोनों की ये ताबड़तोड़ चुदाई 20 मिनट तक चली और उसके बाद मैंने अपना पूरा माल उसके मुँह में निकाल दिया.
वह मेरे लंड का पूरा माल पी गयी.
मैंने उसकी गर्दन पकड़ उसके माथे पर किस किया और कहा- अब उम्मीद है मान जाओगी. इससे अच्छा मनाना नहीं आता मुझे!
गज़ब की चुदाई चल रही थी अंधेरे में किंज़ा मेरे लंड को बिल्कुल अपना समझ कर मजे से ले रही थी.
किंज़ा को मेरा लंड पसंद आ गया था और उसको पता था कि मैं उसे चोदने के लिए अंधेरा ढूढ़ ही लूँगा.
बाहर आकर मैंने नयन से कहा- जा भाई मान गयी भाभी.
रूम में जाते ही नयन ने दरवाजे को लॉक किया और किंज़ा को नंगी करके चोदने लगा.
आधा घंटा बाद किंज़ा रूम से बाहर आयी तो वह गज़ब की खुश थी.
हो भी क्यूं ना … उसकी चुत को 2 लंड जो मिल गए थे.
उसको एक घंटे में थकान भरी चुदाई ने मस्त कर दिया था.
हमारा ये सिलसिला 2 साल तक चला.
फिर उस दिन कॉलेज का आखिरी दिन था.
हमारा पेपर खत्म होने के बाद सब एक-दूसरे से मिल रहे थे.
किंज़ा बोली- तुम लोग एन्जॉय करो, मैं एचओडी से मिल कर अभी आती हूं.
आज तक हमने सिर्फ चुदाई की है लेकिन इस टॉपिक पर कभी बात नहीं की.
बस एक समझौता सा था कि बेशर्मी अंधेरे में करेंगे लेकिन चर्चा नहीं करेंगे.
चुदाई के बाद वापस ये राज सिर्फ राज ही रहेगा … न नयन को मालूम होगा और न पारुल को कि हम दोनों ने चुदाई का मजा लिया है.
जब उसने कहा कि वह एचओडी से मिलने जा रही है तो मैं बोला- चलो मैं भी मिल लूंगा.
हम दोनों उनके ऑफिस में गए तो उधर एचओडी मेम नहीं थीं.
सिर्फ उनका पियून था.
किंज़ा ऑफिस में अन्दर घुस गयी थी.
मैंने पियून को हजार दिए और बोला कि ऑफिस लॉक करके जा कहीं घूम आ!
वह हंसा और बोला- ठीक है भईया, आप मजे करो.
वह पियून हमारा चेला था और हम लोगों के सारे कर्मकांड जानता था.
उसके लिए ये नया नहीं था.
हम लौंडों ने पहले भी एचओडी के ऑफिस में कई बार लड़कियां ठोकी थीं.
सुन तो ये भी था कि खुद एचओडी भी लड़कों से चुदवाती हैं, लेकिन मैंने उन्हें कभी नहीं चोदा था.
मैं अन्दर आया और पियून मेरे साथ ही अन्दर आकर दिखावे के लिए बोला- भैया आप दोनों वेट करो … मेम कहीं काम से गई हैं अभी आधा घंटा में आ जाएंगी. मैं जरा फाइल देने जा रहा हूँ तो मुझे भी आधा घंटा लगेगा.
यह कह कर वह मुस्कुरा दिया और बाहर चला गया.
फिर जैसे ही उसने दरवाजा लॉक किया, मैंने किंज़ा की चेयर को घुमाया और उसके होंठों को चूसने लगा.
आज पहली बार हम एक-दूसरे को लाइट में देख कर ये सब करने वाले थे.
किंज़ा चौंक गयी और बोली- अजय क्या कर रहे?
मैं बोला- वही, जो अब तक अंधेरे में करता आया हूं. आज रोशनी में तुम्हारी खूबसूरती को निहारूंगा.
किंज़ा- यहां नहीं प्लीज … कोई आ जाएगा.
मैं बोला- सबसे सेफ जगह है ये. आज तक तुम्हें चुदाई के वक़्त कभी कोई समस्या मिली? मुझ पर भरोसा करो.
किंज़ा को मैंने एचओडी ऑफिस में पूरी नंगी कर दिया था.
आज मैं पहली बार उसके बदन को अच्छे से देख पा रहा था.
उसकी खरबूजे जैसी चूचियां एकदम टाइट थीं, उसके निप्पल हार्ड हो चुके थे.
उसकी चूत गोरी थी और बिल्कुल साफ थी … झांट का एक बाल भी नहीं था चुत पर.
उसकी गांड का उभार ऐसा मादक, जिसको देख कर ही मेरा लंड कुतुबमीनार बन गया था.
अब मैंने उसको एचओडी की बड़ी कुर्सी पर बिठाया, उसकी टांग के बीच में आकर बैठ गया और उसकी चूत की फांकों को खोला तो अन्दर पिंक रसीला भाग नज़र आया.
मैंने जीभ डाल दी और उस लाल मांसल चुत को दम भर चूसने लगा.
वह भी गांड उठा उठा कर चुत चुसवा रही थी.
उसकी चूत के दोनों होंठों को मैंने मुँह में भरा और दाने को दबा कर चूसने लगा.
किंज़ा के लिए ये पहला अनुभव था.
अब तक बस मैंने उसको पटक पटक कर बस बजाया ही था.
आज उसकी चूत का रसपान उसकी नजरों के सामने पहली बार कर रहा था.
किंज़ा मस्त होकर मेरे बाल नोच रही थी.
वह बोली- अजय, कोई आ जाएगा बाबू … प्लीज बस करो … बाद में मुझे बंद कमरे में जैसे मन करे चोद लेना! प्लीज अब चलो नहीं तो नयन आ जाएगा.
मैं बोला- डार्लिंग, ये ऑफिस मेरी कस्टडी में है … कॉलेज के बहुत रंडापे इस ऑफिस में किये हैं मैंने … और आज तक किसी बहन के लौड़े की हिम्मत नहीं हुई कि वह मेरी चुदाई में टांग अड़ाए.
यह बोल कर मैं खड़ा हुआ और लंड निकाल कर किंज़ा के मुँह के आगे कर दिया.
मैंने कहा- चूसो इसको और चूस चूस कर रस पियो आज तुम!
किंज़ा मेरा लंड पकड़ कर मेरे अंडकोषों को मुँह में लेकर चूसने लगी और लंड को ऊपर नीचे करने लगी.
वह बोली- जब से तुमने चोदना शुरू किया है डार्लिंग … नयन का लंड तो मेरी चुत को समझ में ही नहीं आता है. तुम चुदाई के मास्टर हो अजय … जब पहली बार तुमने मुझे पेला था न तो मेरी चुत फट गई थी. मैं चिल्लाना चाह रही थी लेकिन तुम्हारे इस मूसल को खो न दूँ इसलिए चुप पड़ी चुदवाती रही. जिंदगी में मुझे इससे अच्छा लंड शायद ही मिल पाएगा.
यह सब बोलती हुई वह मेरे लंड को 15 मिनट अच्छे से चूसती रही.
अब मैंने एचओडी की डेस्क से सामान हटाया और किंज़ा को उस पर चढ़ा दिया.
वह अपनी टांगें हवा में उठाए एकदम रंडी की तरह लंड लेने को रेडी बनी हुई थी.
मैं झट से टेबल पर चढ़ गया और उसकी एक टांग को अपनी कमर में लपेट कर नीचे से अपने लंड को उसकी चूत के आस पास रगड़ने लगा था.
मेरा लंड तना हुया था.
लौड़े ने चूत का छेद खुद ढूँढा. चूत पानी छोड़ रही थी और गर्म थी.
मैंने लंड को प्यार से चूत पर लगाया और अन्दर घुसा दिया.
किंज़ा ने मुझे गले लगा रखा था.
मैं डेस्क पर उसको चित करके चोद रहा था.
मेरे हर झटके से वह उचक जाती थी.
अब मैंने उसकी कमर पकड़ी और उसे आधा उठा लिया.
किंज़ा ने अपने दोनों पैरों से मेरी कमर जकड़ ली और वह झूला झूलने के अंदाज में मुझसे लटकी हुई थी.
मैंने किंज़ा को हवा में उठाया और अपने लंड पर टांग कर उसको लंड की सवारी कराना शुरू कर दी.
उसकी गांड पर मेरे हाथ जमे हुए थे और वह लौड़े से रगड़ रगड़ कर अपनी चुत की खुजली मिटवा रही थी.
थोड़ी देर बाद मैंने उसको लंड से उतारा और डेस्क के किनारे पकड़ खड़ा करके झुका दिया.
उसकी गांड फैली हुई थी तो चुत के छेद साफ लपलप करता हुआ दिख रहा था.
मैंने उसको घोड़ी बना दिया था, पीछे से उसकी चुत में लंड पेल कर उसे चोदने लगा.
उसकी चूत बहुत रसीली थी और मैं चुदाई की हवस में उसको जोर जोर से बजा रहा था.
एचओडी का ऑफिस फच फच की आवाज़ से गूंज रहा था.
आधा घंटा तक मैंने किंज़ा को एचओडी ऑफिस में तबियत से बजाया और उसको दो बार झाड़ भी दिया.
आखिर में मैंने अपना पूरा माल उसकी चूत में भर दिया.
उसकी चूत से वीर्य टपक रहा था और फर्श पर बिछे कार्पेट पर निशान बना रहा था.
मैंने उसको उसकी पैंटी नहीं दी और उससे कहा- आज तुम बिना पैंटी के सलवार पहनो, नीचे नंगी रहोगी.
हॉट लड़की Xxx बात पर हंस दी और मुझे फर्श पर वीर्य के दाग दिखाने लगी.
मैंने भी हंस दिया कि मां चुदाने दो … उस चपरासी को पांच सौ रुपए दे दूंगा, वह सब साफ कर देगा.
इसके बाद हम दोनों कपड़े पहन कर बाहर आ गए.
बाहर चपरासी बैठा था.
मैंने उसे पांच सौ रुपए और देते हुए कहा- अन्दर सब साफ कर देना.
वह सलाम ठोकता हुआ हंस दिया.
उसके बाद कॉलेज तो खत्म हो गया था लेकिन किंज़ा मेरे संपर्क में रही और वह मुझसे कई बार चुदी.
कॉलेज के बाद उसका नयन से ब्रेकअप हो गया था और उसने किसी इंजीनियर लड़के से शादी कर ली थी.
मैं उसकी शादी में भी गया था और उधर उसके शादी के जोड़े में ही मैंने उसको वाशरूम में ले जाकर काफी देर तक चोदा था.
किंज़ा की आंखों में आखिरी बेशर्म चुदाई के बाद आंसू आ गए थे.
ये हमारी आखिरी चुदाई थी.
आपको ये हॉट लड़की Xxx कहानी कैसी लगी, प्लीज मेल करके जरूर बताएं.